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Jharkhand News: रांची के होटवार जेल में आधी रात को बड़ी छापेमारी, 3 घंटे तक चली तलाशी, मोबाइल-चाकू और गांजा बरामद

Jharkhand News: झारखंड की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार जेल) में आज तड़के एक बड़ी छापेमारी की गई। रांची के उपायुक्त (DC) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के नेतृत्व में हुई इस औचक कार्रवाई में जेल के अंदर से भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामान बरामद हुआ है, जिसने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सघन तलाशी अभियान करीब तीन घंटे तक चला, जिससे जेल के भीतर हड़कंप मचा रहा।

डीसी और एसएसपी के नेतृत्व में सुबह 4 बजे हुई कार्रवाई

यह छापेमारी पूरी तरह से गोपनीय रखी गई थी। आज सुबह लगभग 4 बजे, रांची के उपायुक्त (DC) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के नेतृत्व में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की एक टीम अचानक होटवार जेल पहुंची। टीम के पहुंचते ही जेल के सभी गेट सील कर दिए गए और किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने पर रोक लगा दी गई। इसके बाद, टीम ने जेल के विभिन्न वार्डों, खासकर हाई-प्रोफाइल कैदियों के वार्डों की सघन तलाशी शुरू की।

जेल से चल रहे आपराधिक सिंडिकेट की मिली थी सूचना

प्रशासन को पिछले कुछ समय से यह गोपनीय सूचना मिल रही थी कि होटवार जेल के अंदर से एक बड़ा आपराधिक सिंडिकेट चलाया जा रहा है। खबर थी कि जेल में बंद कुख्यात अपराधी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रंगदारी (extortion) मांग रहे हैं, अपने गिरोह को चला रहे हैं और बाहर आपराधिक वारदातों की साजिश रच रहे हैं। इसी खुफिया जानकारी के आधार पर इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

क्या-क्या हुआ बरामद?

लगभग तीन घंटे तक चली इस सघन तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को कई प्रतिबंधित वस्तुएं मिलीं। सूत्रों के अनुसार, जेल के अलग-अलग वार्डों से कई मोबाइल फोन, चार्जर, सिम कार्ड, और हाथ से बने धारदार हथियार (चाकू) बरामद हुए हैं। इसके अलावा, कुछ वार्डों से गांजा और अन्य नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए हैं। टीम ने बरामद सभी सामानों को जब्त कर लिया है और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

जेल प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल

इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर होटवार जेल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद जेल के अंदर मोबाइल फोन, चार्जर और हथियार जैसी प्रतिबंधित चीजें कैसे पहुंच रही हैं। यह घटना जेल के अंदर कैदियों और कुछ जेलकर्मियों की मिलीभगत की ओर भी इशारा करती है। जिला प्रशासन अब इस मामले की एक विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद जिम्मेदार जेल अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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