Top 5 This Week

Related Posts

एनडीए में बड़ा फेरबदल! शिक्षा मंत्रालय हॉट सीट, नए चेहरों की एंट्री

  • एनडीए की नई टीम की आहट
  • मंत्रालयों में फेरबदल की तैयारी
  • शिक्षा मंत्रालय हॉट सीट
  • 70 पार मंत्रियों पर नजर

New Delhi: केंद्रीय राजनीति में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में जल्द ही नए चेहरों को जगह मिलने और कई मंत्रियों के विभाग बदले जाने की चर्चा है। सत्ता के गलियारों में माना जा रहा है कि अगली केंद्रीय मंत्रिमंडल बैठक नए स्वरूप में हो सकती है।

बुधवार, 2 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हुई। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिन पहले ही बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन से लौट चुके थे और दिल्ली में मौजूद थे। ऐसे में कैबिनेट बैठक का न होना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

इससे पहले 26 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी, लेकिन बैठक के बाद कोई बड़ा फैसला सार्वजनिक नहीं किया गया। हालांकि, इसी बैठक में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मंत्रियों को दिए गए एक संकेत को संभावित फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।

चर्चा है कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगली कैबिनेट बैठक में कुछ नए साथी शामिल होंगे। यदि यह संकेत सही साबित होता है तो अगली बैठक नए मंत्रियों के साथ होने की संभावना जताई जा रही है।

कैलेंडर में बेहद कम समय

मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल के लिए राजनीतिक कैलेंडर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा पर रहेंगे। इसके बाद 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। वहीं, 17 सितंबर से भाजपा का सेवा संकल्प अभियान शुरू होने की चर्चा है।

ऐसे में 6 और 7 सितंबर के आसपास का समय राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। हालांकि, फेरबदल की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

विभाग बदले जाने की चर्चा photo AI

कई मंत्रियों के विभाग बदले जाने की चर्चा

संभावित फेरबदल में केवल नए चेहरों को शामिल करने के बजाय मौजूदा मंत्रियों के मंत्रालयों में भी बदलाव किया जा सकता है। जिन मंत्रियों के पास एक से अधिक महत्वपूर्ण विभाग हैं, उनके कुछ मंत्रालय दूसरे नेताओं को दिए जाने की संभावना पर चर्चा है।

शिक्षा मंत्रालय को लेकर विशेष चर्चा है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस मंत्रालय में किसी ऐसे चेहरे को जिम्मेदारी दी जा सकती है जिसकी युवाओं के बीच मजबूत पकड़ हो और जो शिक्षा तथा बौद्धिक मुद्दों पर प्रभावी संवाद कर सके।

वरिष्ठ मंत्रियों पर सियासी निशाना Photo AI

70 वर्ष से अधिक उम्र वाले मंत्री निशाने पर?

मौजूदा मंत्रिपरिषद में 70 वर्ष से अधिक उम्र के कई मंत्री हैं। संभावित फेरबदल में उम्र भी एक महत्वपूर्ण कसौटी हो सकती है। चर्चा है कि ऐसे कुछ वरिष्ठ नेताओं को सरकार से हटाकर संगठन या राज्यों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

हालांकि, किसी मंत्री को हटाने या विभाग बदलने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है।

सहयोगी दलों का दबाव भी अहम

एनडीए के सहयोगी दल भी मंत्रिमंडल फेरबदल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। महाराष्ट्र की शिवसेना, एनसीपी और अन्य सहयोगी दलों की ओर से मंत्रिपद की अपेक्षाएं बताई जा रही हैं। सहयोगी दलों के बीच लोकसभा में संख्या और राजनीतिक प्रभाव के आधार पर प्रतिनिधित्व को लेकर समीकरण बनाए जा सकते हैं।

यही वजह है कि संभावित फेरबदल को केवल भाजपा के भीतर का बदलाव नहीं, बल्कि पूरे एनडीए के राजनीतिक संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश से रवि किशन

उत्तर प्रदेश से रवि किशन के नाम की चर्चा

उत्तर प्रदेश से सांसद रवि किशन का नाम भी संभावित फेरबदल को लेकर चर्चा में है। भाजपा के लिए उत्तर प्रदेश सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में शामिल है और पार्टी सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने पर लगातार जोर देती रही है।

रवि किशन की लोकप्रियता, खासकर युवाओं और पूर्वांचल क्षेत्र में उनकी पहचान को देखते हुए उन्हें केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, उनके नाम को लेकर भी अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन संकेतों और राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए सितंबर का पहला सप्ताह मोदी सरकार के लिए अहम माना जा रहा है। अगर फेरबदल होता है तो नए चेहरे, मंत्रालयों का पुनर्वितरण और एनडीए सहयोगियों को प्रतिनिधित्व—तीनों मोर्चों पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Manpreet Singh
Author: Manpreet Singh

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles