New Delhi, 16 सितंबर 2026। दिल्ली पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष पारुल सिंह मंगलवार को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सौंदरराजन द्वारा लिखित पुस्तक ‘A Century of Service – The RSS in 100 Acts of Seva’ का विमोचन किया। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम 15 सितंबर 2026 को आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में पारुल सिंह ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की। उनके साथ वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति के सचिव अमित खरे, आईएएस सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य अतिथि भी उपस्थित रहे।
मुलाकात के दौरान खेल, सामाजिक सेवा और दिव्यांगजनों के लिए अवसर बढ़ाने जैसे विषयों पर बातचीत हुई। पारुल सिंह ने पैरा खेलों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने और दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर मंच तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
पारुल सिंह के अनुसार, उपराष्ट्रपति से मुलाकात उनके लिए गौरव का अवसर रही। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान पैरा खेलों को अधिक दर्शकों तक पहुंचाने और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए नए अवसर तैयार करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहीं है और उचित सहयोग तथा मंच मिलने पर वे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार सिंह ने भी मुलाकात को सार्थक बताते हुए कहा कि सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा इस अवसर के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक रही। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और पहलों की कहानियों को जनता तक पहुंचाना मीडिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उपराष्ट्रपति ने सेवा कार्यों के दस्तावेजीकरण पर दिया जोर
पुस्तक विमोचन के दौरान उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अच्छे कार्यों के दस्तावेजीकरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “आज की खबर कल का इतिहास है”, इसलिए समाज में किए जा रहे अच्छे कार्यों को दर्ज करना जरूरी है, ताकि वे आने वाली पीढ़ियों की स्मृति में बने रहें।
उपराष्ट्रपति के अनुसार, पुस्तक में RSS की एक सदी लंबी सेवा यात्रा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों को दर्ज किया गया है। उन्होंने ‘सेवा’ को भारतीय परंपरा से जोड़ते हुए पुस्तक को भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक दस्तावेज के रूप में भी बताया। उन्होंने पुस्तक की लेखिका डॉ. तमिलिसाई सौंदरराजन और प्रकाशन से जुड़े लोगों को बधाई दी।
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पुस्तक में RSS के 100 सेवा प्रसंग
‘A Century of Service – The RSS in 100 Acts of Seva’ पुस्तक RSS से जुड़े 100 सेवा प्रसंगों के माध्यम से संगठन की एक सदी लंबी यात्रा को प्रस्तुत करती है। आधिकारिक कार्यक्रम विवरण के अनुसार, पुस्तक में गरीब, वंचित और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच किए गए सेवा कार्यों तथा सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं को दर्ज किया गया है। कोविड-19 महामारी के दौरान भोजन, दवाइयों और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में स्वयंसेवकों की भूमिका का भी उपराष्ट्रपति ने उल्लेख किया।
पुस्तक विमोचन समारोह में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी, खेल, समावेशिता और जनभागीदारी से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। पारुल सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम में पैरा खेल और दिव्यांग खिलाड़ियों से जुड़े विषयों को भी चर्चा का हिस्सा बनाया।
नोट: आधिकारिक/समाचार स्रोतों के अनुसार पुस्तक विमोचन समारोह 15 सितंबर 2026 (मंगलवार) को हुआ था; 16 सितंबर को इस कार्यक्रम से जुड़ी खबर प्रकाशित की जा रही है।

