Bihar News: बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मनरेगा कर्मियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुंकार भरी है। हजारों कर्मियों ने सरकार से तत्काल वेतन बढ़ाने और काम की बेहतर सुविधाएं देने की अपील की है। यह मांग 7 सितंबर 2025 को पटना में एक सभा के दौरान जोर-शोर से उठी। कर्मियों का कहना है कि उनकी मेहनत के बावजूद वेतन कम है। आइए जानते हैं कि यह मांग क्या है,
क्या है मनरेगा कर्मियों की मांग?
मनरेगा कर्मी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करते हैं, ने वेतन में बढ़ोतरी की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मियों का कहना है कि उनकी मौजूदा मजदूरी 228 रुपये प्रतिदिन है, जो आज के महंगाई के दौर में नाकाफी है। वे न्यूनतम मजदूरी को 400 रुपये करने और बेहतर कार्यस्थल सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। कर्मियों का कहना है कि बिना वेतन वृद्धि के उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
क्यों और कब उठी यह मांग?
बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और कर्मी इसे सही समय मानते हैं अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का। उनकी मांग इसलिए अहम है, क्योंकि मनरेगा बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लोगों को रोजगार देता है। यह मुद्दा 7 सितंबर 2025 को पटना में एक बड़ी सभा में सामने आया, जहां कर्मियों ने एकजुट होकर अपनी बात रखी। कर्मियों का कहना है कि महंगाई बढ़ रही है, लेकिन उनकी मजदूरी पिछले कई सालों से स्थिर है।
कहां हुई सभा, कैसे होगी मांग पूरी, कौन हैं शामिल?
यह सभा पटना के गांधी मैदान के पास हुई, जिसमें सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और अन्य जिलों के कर्मी शामिल हुए। कर्मियों ने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन तेज करेंगे। बिहार सरकार ने इस मुद्दे पर विचार करने का भरोसा दिया है, और जल्द ही कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की योजना है। इसमें मनरेगा कर्मी, यूनियन नेता, स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार के अधिकारी शामिल हैं। अगर आप मनरेगा कर्मी हैं या इस योजना से जुड़े हैं
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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