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11 छात्र बीमार

11 छात्र बीमार

तेलंगाना के जयशंकर भूपलपल्ली जिले के एक आवासीय विद्यालय के ग्यारह छात्र शुक्रवार को बीमार पड़ गए, जब स्कूल के एक शिक्षक ने कथित तौर पर दो अन्य शिक्षकों के प्रति द्वेष के चलते पीने के पानी में कीटनाशक मिला दिया।

यह मामला तब सामने आया जब शहरी आवासीय विद्यालय के 11 छात्रों को, जिन्होंने स्कूल के टैंक का दूषित पानी पी लिया था, एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल अधीक्षक के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि छात्रों को 24 घंटे की निगरानी के बाद छुट्टी दे दी गई।

 पुलिस का बयान

राजेंद्र नाम के विज्ञान शिक्षक ने कथित तौर पर पीने के पानी में कीटनाशक मिलाया था, संभवतः अन्य दो शिक्षकों, वेणु और सूर्यप्रकाश को फँसाने के लिए, क्योंकि वह स्कूल के मामलों में अपना दबदबा बनाना चाहता था। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने कीटनाशक की बोतल पानी के बर्तन में खाली करने के बाद उसे एक छात्र की चादर के नीचे छिपा दिया था। जब छात्रों ने उससे इस बारे में पूछा, तो उसने उन्हें बोतल के बारे में किसी को न बताने की चेतावनी दी।

आरोपी ने खुद को बचाने के लिए चली चाल

कथित तौर पर पीने के पानी में कीटनाशक मिलाया था, संभवतः अन्य दो शिक्षकों, वेणु और सूर्यप्रकाश को फँसाने के लिए, क्योंकि वह स्कूल के मामलों में अपना दबदबा बनाना चाहता था। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने कीटनाशक की बोतल पानी के बर्तन में खाली करने के बाद उसे एक छात्र की चादर के नीचे छिपा दिया था। जब छात्रों ने उससे इस बारे में पूछा, तो उसने उन्हें बोतल के बारे में किसी को न बताने की चेतावनी दी

आरोपी ने बिस्तर की चादरों पर कीटनाशक की कुछ बूँदें भी डाल दीं और शक से बचने के लिए उसने भी दूषित पानी पी लिया और अस्पताल में भर्ती हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह छात्रों ने स्कूल के उच्च अधिकारियों को तीनों शिक्षकों के बीच आपसी रंजिश का खुलासा कर दिया।

जिला कलेक्टर राहुल शर्मा ने सख्त कदम लिया    

तीनों शिक्षकों और रसोइया राजेश्वरी को निलंबित कर दिया। स्थानीय विधायक गांद्रा सत्यनारायण राव, कलेक्टर शर्मा और एसपी किरण करे ने अस्पताल और स्कूल का दौरा किया। रिपोर्ट के अनुसार, जिला कलेक्टर ने प्रधानाचार्य और शिक्षकों को चेतावनी दी कि छात्रों को नुकसान पहुँचाने वाली किसी भी गतिविधि से गंभीरता से निपटा जाएगा और दोषियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को पुलिस के साथ मिलकर स्कूलों पर नज़र रखने के लिए औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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