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Vastu Tips for Eating: घर की इन जगहों पर बैठकर खाना वास्तु में अशुभ माना जाता है, जानें सही दिशा

16 सितंबर 2026
Vastu Tips for Eating
Vastu Tips for Eating

Vastu Tips for Eating: घर में सुविधा के हिसाब से सोफे, बिस्तर या दरवाजे के पास बैठकर खाना आम हो गया है। वास्तु शास्त्र में भोजन की जगह को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं। वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के मुताबिक सही स्थान का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। मान्यता है कि बैठने की जगह का असर घर के माहौल पर पड़ सकता है। इसलिए तय और साफ जगह चुनना बेहतर कहा जाता है। ये बातें आस्था और परंपरा पर आधारित हैं, वैज्ञानिक प्रमाण नहीं।

Vastu Tips for Eating: बिस्तर पर बैठकर खाना क्यों न खाएं

कई लोग टीवी देखते हुए बिस्तर पर थाली रख लेते हैं। वास्तु के अनुसार बिस्तर आराम और नींद की जगह माना जाता है। यहां भोजन करने को सही आदत नहीं कहा गया। कुछ मान्यताओं में इसे दिनचर्या और नींद से जुड़ी दिक्कतों से जोड़ा जाता है। आर्थिक परेशानी का जिक्र भी मिलता है, पर यह विश्वास है गारंटी नहीं। भोजन के लिए अलग कोना रखना सरल उपाय माना जाता है।

टूटे बर्तन में भोजन से बचें

टुटी प्लेट या कटोरी में खाना वास्तु में अच्छा नहीं माना जाता। मान्यता है कि टूटे बर्तन घर के माहौल पर गलत असर डाल सकते हैं। तनाव बढ़ने की बात भी कही जाती है। साफ और सही बर्तन में परोसना बेहतर माना जाता है। टूटे बर्तन बदल देना व्यावहारिक भी है। स्वच्छता का ध्यान आस्था से अलग उपयोगी रहता है।

खड़े होकर प्लेट हाथ में न खाएं

जल्दी में खड़े-खड़े खाना कई घरों की आदत है। वास्तु मान्यता में भोजन करते समय एक जगह बैठना उचित बताया गया है। आराम से बैठने से खाना चबाकर खाया जा सकता है। तय जगह होने से घर में बिखराव भी कम रहता है। व्यस्त दिन में भी छोटी मेज काम आ सकती है। यह रीति अनुशासन से जुड़ी है।

Vastu Tips for Eating: मुख्य दरवाजे पर बैठकर भोजन न करें

घर का मुख्य द्वार आने-जाने की जगह है। यहां बैठकर खाना वास्तु के अनुसार ठीक नहीं माना जाता। मान्यता है कि माहौल का संतुलन बिगड़ सकता है। कुछ लोग इसे आर्थिक चिंता से भी जोड़ते हैं। भोजन के लिए दरवाजे से थोड़ी दूर शांत कोना चुनना कहा जाता है। मेहमानों के आने-जाने से ध्यान भी नहीं बंटता।

किचन की चौखट पर न बैठें

रसोई में खाना बनता है, पर चौखट पर बैठकर खाना अच्छा नहीं माना जाता। आने-जाने की हलचल वहां अधिक रहती है। शांत जगह पर भोजन करना बेहतर कहा गया है। भीड़भाड़ से बचाव भी इसी से होता है। छोटे घर में किचन से सटी छोटी मेज चौखट से अलग रखें। पकाने और खाने की जगह थोड़ी अलग रखना रीति है।

Vastu Tips for Eating: अंधेरे में खाने से बचने की सलाह

वास्तु में कम रोशनी वाली जगह पर भोजन न करने को कहा गया है। माना जाता है कि अंधेरे में मन पर अच्छा असर नहीं पड़ता। सामान्य रूप से रोशनी में खाना दिखता भी साफ है। मेज की सफाई जांचना आसान रहता है। दीपक या लाइट जलाकर खाना व्यावहारिक आदत है। यह बात स्वास्थ्य की सावधानी से भी मेल खाती है।

बाथरूम के पास भोजन न करें

बाथरूम के आसपास बैठकर खाना वास्तु में सही नहीं माना जाता। साफ-सुथरी और दूर जगह चुनने की सलाह है। स्वच्छता का ध्यान इसी से रहता है। गंध और नमी से भोजन अलग रखना सामान्य समझदारी भी है। छोटे फ्लैट में ज्यादा दूरी संभव न हो तो पर्दा या दरवाजा बंद रखें। खाने की जगह सूखी और साफ होनी चाहिए।

Vastu Tips for Eating: किस दिशा में मुंह कर बैठें

वास्तु मान्यता के अनुसार पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके खाना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि सेहत और आयु से जुड़ा अच्छा भाव मिलता है। दक्षिण मुख करके भोजन से कुछ मान्यताएं बचने को कहती हैं। खाने से पहले हाथ-पैर धोना अच्छी आदत है। आभार व्यक्त करने की धार्मिक प्रथा भी कई घरों में है।

वास्तु के अनुसार बिस्तर, टूटे बर्तन, खड़े रहकर खाना, मुख्य द्वार, किचन चौखट, अंधेरा और बाथरूम के पास भोजन अशुभ माना जाता है। पूर्व या उत्तर मुख बैठना शुभ कहा गया है। बाबा बिमलेश की सलाह आस्था पर टिकी है, धन या सेहत की गारंटी नहीं। साफ मेज और शांत कोना व्यावहारिक भी है। घर की बनावट के हिसाब से जो संभव हो वही अपनाएं।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

Netsha Singh

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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