Maruti Suzuki S-Presso: बजट कार खरीदने वाले अक्सर मारुति अल्टो के10 को सबसे सस्ता विकल्प मानते हैं। अब स्थिति बदल गई है। मारुति सुजुकी एस-प्रेसो की शुरुआती कीमत अल्टो के10 से करीब 20 हजार रुपये कम है। दिल्ली एक्स शोरूम पर इसकी कीमत 3.50 लाख रुपये से शुरू होकर 5.27 लाख रुपये तक जाती है।
अल्टो के10 की कीमत 3.70 लाख से 5.45 लाख रुपये तक बताई गई है। कम कीमत के बावजूद एस-प्रेसो में रोजमर्रा की ड्राइविंग के लिए जरूरी फीचर्स दिए गए हैं। माइलेज, स्पेस और सेफ्टी फीचर्स इसकी खासियत हैं।
एस-प्रेसो की कीमत अल्टो के10 से कितनी कम है?
एस-प्रेसो की शुरुआती कीमत 3.50 लाख रुपये है जबकि अल्टो के10 3.70 लाख रुपये से शुरू होती है। दोनों की टॉप कीमत में भी एस-प्रेसो 5.27 लाख और अल्टो 5.45 लाख रुपये पर है। यानी एंट्री लेवल पर करीब 20 हजार रुपये का अंतर है।
यह अंतर बजट खरीदारों के लिए मायने रखता है। पहली कार खरीदने वाले या छोटे परिवार के लिए शुरुआती कीमत कम होना फायदेमंद हो सकता है। कीमत दिल्ली एक्स शोरूम के अनुसार दी गई है। अन्य शहरों में यह थोड़ी अलग हो सकती है।
कम कीमत के साथ कार में एएमटी गियर और टचस्क्रीन जैसे फीचर्स मिलना इसे आकर्षक बनाता है। खरीदार कीमत के साथ चलने का खर्च भी देखते हैं।
केबिन और बूट स्पेस अल्टो से कैसे अलग है?
एस-प्रेसो का केबिन अल्टो के10 के मुकाबले ज्यादा खुला और स्पेशियस महसूस होता है। ऊंची डिजाइन की वजह से अंदर बैठने पर जगह का एहसास बेहतर मिलता है। छोटे कद वाले लोगों या परिवार के लिए यह आरामदायक हो सकता है।
बूट स्पेस 239 लीटर का है। सफर के दौरान सामान रखने के लिए यह पर्याप्त माना जा सकता है। रोजमर्रा की खरीदारी या छोटे ट्रिप के लिए यह स्पेस काम आता है।
ऊँचा बैठने का पोजीशन ड्राइविंग में सुविधा देता है। बजट सेगमेंट में स्पेस की कमी अक्सर शिकायत का विषय रहती है। एस-प्रेसो इस मामले में अल्टो से बेहतर एहसास देने का दावा करती है।
इंजन, गियर और सीएनजी विकल्प क्या हैं?
एस-प्रेसो में 1.0 लीटर का तीन सिलेंडर डुअल जेट पेट्रोल इंजन है। यह 68 पीएस पावर और 89 एनएम टॉर्क देता है। किफायती चलाने के लिए फैक्ट्री फिटेड सीएनजी का विकल्प भी उपलब्ध है। सीएनजी मोड में 56 पीएस पावर और 82 एनएम टॉर्क मिलता है।
ट्रांसमिशन में 5 स्पीड मैनुअल सभी वेरिएंट में स्टैंडर्ड है। एएमटी गियरबॉक्स का विकल्प भी है। शहर में ट्रैफिक में एएमटी सुविधाजनक हो सकता है जबकि मैनुअल कंट्रोल पसंद करने वाले मैनुअल चुन सकते हैं।
छोटा इंजन रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए पर्याप्त माना जाता है। सीएनजी विकल्प उन लोगों के लिए है जो महीने के ईंधन खर्च को और कम रखना चाहते हैं।
माइलेज कितना है और रोजाना चलाने में कितना फायदा?
पेट्रोल वेरिएंट एआरएआई के मुताबिक 24.76 से 25.3 किलोमीटर प्रति लीटर माइलेज देते हैं। सीएनजी वेरिएंट की माइलेज 32.73 किलोमीटर प्रति किलोग्राम तक बताई गई है।
रोजाना 50 से 100 किलोमीटर चलने वालों के लिए यह आंकड़ा जेब पर बोझ कम करने वाला है। सीएनजी में माइलेज ज्यादा होने से मंथली खर्च घट सकता है। पेट्रोल वाले भी सेगमेंट के हिसाब से अच्छा आंकड़ा देते हैं।
माइलेज वास्तविक सड़क पर ड्राइविंग स्टाइल, ट्रैफिक और रखरखाव पर निर्भर करता है। फिर भी आधिकारिक आंकड़े बजट खरीदारों को आकर्षित करते हैं।
कौन से फीचर्स और सेफ्टी उपकरण मिलते हैं?
एस-प्रेसो में सेंटर माउंटेड डिजिटल डिस्प्ले के साथ 7 इंच का इंफोटेनमेंट सिस्टम है। यह एप्पल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो को सपोर्ट करता है। फोन कनेक्ट करके नेविगेशन और म्यूजिक चलाना आसान हो जाता है।
सेफ्टी के लिए डुअल एयरबैग, हिल होल्ड असिस्ट, रिवर्स पार्किंग सेंसर, एबीएस के साथ ईबीडी और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम यानी ईएसपी दिए गए हैं। बजट कार में ये फीचर्स सुरक्षा बढ़ाने वाले हैं।
पार्किंग सेंसर शहर में गाड़ी खड़ी करने में मदद करते हैं। हिल होल्ड ढलान पर रोलबैक रोकता है। ईएसपी स्थिरता बनाए रखने में सहायक है। कम कीमत में ये उपकरण मिलना खरीदारों के लिए प्लस पॉइंट है।
एस-प्रेसो को बजट सेगमेंट में कीमत, माइलेज और बेसिक फीचर्स का संतुलन देने वाली कार के रूप में पेश किया गया है। अल्टो के10 से सस्ती होने के साथ स्पेस और सीएनजी माइलेज इसकी खास बातें हैं। खरीदार टेस्ट ड्राइव करके केबिन और ड्राइविंग का अनुभव खुद जांच सकते हैं। कीमत और फीचर्स की जानकारी डीलरशिप पर वेरिएंट के अनुसार और स्पष्ट हो सकती है।
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