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Ravivar Puja Vidhi: रविवार की सुबह सूर्य को अर्घ्य क्यों दिया जाता है, पूजा विधि और दान की परंपराएं

27 सितंबर 2026
Ravivar Puja Vidhi
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Ravivar Puja Vidhi: हिंदू परंपरा में रविवार को मुख्य रूप से सूर्य देव की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार रविवार सूर्य देव को समर्पित दिन माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता में सूर्य को नवग्रहों का प्रधान ग्रह कहा जाता है। इसलिए इस दिन सूर्य देव की आराधना विशेष रूप से की जाती है।

इस लेख में रविवार को किस भगवान की पूजा करनी चाहिए, पूजा क्यों की जाती है, अर्घ्य कैसे दें, पूजा विधि क्या है, कौन से उपाय और दान परंपरा में शुभ माने जाते हैं, यह सरल भाषा में बताया गया है। ये बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

रविवार को किस भगवान की पूजा करनी चाहिए?

रविवार को किस भगवान की पूजा करनी चाहिए, इस प्रश्न का सबसे आम उत्तर सूर्य देव है। परंपरा में इस दिन उगते सूर्य को जल अर्पित करना प्रमुख माना जाता है। कुछ स्रोतों में रविवार को भगवान विष्णु, मां दुर्गा और भैरव की पूजा का भी उल्लेख मिलता है। मुख्य आराधना फिर भी सूर्य देव से जुड़ी मानी जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य प्रकाश, ऊर्जा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े हैं। ज्योतिषीय मान्यता में कुंडली के सूर्य को आत्मा, पिता, अधिकार और नेतृत्व से जोड़ा जाता है। इसलिए रविवार की पूजा सूर्य देव पर केंद्रित रहती है।

रविवार को पूजा क्यों की जाती है?

रविवार को पूजा इसलिए की जाती है क्योंकि यह दिन सूर्य देव को समर्पित माना गया है। परंपरा में माना जाता है कि सुबह सूर्योदय के समय की गई आराधना दिन भर सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी रहती है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दिन की गई पूजा सूर्य ग्रह से जुड़े भावों को संतुलित करने का प्रयास मानी जाती है।

धार्मिक ग्रंथों और लोक परंपरा में सूर्य को जीवन का आधार कहा गया है। इसी कारण रविवार की सुबह स्नान के बाद अर्घ्य देना सबसे सरल और प्रचलित अभ्यास माना जाता है। कुछ परिवार इस दिन व्रत भी रखते हैं, लेकिन यह अनिवार्य नहीं बताया गया है।

रविवार की पूजा विधि क्या है?

रविवार की पूजा विधि सरल है। सबसे पहले सुबह जल्दी उठना, स्नान करना और स्वच्छ वस्त्र पहनना बताया जाता है। इसके बाद सूर्योदय के समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। घर के मंदिर में दीपक, धूप और सरल भोग भी लगाया जा सकता है।

पूजा के समय प्रचलित मंत्र जैसे ॐ सूर्याय नमः, ॐ आदित्याय नमः या ॐ घृणि सूर्याय नमः का जाप किया जाता है। कुछ लोग 108 बार जाप करते हैं। भोग में गुड़ और गेहूं से बनी चीजें लगाने की परंपरा कई स्रोतों में मिलती है।

पूजा की तैयारी

पूजा की तैयारी के लिए सुबह सूर्योदय से पहले उठना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद लाल या हल्के रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनने की परंपरा है। लाल रंग सूर्य देव से जुड़ा माना जाता है। पूजा स्थल साफ कर लिया जाता है।

आम तौर पर तांबे का लोटा, स्वच्छ जल, लाल फूल, अक्षत यानी साबुत चावल, रोली या लाल चंदन, दीपक और धूप रखी जाती है। गुड़, गेहूं या मिठाई भोग के लिए रखी जा सकती है। सामग्री घर में जो उपलब्ध हो उसी से पूजा की जा सकती है।

सूर्य देव को अर्घ्य कैसे दें?

सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए तांबे के लोटे में स्वच्छ जल लिया जाता है। उसमें लाल फूल, अक्षत और रोली या लाल चंदन मिलाने की परंपरा है। कुछ लोग थोड़ा गुड़ भी मिलाते हैं।

पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हों। दोनों हाथों से लोटा सिर की ऊंचाई तक उठाएं और जल की पतली धारा धीरे धीरे गिराएं। धार्मिक मान्यता है कि जल की धारा से सूर्य की किरणें देखना शुभ माना जाता है। सीधे तेज सूर्य पर बहुत देर तक न देखें। अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र का जाप करें। जूते चप्पल पहनकर अर्घ्य न देने की बात कई परंपराओं में कही गई है।

सूर्य देव की पूजा कैसे करें?

अर्घ्य के बाद घर के मंदिर में चौकी पर कपड़ा बिछाकर सूर्य देव की तस्वीर या प्रतीक रख सकते हैं। घी या तेल का दीपक जलाएं, धूप दिखाएं और फूल अर्पित करें। मंत्र जाप करें। गुड़ गेहूं या सात्विक मिठाई का भोग लगाएं। पूजा पूरी होने पर प्रसाद ग्रहण करें।

जो लोग व्रत रखते हैं वे संकल्प लेकर दिन में सात्विक भोजन या फलाहार करते हैं। व्रत अनिवार्य नहीं है। सरल श्रद्धा और नियमितता पर जोर दिया जाता है।

रविवार को कौन से उपाय किए जाते हैं?

Ravivar Puja Rules: क्यों करते हैं रविवार को सूर्यदेव की पूजा? जानें कारण,  महत्व, मंत्र और विधि | Ravivar Puja Rules Surya Dev Ki Puja Vidhi Mantra  Aur Mahatva | Asianet News Hindiरविवार के उपाय के रूप में सबसे पहले सूर्य को अर्घ्य देना बताया जाता है। लाल वस्त्र पहनना, लाल चंदन का तिलक लगाना और सूर्य मंत्र का जाप करना परंपरा में शुभ माना जाता है। कुछ परिवार मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाने का उल्लेख करते हैं।

मान्यता है कि ये उपाय सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास से जुड़े हैं। किसी भी उपाय से धन, नौकरी या बीमारी दूर होने की गारंटी नहीं मानी जानी चाहिए। ये पारंपरिक आस्थाएं हैं।

रविवार को क्या दान करना शुभ माना जाता है?

रविवार को क्या दान करें, इस पर परंपरा में गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र और तांबे की वस्तु का उल्लेख बार बार आता है। जरूरतमंद, मंदिर या ब्राह्मण को अपनी क्षमता के अनुसार दान करने को शुभ माना जाता है। गाय को गुड़ खिलाने का भी उल्लेख कुछ स्रोतों में मिलता है।

दान सुबह अर्घ्य के बाद करने की बात कही जाती है। मात्रा से ज्यादा भाव और नियमितता को महत्व दिया जाता है।

रविवार को क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखें?

रविवार को क्या करना चाहिए, इसका सरल उत्तर है सुबह स्नान, सूर्य को अर्घ्य, सात्विक रहन सहन और दान। लाल या हल्के रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। कुछ परंपराओं में काले या नीले वस्त्र, मांस मदिरा और बाल कटवाने से परहेज बताया गया है।

अर्घ्य देते समय जल पैरों पर न गिरे, यह सावधानी कई स्रोतों में लिखी गई है। पूजा सरल रखें। जो संभव हो वही करें। आस्था व्यक्तिगत होती है।

News Desk Declaration / Disclaimer

घोषणा: इस खबर में दी गई पूजा तिथि, मुहूर्त और धार्मिक नियम पंचांग एवं प्रचलित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। पूजा के मुहूर्त में शहर और स्थान के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि पूजा-अनुष्ठान से जुड़ी किसी भी विशेष जानकारी के लिए अपने स्थानीय पंचांग या विद्वान आचार्य से पुष्टि करें। News Media Kiran किसी धार्मिक मान्यता को व्यक्तिगत या वैज्ञानिक सलाह के रूप में प्रस्तुत नहीं करता।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

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