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बिहार SIR और वोट चोरी विवाद पर चुनाव आयोग का जवाब, राहुल गांधी के आरोपों को बताया झूठा

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और वोट चोरी के आरोपों को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच चुनाव आयोग ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद आयोग ने कहा कि “वोट चोरी” जैसी बातें भ्रामक हैं और इससे जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस वार्ता में कहा कि चुनाव से पहले मतदाता सूची का शुद्धिकरण आवश्यक है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2003 में भी बिहार में इसी तरह का एसआईआर किया गया था, जो सफल रहा था। इस बार भी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है।

CEC ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति का वोट बिना प्रक्रिया के नहीं काटा जा सकता। उन्होंने कहा कि “व्यक्ति एक, वोटर कार्ड अनेक” की समस्या को हल किया जा रहा है और चुनाव आयोग मतदाताओं के साथ चट्टान की तरह खड़ा है।

उन्होंने बताया कि मतदाता सूची मशीन रीडेबल (Machine Readable) और सर्चेबल (Searchable) दो स्वरूपों में होती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक मशीन रीडेबल लिस्ट निजता का उल्लंघन कर सकती है, इसलिए उसे साझा नहीं किया जाता। वहीं, searchable सूची सभी को उपलब्ध कराई गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा कि यदि किसी को शिकायत है तो जनप्रतिनिधित्व कानून (RP Act) के तहत दावा और आपत्ति दर्ज करने का पूरा अधिकार है। यदि राहुल गांधी के पास सबूत हैं, तो उन्हें शपथ पत्र के साथ पेश करना चाहिए। बिना आधार वाले आरोप लगाना संविधान और निर्वाचन प्रक्रिया का अपमान है।

चुनाव आयोग ने बताया कि अब तक 28 हजार दावे और आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं। एक अगस्त से एक सितंबर तक का समय इसके लिए निर्धारित है और अभी भी 15 दिन शेष हैं। आयोग ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची की त्रुटियों को निर्धारित फॉर्म के जरिए दर्ज कराएं।

CEC ने कहा कि पिछले दो दशकों से सभी दल मतदाता सूची सुधार की मांग करते रहे हैं। इसी कारण बिहार से एसआईआर की शुरुआत की गई है। इस प्रक्रिया में बूथ स्तर अधिकारी (BLOs) और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि (BLAs) भी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग के लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं है, सभी दल बराबर हैं।

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