West Bengal Politics: बंगाल में बाबर के नाम पर मस्जिद नहीं बनेगी, शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर को दी सख्त चेतावनी
By Sanjna Gupta | News Media Kiran
प्रकाशित: · 5 मिनट में पढ़ें
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मुख्य बातें
हुमायूं कबीर की नई बाबरी मस्जिद योजना क्या है और कब की घोषणा हुई?
सीएम शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी का मतलब क्या है?
6 दिसंबर को हाईवे जाम करने की धमकी पर सरकार का क्या रुख है?
डायमंड हार्बर से नकदी बरामदगी पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
59 मिनट पहले
West Bengal Politics
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बाबर के नाम पर कोई मस्जिद बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर बाबर का नाम रखा गया तो न तो प्लान पास होगा और न ही निर्माण की इजाजत मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने 6 दिसंबर को नेशनल हाईवे-34 जाम करने की धमकी पर भी सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी कोशिश के गंभीर नतीजे होंगे।
इसी दौरान शुभेंदु अधिकारी ने डायमंड हार्बर में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े पार्टी कार्यालय से एक करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी बरामद होने के मामले पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का राजस्व सरकारी खजाने के बजाय पार्टी कार्यालयों में पहुंचाया जा रहा था और इसे विदेश भेज दिया गया है।
हुमायूं कबीर की नई बाबरी मस्जिद योजना क्या है और कब की घोषणा हुई?
हुमायूं कबीर, जो पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और अब आम जनता उन्नयन पार्टी से जुड़े हैं, ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा क्षेत्र में नई बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था। उन्होंने 6 दिसंबर 2026 को इसकी नींव रखने की बात कही थी। यही तारीख अयोध्या में पुरानी बाबरी मस्जिद के विध्वंस से जुड़ी है, जिसके कारण यह मुद्दा संवेदनशील माना जा रहा है।
कबीर ने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा था कि 6 दिसंबर को नेशनल हाईवे-34 को जाम कर दिया जाएगा और बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। उन्होंने दावा किया था कि प्रशासन अगर रोक सकता है तो रोके। इस घोषणा के बाद मुर्शिदाबाद और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसी पृष्ठभूमि में प्रतिक्रिया दी है।
सीएम शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी का मतलब क्या है?
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि धर्म का कोई भी स्थान बनाने पर उन्हें आपत्ति नहीं है। कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन पर मस्जिद, मंदिर या अन्य धार्मिक स्थान बना सकता है। लेकिन बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि बाबर का नाम होने पर कोई प्लान मंजूर न किया जाए।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “बाबर के नाम पर मस्जिद मत बनाइए। अगर बाबर के नाम पर बनाएंगे तो ना प्लान पास होगा और ना उसे बनाने की इजाजत दी जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि बाबर भारतीय नहीं थे और उनके नाम पर कोई धार्मिक स्थान नहीं बनना चाहिए। मुख्यमंत्री ने धार्मिक कार्यों को स्वतंत्र रूप से करने की बात कही, लेकिन नामकरण पर सख्ती बरती।
6 दिसंबर को हाईवे जाम करने की धमकी पर सरकार का क्या रुख है?
हुमायूं कबीर की सड़क जाम करने की योजना पर मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि किसी को भी राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का अधिकार नहीं है। अगर 6 दिसंबर को ऐसी कोशिश की गई तो परिणाम भुगतने पड़ेंगे। प्रशासन को पहले से ही सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पहले भी कुछ लोगों ने बड़ी भीड़ के साथ निकलने की बात कही थी, लेकिन प्रशासन ने स्थिति संभाली। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का राज चलेगा और किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है।
डायमंड हार्बर से नकदी बरामदगी पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
डायमंड हार्बर के सरिशा इलाके में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े एक पार्टी कार्यालय से 1.02 करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी बरामद हुई है। पुलिस को यह सूचना अभिषेक बनर्जी के पूर्व सहायक सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान मिली थी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले को “आइसबर्ग की नोक” बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का राजस्व सरकारी खजाने में जाने के बजाय TMC के कार्यालयों में भेजा जा रहा था। पुलिस को सबूत मिल चुके हैं और सही समय पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रकम उस व्यक्ति और उसके साथियों के पास गई, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के लिए वसूली का काम सौंपा गया था। उन्होंने दावा किया कि यह पैसा विदेश भेज दिया गया है।
राजस्व आंकड़ों से क्या सवाल उठाए गए हैं?
मुख्यमंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर 2024 के बीच राज्य का राजस्व संग्रह 37,281 करोड़ रुपये रहा, जो सामान्य संग्रह से लगभग 4,000 करोड़ रुपये ज्यादा है। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य में पत्थर या रेत की कोई नई खदान नीलाम नहीं हुई है, फिर अतिरिक्त राजस्व कहां से आया।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर छह महीने में इतनी रकम जमा हुई है तो पूरे साल में यह 7,000 से 8,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। पिछले साल भी लगभग 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली हुई थी। उन्होंने पूछा कि यह पैसा कहां गया। उनके अनुसार यह रकम पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े लोगों के पास पहुंची और विदेश भेज दी गई। नई सरकार का दावा है कि लीकेज रोकने से राजस्व बढ़ रहा है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ये दोनों मुद्दे मस्जिद का नामकरण और कैश रिकवरी राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दोनों मामलों में सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन अब 6 दिसंबर की स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि कैश रिकवरी की जांच जारी है। राज्य में कानून-व्यवस्था और राजस्व पारदर्शिता दोनों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.
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