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Ranchi News: रांची की बेटी दुबई में बंधक, नौकरी के नाम पर यूएई भेजी गई मोनिका, मां ने विदेश मंत्रालय से लगाई वापसी की गुहार

Ranchi News: रांची के छोटा घाघरा इलाके की रहने वाली मोनिका को दुबई में बंधक बनाकर काम कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उन्हें यूएई भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया। इसके बाद अरबी भाषा में लिखे दस्तावेज पर उनसे हस्ताक्षर कराए गए और अलग-अलग घरों में घरेलू काम कराया जाने लगा।

मोनिका की मां रतना कच्छप ने इस मामले में प्रियंका, रितेश, मो. मेराज अंसारी और आमेड ट्रेंड के मैनेजर के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। साथ ही उन्होंने विदेश मंत्रालय से बेटी को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।

Ranchi News: ऑनलाइन संपर्क से शुरू हुआ नौकरी का झांसा

पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक मोनिका का ऑनलाइन माध्यम से एक एजेंट से संपर्क हुआ, जो एएमडी ट्रेंड सॉल्यूशन से जुड़ा बताया गया। एजेंट ने विदेश में नौकरी के साथ भोजन और आवास उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इसी भरोसे पर मोनिका आगे बढ़ीं।

रतना कच्छप के अनुसार मोनिका ने 22 अप्रैल को फोन पे के जरिए प्रियंका को 15 हजार रुपये भेजे। इसके बाद प्रियंका ने टिकट के लिए और पैसे मांगे। मोनिका ने सारी रकम दे दी और फिर विदेश जाने की तैयारी की।

शारजाह पहुंचते ही जब्त हुआ पासपोर्ट

मोनिका पांच मई को दिल्ली एयरपोर्ट से शारजाह पहुंचीं। शिकायत में कहा गया है कि वहां एजेंसी की ओर से आए कार चालक ने उनका पासपोर्ट तुरंत अपने कब्जे में ले लिया। यही वह मोड़ था, जहां से उनकी मुश्किलें शुरू हुईं।

अगले दिन उन्हें अजमान स्थित बैंड मील के 24वें फ्लोर पर बने एक दफ्तर में ले जाया गया। परिवार का कहना है कि इसके बाद मोनिका की आजादी पर पाबंदी लगती चली गई।

अरबी भाषा के दस्तावेज पर जबरन हस्ताक्षर का आरोप

शिकायत में रितेश और मेराज अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने मोनिका पर दबाव बनाकर अरबी भाषा में लिखे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए। उनका फोन भी ले लिया गया। आरोप यह भी है कि प्रियंका से व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत डिलीट कर दी गई।

इसके बाद वीडियो कॉल पर किसी से उनकी बात कराई गई। मोनिका को बताया गया कि उन्होंने 12,600 दिरहम का लोन लिया है और 25 मई तक रकम नहीं चुकाने पर उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

बिना वर्क परमिट अलग-अलग घरों में भेजे जाने का आरोप

आवेदन के अनुसार करीब एक महीने बाद मोनिका को वहां से निकालकर 22 जून को बिना वर्क परमिट के एक घर में बुजुर्ग की देखभाल के लिए भेजा गया। भाषा की समस्या के कारण अगले दिन उन्हें वापस दफ्तर लाने का दावा किया गया है।

इसके बाद एक जुलाई और फिर 16 जुलाई को उन्हें अलग-अलग घरों में काम के लिए भेजा गया। परिवार का कहना है कि अरबी भाषा नहीं आने की वजह से मोनिका को वहां मानसिक परेशानी और प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

झाड़ू-पोछा, बर्तन और सफाई का काम, प्रताड़ना के आरोप

शिकायत के मुताबिक मोनिका को मोहम्मद मेराज अंसारी के घर ले जाया गया। वहां करीब एक महीने तक उनसे झाड़ू-पोछा, बर्तन और वॉशरूम साफ करने का काम कराया गया। परिवार का आरोप है कि इस दौरान उन्हें प्रताड़ित भी किया गया। परिवार का यह भी कहना है कि मोनिका अपनी इच्छा से भारत वापस नहीं लौट सकीं। यानी विदेश में रोजगार का वादा आखिरकार जबरन काम की स्थिति में बदल गया।

आवेदन में कहा गया है कि मोनिका ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देकर भारत लौटने की इच्छा जताई। इस पर मोहम्मद मेराज अंसारी ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि उनसे कहा गया कि कंपनी के खाते में मोटी रकम जमा किए बिना उन्हें भारत नहीं जाने दिया जाएगा।

शिकायत में यह भी लिखा है कि मोनिका को धमकी दी गई कि रकम न देने पर वह दुबई में ही फंसी रह जाएंगी और उन्हें कोई काम नहीं देगा। कितनी रकम मांगी गई, इसका ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

एफआईआर दर्ज, अब मंत्रालय और पुलिस की भूमिका पर नजर

रतना कच्छप की शिकायत पर एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। नामजद आरोपियों की ओर से अब तक कोई पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस जांच में क्या कार्रवाई हुई या किसी की गिरफ्तारी हुई या नहीं, इसकी जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

मां ने विदेश मंत्रालय से बेटी को सुरक्षित वापस लाने की अपील की है। अब देखना होगा कि मंत्रालय और भारतीय मिशन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। ऐसे मामलों में विदेश जाने से पहले एजेंट और कंपनी की वैधता जांचना, और आधिकारिक रास्तों से ही रोजगार लेना जरूरी माना जाता है।

रांची के छोटा घाघरा की मोनिका को विदेश में नौकरी का भरोसा देकर दुबई भेजे जाने और वहां पासपोर्ट जब्त कर बंधक की तरह काम कराने का आरोप सामने आया है। परिवार के मुताबिक अरबी दस्तावेज पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए, लोन के नाम पर डराया गया और अलग-अलग घरों में काम कराया गया। मां रतना कच्छप ने चार नामजद लोगों के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है और विदेश मंत्रालय से बेटी की सुरक्षित वापसी की मांग की है। आरोप फिलहाल शिकायत पर आधारित हैं और जांच का इंतजार है।

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Author: Sanjna Gupta

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