7/7 और 9/11 साजिशकर्ता हारून असवत की संभावित रिहाई से ब्रिटेन में मचा हड़कंप

7 जुलाई 2005 को लंदन में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों और 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमले (9/11) से जुड़े कट्टर आतंकवादी हारून असवत को लेकर एक सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, यह आतंकी जल्द ही रिहा हो सकता है, जिससे देशभर में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
आतंकी हमलों का कबूलनामा, फिर भी संभव है रिहाई
हारून असवत लंबे समय से ब्रिटेन की हाई-सिक्योरिटी मानसिक स्वास्थ्य यूनिट में बंद है। रिपोर्टों में बताया गया है कि उसने अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष 9/11 और लंदन के 7/7 बम धमाकों में अपनी भूमिका स्वीकार की थी। इसके बावजूद, ब्रिटिश मेडिकल विशेषज्ञों ने अब उसे “रिहाई के योग्य” बताया है, जिससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां चिंतित हैं।
कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ाव बरकरार
2022 में जारी एक रिपोर्ट में बताया गया कि असवत मानसिक रूप से स्थिर है लेकिन अब भी कट्टर इस्लामी चरमपंथ का समर्थन करता है। अस्पताल में उसकी मनोचिकित्सकीय देखरेख के दौरान उसने बार-बार अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन से जुड़ाव की बात कबूल की थी। उसने खुद को लादेन का “कमांडर” बताते हुए कहा था – “अगर मुझे आतंकवादी कहा जाता है, तो मैं उस भूमिका से इनकार नहीं करता।”
प्रत्यर्पण, सजा और अलकायदा से संबंध
हारून असवत को 2014 में अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था, जहां उस पर आतंकी प्रशिक्षण शिविर स्थापित करने और आतंकी नेटवर्क चलाने के आरोप साबित हुए। उसने अबू हमजा के साथ मिलकर 1999 में अमेरिका में आतंकी कैंप संचालित किया था। 20 साल की सजा सुनाए जाने के बावजूद, ब्रॉडमूर अस्पताल में बिताए समय के आधार पर उसकी सजा घटकर मात्र 7 साल रह गई।
रिहाई के बाद सीमित निगरानी संभव
अब खबरें हैं कि रिहाई के बाद असवत पर “नोटिफिकेशन ऑर्डर” लागू होगा, जिसके तहत उसे केवल अपना निवास और यात्रा की जानकारी पुलिस को देनी होगी। किसी तरह की निगरानी या इलेक्ट्रॉनिक टैगिंग की व्यवस्था नहीं की जाएगी। विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसा आतंकी बिना कठोर निगरानी के समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
ब्रिटेन की जनता में रोष, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस खबर ने ब्रिटेनवासियों को झकझोर दिया है। कई सुरक्षा विशेषज्ञ और नागरिक संगठन असवत की रिहाई को लेकर चिंता जता चुके हैं। सरकार की ओर से एक प्रवक्ता ने बयान में कहा – “राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई व्यक्ति खतरा उत्पन्न करता है, तो पुलिस और एजेंसियों के पास कार्रवाई के लिए सभी आवश्यक अधिकार मौजूद हैं।
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