Bihar Politics: बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही उन्होंने एनडीए गठबंधन के समर्थन पर आधारित नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया। राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया और नीतीश कुमार को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने का निर्देश दिया, ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हो। राज्यपाल ने एनडीए को बहुमत साबित करने और सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी करने का संकेत भी दिया।
एनडीए विधायक दल की बैठक, नीतीश को सर्वसम्मति से नेता चुना
इस्तीफे से कुछ घंटे पहले विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायक दल की बैठक हुई। इसमें जेडीयू, बीजेपी, लोजपा (रामविलास), हम और आरएलएम के सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को एनडीए का नेता चुना। बैठक में सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा समेत एनडीए के प्रमुख नेता मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने कहा, “जनता का यह विश्वास गठबंधन सरकार के सुशासन और विकास के प्रति भरोसे का प्रतीक है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव प्रचार से लेकर परिणाम आने तक एनडीए के हर घटक दल ने एकजुटता के साथ काम किया, जिससे ऐतिहासिक बहुमत सुनिश्चित हुआ।
राजभवन में मुलाकात, NDA का मजबूत दावा
नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात के दौरान स्पष्ट किया कि वे एनडीए के सर्वसम्मत नेता हैं और गठबंधन ने उन्हें नई सरकार का नेतृत्व करने के लिए अधिकृत किया है। इस दौरान एनडीए के बड़े नेता भी राजभवन में उपस्थित थे। राज्यपाल ने कहा कि वे एनडीए के दावे की जांच करेंगे और बहुमत साबित करने का अवसर देंगे। नीतीश कुमार ने कहा, “आज उन्हें गर्व है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से LJP(रामविलास) ने राज्य की राजनीति में एक मजबूत स्थान बनाया है।” उन्होंने पिता रामविलास पासवान के सपनों का जिक्र किया।
शपथ ग्रहण की तैयारी: गांधी मैदान में ऐतिहासिक समारोह
गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल में जेडीयू और बीजेपी को लगभग बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा, जबकि सहयोगी दलों को भी जगह दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के अलावा दो उपमुख्यमंत्री (बीजेपी कोटे से) और 18-20 मंत्री शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पटना एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर द्वारा गांधी मैदान पहुंचेंगे और उसके बाद वापस लौटेंगे। तैयारियां जोरों पर हैं।
राजनीतिक निहितार्थ, एनडीए की मजबूत एकजुटता
यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की मजबूती को दर्शाता है, जहां जेडीयू-बीजेपी गठबंधन विधानसभा में बहुमत का दावा कर रहा है। एनडीए में उत्साह का माहौल है, और मंत्रिमंडल सूची लगभग अंतिम रूप ले चुकी है। यह कदम बिहार चुनाव परिणामों के बाद NDA सरकार के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण है।



