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Petrol-Diesel Rate 3 Sep 2026: 3 सितंबर पेट्रोल-डीजल कीमतें, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत प्रमुख शहरों के नए रेट

Petrol-Diesel Rate 3 Sep 2026: 3 सितंबर को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल डीजल कीमतें नई दरों के साथ सामने आई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर है जबकि हैदराबाद में यह 115.69 रुपये तक पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य तनाव के बाद तेल बाजार फिर सतर्क हो गया है। भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है इसलिए अंतरराष्ट्रीय हलचल का सीधा असर घरेलू ईंधन दरों पर पड़ सकता है। आम उपभोक्ता अब यही देख रहा है कि ये रेट स्थिर रहेंगे या आगे और बदलाव आएगा।

Petrol-Diesel Rate 3 Sep 2026: दिल्ली और कोलकाता में आज के पेट्रोल रेट

दिल्ली में 3 सितंबर को पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। कोलकाता में यही पेट्रोल 113.43 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। दोनों शहरों के रेट में फर्क मुख्य रूप से राज्य करों की वजह से दिखता है। स्थानीय उपभोक्ता रोज इन दरों के हिसाब से बजट बना रहे हैं।

मुंबई चेन्नई बेंगलुरु और हैदराबाद के पेट्रोल भाव

मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.12 रुपये प्रति लीटर है। चेन्नई में यह 107.75 रुपये प्रति लीटर चल रहा है। बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये प्रति लीटर पर है। हैदराबाद में सबसे ऊंचा रेट 115.69 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। शहर बदलते ही जेब पर बोझ भी बदल जाता है।

प्रमुख शहरों में 3 सितंबर के डीजल रेट

दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में डीजल 99.78 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई में कीमत 97.78 रुपये प्रति लीटर बताई गई है। चेन्नई में डीजल 99.57 रुपये प्रति लीटर उपलब्ध है। ये दरें परिवहन और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए खास मायने रखती हैं।

Petrol-Diesel Rate 3 Sep 2026: हैदराबाद और बेंगलुरु में डीजल की स्थिति

हैदराबाद में डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। बेंगलुरु में यह 98.79 रुपये प्रति लीटर पर है। डीजल का इस्तेमाल ट्रक बस और कृषि कार्यों में ज्यादा होता है। छोटी बढ़ोतरी भी ढुलाई खर्च बढ़ा देती है। स्थानीय बाजार इसी वजह से इन आंकड़ों पर नजर जमाए हुए है।

वैश्विक कच्चे तेल बाजार में क्या चल रहा है

गुरुवार को ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा और वायदा 0.1 फीसदी गिरकर 95.15 डॉलर पर दिखा। बुधवार को कीमतों में करीब एक फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। ब्रेंट 95.63 डॉलर पर बंद हुआ था। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई करीब एक फीसदी चढ़कर 91.01 डॉलर पर पहुंचा था।

Petrol-Diesel Rate 3 Sep 2026: अमेरिका ईरान तनाव और तेल आपूर्ति की चिंता

अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े ठिकानों पर हमले का दावा किया। निशाने पर वायु रक्षा रडार समुद्री परिसंपत्तियां और संचार केंद्र बताए गए। ईरान ने जॉर्डन कुवैत बहरीन इराक और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आवाजाही को लेकर बाजार चिंतित है।

होर्मुज से गुजरने वाले तेल का हाल

सोमवार को इस जलडमरूमध्य से 17 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल गुजरा। युद्ध से पहले यहां रोजाना करीब 20 मिलियन बैरल तेल गुजरता था। आपूर्ति कम रहने से कीमतों में दबाव बना हुआ है। इस हफ्ते अमेरिकी तेल कीमतों में करीब 9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधा का जोखिम भुना रहा है।

भारत पर महंगे तेल का संभावित असर

भारत भारी मात्रा में कच्चा तेल मंगवाता है। वैश्विक कीमतें ऊंची टिकी रहीं तो आयात बिल बढ़ सकता है। महंगाई पर भी दबाव बनने की आशंका रहती है। घरेलू पेट्रोल डीजल कीमतों में संशोधन की चर्चा भी बाजार में चल रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान से बातचीत में कम दिलचस्पी दिखाई है। वाशिंगटन आर्थिक दबाव नाकेबंदी और अतिरिक्त प्रतिबंधों की ओर बढ़ता दिख रहा है।

Petrol-Diesel Rate 3 Sep 2026: पेट्रोल डीजल की कीमतें आखिर कैसे तय होती हैं

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत सबसे बड़ा कारक मानी जाती है। इसके अलावा केंद्र और राज्य के कर रिफाइनरी मार्जिन ढुलाई और वितरण खर्च भी रेट तय करते हैं। रुपये की डॉलर के मुकाबले चाल भी मायने रखती है। एक ही दिन में अलग-अलग शहरों के भाव इसी मिश्रण की वजह से अलग दिखते हैं।

दिल्ली जैसे केंद्र शासित क्षेत्र में कर ढांचा अपेक्षाकृत हल्का रहता है। कुछ राज्यों में वैट ज्यादा होने से कीमत ऊपर चली जाती है। यही कारण है कि हैदराबाद और कोलकाता के रेट दिल्ली से काफी अलग नजर आते हैं। रोजमर्रा के खर्च में पेट्रोल डीजल सीधा जुड़ा है।

कैब ऑटो और सामान ढुलाई का किराया इन्हीं दरों से प्रभावित होता है। सब्जी फल तक महंगे तेल का असर पहुंच जाता है। फिलहाल दरें जारी आंकड़ों के मुताबिक बनी हुई हैं। तनाव आगे बढ़ता है या थमता है इसी पर अगली हलचल निर्भर करेगी। बाजार अब अगले कदम और ताजा तेल आंकड़ों का इंतजार कर रहा है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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