Jharkhand News: रांची, झारखंड में 1 सितंबर 2025 से नई शराब नीति लागू हो रही है। इस नीति के तहत शराब की बिक्री अब निजी हाथों में होगी। सरकार ने इस बदलाव से कई बड़े कदम उठाए हैं। विदेशी शराब सस्ती होगी, जबकि स्थानीय और लोकप्रिय ब्रांड की कीमतें बढ़ेंगी। यह खबर उन लोगों के लिए जरूरी है जो शराब खरीदते हैं।
नई नीति के तहत वैट (VAT) में कटौती की गई है, जिससे विदेशी शराब की कीमतें कम होंगी। लेकिन, उत्पाद शुल्क और परिवहन शुल्क बढ़ने से स्थानीय ब्रांड 10 से 20 रुपये तक महंगे हो सकते हैं। यह नीति झारखंड के 1453 शराब दुकानों पर लागू होगी।
निजी हाथों में शराब की बिक्री
नई नीति में शराब की दुकानों का संचालन अब निजी लोग करेंगे। इसके लिए 1343 दुकानों की लॉटरी हो चुकी है। सरकार को इससे 40 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। अब मॉल और बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर में भी शराब बिकेगी। कुछ खास दुकानों को मॉडल शॉप बनाया जाएगा, जहां लोग शराब खरीदकर पी भी सकेंगे।
कौन सी शराब होगी सस्ती?
विदेशी ब्रांड जैसे बडवाइजर, ब्लेंडर्स प्राइड और 100 पाइपर्स अब सस्ते होंगे। उदाहरण के लिए, बडवाइजर की कीमत 200 रुपये, ब्लेंडर्स प्राइड 1200 रुपये और 100 पाइपर्स 2200 रुपये हो सकती है। लेकिन स्थानीय स्तर पर बनी शराब की कीमतें बढ़ेंगी। इसका असर आम लोगों के बजट पर पड़ेगा।
Jharkhand News:सरकार का लक्ष्य
सरकार का कहना है कि इस नीति से अवैध शराब की बिक्री रुकेगी। साथ ही, राज्य को ज्यादा राजस्व मिलेगा। नई नीति में पारदर्शिता लाने के लिए दुकानों की लॉटरी सिस्टम से बंटवारा हुआ है। एक व्यक्ति एक जिले में अधिकतम 12 और पूरे राज्य में 36 दुकानें ले सकता है।
मॉडल शॉप की खासियत
मॉडल शॉप में एयर-कंडीशनर, टेबल-कुर्सी और किचन की सुविधा होगी। यह दुकानें शहरों और नगर पालिका क्षेत्रों में खुलेंगी। यहां लोग वाइन, बियर और विदेशी शराब का आनंद ले सकेंगे।
लोगों पर असर
यह नीति आम लोगों के लिए मिश्रित असर लाएगी। विदेशी शराब सस्ती होने से कुछ लोग खुश होंगे, लेकिन स्थानीय शराब महंगी होने से कई लोगों को परेशानी हो सकती है। सरकार का कहना है कि यह कदम लंबे समय में फायदेमंद होगा।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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