
कोलकाता में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्टी के पश्चिम बंगाल मुख्यालय पर हमला किया और कार्यालय में तोड़फोड़ की। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छह बीजेपी कार्यकर्ताओं व समर्थकों को हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्टी दफ्तर में घुसकर तस्वीरों और पोस्टरों को फाड़ा। आरोप है कि राहुल गांधी के पोस्टरों पर काली स्याही भी फेंकी गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि करीब 50 बीजेपी समर्थक कार्यालय के बाहर जुटे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी के हालिया बयान का विरोध कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने कुर्सियां, पोस्टर और तख्तियां तोड़ीं और रोकने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मारपीट भी की।
बंगाल कांग्रेस का रुख
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इस मामले को लेकर राज्य बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य को पत्र लिखा है। उनका आरोप है कि हमले का नेतृत्व राकेश सिंह ने किया और प्रदेश अध्यक्ष की जानकारी के बिना यह संभव नहीं था। कांग्रेस का कहना है कि इस घटना के बावजूद बीजेपी आंतरिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी इस हमले की निंदा की।
राकेश सिंह पर पुराने आरोप
गौरतलब है कि राकेश सिंह पहले कांग्रेस से जुड़े हुए थे, लेकिन 2021 विधानसभा चुनाव के बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए। उन पर पहले भी विवाद खड़ा हुआ था, जब अभिनेत्री पामेला गोस्वामी ने उन पर मादक पदार्थ मामले में फंसाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा विवाद
हमले की पृष्ठभूमि उस बयान से भी जोड़ी जा रही है, जो हाल ही में राहुल गांधी ने बिहार की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान दिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इस पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पटना में एफआईआर दर्ज कराई और राहुल गांधी से माफी की मांग की। हालांकि, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने बयान से दूरी बनाते हुए कहा कि पार्टी इस तरह की भाषा का समर्थन नहीं करती। इस मामले में दरभंगा पुलिस ने मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा को गिरफ्तार किया है।