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Bihar News: बिहार नेपाल सीमा पर कमजोर नेटवर्क, पुलिस की बड़ी परेशानी, सूचना लीक का खतरा

Bihar News: बिहार में नेपाल की सीमा के करीब कमजोर मोबाइल नेटवर्क पुलिस के लिए बहुत बड़ी मुश्किल बन गया है। यहां नेटवर्क इतना कमजोर है कि पुलिस वाले एक-दूसरे से ठीक से बात नहीं कर पाते। इससे महत्वपूर्ण जानकारी लीक होने का डर बना हुआ है। यह समस्या 7 सितंबर 2025 को सामने आई, जब कई जिलों से शिकायतें आईं। बिहार सरकार अब इस समस्या को जल्दी हल करने की कोशिश कर रही है। अगर आप बिहार के सीमावर्ती इलाकों में रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है।

कमजोर नेटवर्क की समस्या क्या है?

बिहार के नेपाल से लगे जिलों जैसे सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, अररिया और किशनगंज में मोबाइल सिग्नल बहुत कमजोर है। पुलिस को अपराधियों की निगरानी करने और टीम के साथ संपर्क रखने में दिक्कत हो रही है। यहां तस्करी और अन्य गैरकानूनी काम ज्यादा होते हैं, लेकिन खराब नेटवर्क की वजह से सूचना समय पर नहीं पहुंचती। इससे सुरक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है और गोपनीय बातें बाहर जाने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोग भी इस समस्या से परेशान हैं, क्योंकि वे परिवार से बात नहीं कर पाते।

Bihar News: यह समस्या क्यों हो रही है?

सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल टावर बहुत कम हैं। नेटवर्क कंपनियां यहां ज्यादा निवेश नहीं करतीं, क्योंकि आबादी कम है। नेपाल की तरफ से भी सिग्नल कभी-कभी आते हैं, लेकिन वे विश्वसनीय नहीं होते। बारिश या खराब मौसम में तो नेटवर्क और भी खराब हो जाता है। पुलिस का कहना है कि तेज नेटवर्क न होने से अपराधी आसानी से भाग जाते हैं और महत्वपूर्ण संदेश देर से पहुंचते हैं। यह समस्या लंबे समय से है, लेकिन अब यह पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई है।

समस्या कब और कहां सामने आई?

यह मुद्दा 7 सितंबर 2025 को बिहार पुलिस मुख्यालय में उजागर हुआ। कई जिलों के पुलिस अधिकारीयों ने रिपोर्ट दी कि नेपाल सीमा पर नेटवर्क की कमी से काम रुक रहा है। खासकर सुपौल और मधुबनी जैसे इलाकों में यह दिक्कत सबसे ज्यादा है। यहां की भौगोलिक स्थिति भी नेटवर्क को प्रभावित करती है, जैसे पहाड़ी क्षेत्र और नदियां।

समस्या कैसे हल होगी?

बिहार सरकार ने केंद्र सरकार और टेलीकॉम कंपनियों से मदद मांगी है। योजना है कि सीमावर्ती गांवों में नए टावर लगाए जाएं और 4G या 5G नेटवर्क बढ़ाया जाए। पुलिस को सैटेलाइट फोन देने का भी विचार है, ताकि आपातकाल में संपर्क टूट न जाए। राज्य के गृह विभाग ने सभी जिलों से नेटवर्क की रिपोर्ट मांगी है। जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है, जिससे सुरक्षा मजबूत होगी।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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