Shardiye Navratri 2026: महाष्टमी 18 या 19 अक्टूबर? पंचांग के अनुसार 19 अक्टूबर को होगा कन्या पूजन
By Sanjna Gupta | News Media Kiran
प्रकाशित: · 5 मिनट में पढ़ें
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मुख्य बातें
महाष्टमी की तारीख को लेकर क्यों है भ्रम
अष्टमी तिथि का समय और उदया तिथि का नियम
14 अक्टूबर 2026
Shardiye Navratri 2026
Shardiye Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि 2026 में महाष्टमी की तारीख को लेकर लोगों में काफी भ्रम बना हुआ है। कोई 18 अक्टूबर बता रहा है तो कोई 19 अक्टूबर। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगी।
उदया तिथि के आधार पर महाष्टमी का कन्या पूजन 19 अक्टूबर, सोमवार को किया जाएगा। ज्योतिषी प्रवीण मिश्र के मुताबिक इस दिन मां दुर्गा के स्वरूप महागौरी की पूजा का विधान शास्त्रों में बताया गया है। कन्या पूजन के लिए ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल और अभिजीत मुहूर्त में तीन शुभ समय बताए गए हैं।
महाष्टमी की तारीख को लेकर क्यों है भ्रम
शारदीय नवरात्र में अष्टमी तिथि पर व्रत, हवन और कन्या पूजन की परंपरा है। इस बार अष्टमी तिथि दो दिन में बंटी हुई है, इसीलिए लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं। एक वर्ग 18 अक्टूबर को महाष्टमी मान रहा है, जबकि दूसरा वर्ग 19 अक्टूबर को।
तिथि का प्रारंभ और समापन अलग-अलग दिन होने से यह असमंजस पैदा हुआ है। ऐसे में पंचांग की गणना और उदया तिथि का नियम ही सही तारीख तय करने का आधार बनता है। इसी आधार पर पंडित प्रवीण मिश्र ने स्थिति स्पष्ट की है।
अष्टमी तिथि का समय और उदया तिथि का नियम
हिंदू पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 बजे से लगेगी। यह तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। यानी सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि 19 अक्टूबर को मौजूद रहेगी।
परंपरा के अनुसार जिस तिथि में सूर्योदय होता है, उसी को उदया तिथि माना जाता है और व्रत-पूजन उसी दिन किए जाते हैं। इसी नियम के तहत महाअष्टमी का कन्या पूजन 19 अक्टूबर, सोमवार को किया जाएगा।
महागौरी की पूजा का विधान
शास्त्रों में महाष्टमी के दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा करने का विधान बताया गया है। इस दिन घरों में व्रत रखा जाता है और हवन के साथ कन्या पूजन किया जाता है।
कई परिवारों में अष्टमी का दिन नवरात्र का सबसे अहम दिन माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन पूजा-पाठ के साथ कन्याओं को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लेते हैं।
कन्या पूजन के तीन शुभ मुहूर्त
ज्योतिषविदों के अनुसार 19 अक्टूबर को कन्या पूजन के लिए तीन अबूझ मुहूर्त हैं। पहला ब्रह्म मुहूर्त है, जो सुबह 4:52 बजे से 5:40 बजे तक रहेगा। दूसरा अमृत काल है, जो सुबह 7:28 बजे से 9:16 बजे तक रहेगा।
तीसरा मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त है, जो सुबह 11:49 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी भी समय पूजन कर सकते हैं।
कन्या पूजन की तैयारी: निमंत्रण से शुरुआत
परंपरा के अनुसार महाष्टमी से एक दिन पहले घर-घर जाकर कन्याओं को अपने घर आने का निमंत्रण दिया जाता है। आमतौर पर दो से दस वर्ष तक की कन्याओं को पूजन के लिए बुलाया जाता है।
अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और घर में गंगाजल छिड़ककर उसे पवित्र कर लें। इसके बाद कन्याओं के आने की तैयारी करें। यह तैयारी श्रद्धा और सादगी के साथ करने की परंपरा है।
कन्याओं का स्वागत और पूजन की विधि
कन्याओं के घर आने पर उनका स्वागत किया जाता है। एक थाल में उनके चरण धुलवाकर साफ कपड़े से पोंछे जाते हैं। इसके बाद उन्हें आसन पर बैठाया जाता है।
कन्याओं के साथ एक बालक को बटुक भैरव के प्रतीक के रूप में बैठाने की भी परंपरा है। फिर कन्याओं के माथे पर रोली या कुमकुम का तिलक लगाया जाता है। उन्हें पुष्प अर्पित किए जाते हैं और मां दुर्गा का स्मरण करते हुए सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
भोजन, दान-दक्षिणा और आशीर्वाद
पूजन के बाद कन्याओं को पूरी, हलवा, चना और अन्य सात्विक भोजन परोसा जाता है। भोजन के बाद उन्हें मिठाई या फल भी दिया जा सकता है। इसके बाद सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा, फल, उपहार या चुनरी भेंट की जाती है।
अंत में कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया जाता है। फिर माता रानी के जयकारे लगाए जाते हैं। मान्यता है कि देवी स्वरूपा कन्याओं के प्रति सम्मान और स्नेह रखना ही इस पूजन का सार है।
शारदीय नवरात्रि 2026 में अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 बजे से 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर महाष्टमी का कन्या पूजन 19 अक्टूबर, सोमवार को होगा। इस दिन महागौरी की पूजा का विधान है। कन्या पूजन के लिए ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल और अभिजीत मुहूर्त शुभ बताए गए हैं। पूजन से एक दिन पहले कन्याओं को निमंत्रण देने और सात्विक भोजन कराकर दान-दक्षिणा देने की परंपरा है।
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.
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