
दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली में आयोजित व्याख्यानमाला के समापन दिवस पर बीजेपी के नए अध्यक्ष को लेकर सवाल उठा। इस पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “अगर हम तय कर रहे होते तो इतना समय लगता क्या? टेक योर टाइम।” लेकिन बीजेपी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिले हैं कि नड्डा की जगह नए अध्यक्ष की घोषणा कब होगी।
जेपी नड्डा जनवरी 2020 से राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। सवाल यह है कि क्या वे विजयादशमी उत्सव तक पद पर बने रहेंगे या फिर नया चेहरा सामने आएगा। सूत्रों के अनुसार उपराष्ट्रपति चुनाव (9 सितंबर) और श्राद्ध पक्ष (7 से 21 सितंबर) के चलते घोषणा की संभावना कम है। श्राद्ध समाप्ति और विजयादशमी उत्सव के बीच महज 9 दिन का समय होगा, ऐसे में नया अध्यक्ष घोषित होने की संभावना सीमित मानी जा रही है। नागपुर में संघ के विजयादशमी उत्सव के मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद होंगे।
बिहार चुनाव से पहले होगी घोषणा ?
राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि बीजेपी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले नए अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है। पार्टी ने संभावित नामों का पैनल भी तैयार कर लिया है। शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं, लेकिन बीजेपी अक्सर अप्रत्याशित फैसले लेती रही है।
कुछ विश्लेषकों का तर्क है कि नड्डा ही बिहार चुनाव तक अध्यक्ष बने रहेंगे। पार्टी लगातार उनकी अगुवाई में जीत दर्ज कर रही है, ऐसे में चुनाव से पहले बदलाव जोखिम भरा हो सकता है। अगर बिहार में नतीजे उम्मीद से विपरीत रहे तो नए अध्यक्ष की शुरुआत नकारात्मक मानी जाएगी। यही वजह है कि पार्टी बिहार चुनाव के बाद ही अध्यक्ष पद को लेकर अंतिम फैसला कर सकती है।