
Animal Bites First Aid: पालतू या आवारा जानवरों और पक्षियों के काटने से गंभीर खतरा हो सकता है। कुत्ता, बिल्ली, चूहा, छिपकली या तोता जैसे जानवरों के काटने से संक्रमण और बीमारी हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत सही प्राथमिक उपचार करना जरूरी है। अगर सही समय पर कदम उठाए जाएं, तो जान बच सकती है। यह खबर हर व्यक्ति को जानवरों के काटने से बचाव के लिए जागरूक करती है।
जानिए जानवर क्यों काटते हैं?
जानवर या पक्षी डर, गुस्सा, भूख या अपनी रक्षा के लिए काट सकते हैं। अगर कोई जानवर खाते समय परेशान हो या उसके बच्चे पास हों, तो वह आक्रामक हो सकता है। बिना उकसाए भी कुछ जानवर काट लेते हैं, जैसे आवारा कुत्ते या तनाव में पक्षी। उनके मुंह में बैक्टीरिया होते हैं, जो घाव के जरिए शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
Animal Bites First Aid: काटने पर तुरंत क्या करें?
1 कुत्ता: कुत्ते के काटने से रेबीज का खतरा होता है। भारत में हर साल लाखों लोग कुत्तों के काटने का शिकार होते हैं। घाव को 15 मिनट तक साबुन और पानी से धोएं, फिर एंटीसेप्टिक पट्टी बांधें। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
2 बिल्ली: बिल्ली के काटने से बैक्टीरिया फैल सकता है। घाव को पानी और साबुन से धोकर एंटीसेप्टिक लगाएं। डॉक्टर से सलाह लें।
3 चूहा: चूहे के काटने से हल्का दर्द या एलर्जी हो सकती है। घाव को साफ करें और एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं।
4 छिपकली: आम छिपकली का काटना खतरनाक नहीं, लेकिन घाव को साफ करें। अगर सूजन या दर्द हो, तो डॉक्टर को दिखाएं।
5 तोता: तोते के काटने से सिटाकोसिस जैसे इंफेक्शन हो सकते हैं। घाव धोकर डॉक्टर से संपर्क करें।
Animal Bites First Aid: कैसे करें बचाव?
जानवरों को छेड़ने से बचें। खासकर खाते या सोते समय उन्हें परेशान न करें। पालतू जानवरों को रेबीज का टीका लगवाएं। अगर कोई जानवर अजीब व्यवहार करे, तो तुरंत दूरी बनाएं।