
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में विपक्ष के रवैये को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है, जबकि सरकार चर्चा और बहस के लिए तैयार है। रिजिजू ने कहा, “मेरा गला भी बैठ गया देखो। विपक्ष से बार-बार कह रहा हूं कि बहस होने दीजिए। संसद विपक्ष की होती है और सरकार जवाब देने के लिए जिम्मेदार होती है। अगर सवाल पूछने वाले ही भाग जाएंगे तो सरकार क्या करेगी?”
संसद न चलने का नुकसान विपक्ष का: रिजिजू
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर संसद नहीं चलती है तो विपक्ष को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। उन्होंने कहा, “सरकार राष्ट्रहित में विधेयक पारित करेगी। लेकिन यह अच्छा तब होता जब विधेयक चर्चा के बाद पारित होते। कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल संसद में बहस से भाग रहे हैं।”
SIR विवाद पर कांग्रेस को घेरा
SIR के मुद्दे पर रिजिजू ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, “महाराष्ट्र चुनाव में कांग्रेस और उसके सहयोगी बुरी तरह हारे। चुनाव आयोग से उन्होंने मतदाता सूची में संशोधन की मांग की थी, लेकिन उनके आंकड़े गलत साबित हुए। अब वे माफी मांग रहे हैं। राहुल गांधी को किसी ने नोट थमा दिया और वे भटक गए।”
CISF तैनाती पर सफाई
राज्यसभा के अंदर CISF जवानों की तैनाती पर सवाल उठाए जाने पर रिजिजू ने साफ किया कि ये आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा, “वे CISF नहीं थे। सदन में सिर्फ मार्शल मौजूद रहते हैं। सेना या CISF को सदन में कैसे लाया जा सकता है? कांग्रेस झूठ बोल रही है।”
विपक्ष पर विधेयक फाड़ने और हंगामे का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों को जानबूझकर हंगामा करने का आदेश दिया गया था। उन्होंने कहा, “विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री का माइक तक छीनने की कोशिश की। कागज फेंके गए, यह सब अनुशासन के खिलाफ है। हमने उन्हें चेताया कि हाथापाई से देश की छवि खराब होगी।”
मानसून सत्र पर सरकार का दावा
रिजिजू ने कहा कि यह मानसून सत्र सरकार की दृष्टि से सफल रहा लेकिन विपक्ष पूरी तरह विफल साबित हुआ। उन्होंने कहा, “महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए हैं जिनका देश इंतजार कर रहा था। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा प्रावधान पारित कराया है कि अगर प्रधानमंत्री भी भ्रष्टाचार करेगा तो उसे जेल जाना होगा और पद छोड़ना होगा। कोई भी पद कानून से ऊपर नहीं हो सकता।”