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Health News: 16 घंटे का इंटरमिटेंट फास्टिंग दिल की बीमारी से मौत का खतरा दोगुना कर सकता है, नई स्टडी में खुलासा

Health News: एक नई रिसर्च में पता चला है कि अगर कोई व्यक्ति रोजाना 16 घंटे फास्टिंग करता है, यानी सिर्फ 8 घंटे से कम समय में खाना खाता है, तो उसके दिल की बीमारी से मरने का खतरा 135 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। यह स्टडी अमेरिका के 19 हजार वयस्कों पर की गई थी। रिसर्चर्स ने पाया कि 12 से 14 घंटे तक खाने वाले लोगों की तुलना में यह खतरा ज्यादा है। यह स्टडी डायबिटीज एंड मेटाबोलिक सिंड्रोम जर्नल में छपी है।

हालांकि, इस फास्टिंग से कैंसर या अन्य कारणों से मौत का कोई सीधा संबंध नहीं मिला। रिसर्च में अलग-अलग जाति, आर्थिक स्थिति वाले लोगों को शामिल किया गया, और नतीजे सभी पर एक जैसे निकले। लेकिन यह स्टडी रैंडम ट्रायल नहीं थी, इसलिए इसमें कुछ कमियां हो सकती हैं, जैसे लोगों की पहले से स्वास्थ्य स्थिति का पूरा पता न चलना।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं

एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग को लंबे समय तक अपनाने से पहले सावधानी बरतें। स्टडी के लेखक विक्टर वेंजे झोंग कहते हैं कि दिल की सेहत या लंबी उम्र के लिए यह तरीका अभी साबित नहीं हुआ है। डॉक्टर अनूप मिश्रा, जो फोर्टिस अस्पताल के एंडोक्राइनोलॉजी चेयरमैन हैं, कहते हैं कि फास्टिंग एक सस्ता और आसान तरीका है, लेकिन जोखिमों को देखते हुए इसे डॉक्टर की सलाह से ही अपनाएं, खासकर बीमार लोगों के लिए।

स्पर्श अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट हैं, बताते हैं कि पहले भी एक स्टडी में 91 प्रतिशत खतरा बताया गया था। लेकिन समस्या यह है कि फास्टिंग के दौरान क्या खाया जाता है, इसका असर पड़ता है। अगर जंक फूड या ज्यादा चीनी-नमक वाला खाना खाएं, तो कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है।

फास्टिंग के खतरे और सलाह

16 घंटे फास्टिंग से ब्लड शुगर कम हो सकता है, जिससे दिल की धड़कन तेज होकर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, मसल्स कमजोर हो सकते हैं, और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इससे चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और भूख ज्यादा लग सकती है।

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि बुजुर्गों, बच्चों, डायबिटीज वाले, दिल-किडनी-लीवर की बीमारी वाले या ईटिंग डिसऑर्डर वाले लोगों को यह फास्टिंग नहीं करनी चाहिए। वजन कम करने या इंसुलिन सुधारने के लिए फास्टिंग अच्छी लगती है, लेकिन लंबे समय के जोखिमों को नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से सलाह लें और अपने शरीर के मुताबिक प्लान बनाएं।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

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