Top 5 This Week

Related Posts

New BCCI Chief Selector: अजीत अगरकर का चीफ सिलेक्टर अध्याय खत्म? प्रज्ञान ओझा को मिल सकती है अंतरिम कमान

New BCCI Chief Selector: भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने की चर्चा तेजी से बढ़ गई है। बीसीसीआई की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिर भी चयन प्रक्रिया के आसपास चल रही हलचल से यही संकेत मिल रहा है कि पद पर बदलाव की तैयारी चल रही है।

प्रज्ञान ओझा का नाम इस बीच सबसे अधिक चर्चा में है। माना जा रहा है कि उन्हें कुछ समय के लिए अंतरिम चीफ सिलेक्टर बनाया जा सकता है। भारत अक्टूबर में न्यूजीलैंड के दौरे पर जाने वाला है और उस दौरे के लिए टीम का ऐलान अभी बाकी है। इसी पृष्ठभूमि में चयन समिति की जिम्मेदारी किसके हाथ में रहेगी, यह सवाल अब और महत्वपूर्ण हो गया है।

अजीत अगरकर की स्थिति क्यों अनिश्चित दिख रही है

भारतीय टीम इस समय वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे की सीरीज खेल रही है। आखिरी मैच 3 अक्टूबर को है। उसके अगले दिन यानी 4 अक्टूबर को न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है। उसी दिन अगरकर के भविष्य को लेकर भी तस्वीर साफ हो सकती है।

गुवाहाटी में मंगलवार को चयन समिति की बैठक हुई। उस बैठक में अजीत अगरकर नजर नहीं आए। यही वजह है कि उनके पद पर बने रहने को लेकर संदेह गहरा गया है। बीसीसीआई ने इस विषय पर कोई आधिकारिक अपडेट जारी नहीं किया है। इसलिए फिलहाल यह चर्चा सूत्रों और रिपोर्ट्स पर आधारित है, पुष्टि नहीं।

क्रिकबज की रिपोर्ट में भी यही दावा किया गया है कि अगरकर का अध्याय समाप्त होने वाला है और उनकी जगह ओझा को अंतरिम जिम्मेदारी दी जा सकती है। आधिकारिक बयान आने तक इसे संभावित घटनाक्रम ही माना जाना चाहिए।

प्रज्ञान ओझा को मजबूत दावेदार क्यों माना जा रहा है

प्रज्ञान ओझा भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी हैं और चयन समिति में इस समय सबसे सीनियर सदस्य माने जा रहे हैं। उनकी उम्र करीब 40 वर्ष बताई गई है। समिति में एसएस दास, आरपी सिंह और अजय रात्रा पहले से मौजूद हैं। इस संरचना में ओझा की वरिष्ठता उनके पक्ष में सबसे बड़ा कारक बन रही है।

पहले जब अगरकर के जाने की खबर आई थी तब प्रज्ञान ओझा के साथ पार्थिव पटेल का नाम भी जोरशोर से चर्चा में था। अब पटेल का दावा पीछे छूटता दिख रहा है। फिर भी अंतिम फैसला बीसीसीआई का होगा। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि स्थायी चीफ सिलेक्टर कौन बनेगा।

संभावना यह भी जताई जा रही है कि ओझा को पहले अंतरिम जिम्मेदारी दी जाए और कुछ दिन बाद उन्हें स्थायी पद पर भी रखा जा सकता है। यह केवल चर्चा है। संस्था की ओर से कोई पुष्टि नहीं आई है।

न्यूजीलैंड दौरे की टीम कब और कैसे तय होगी

टीम इंडिया अक्टूबर में न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। उस दौरे के लिए खिलाड़ियों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच चल रही वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला 3 अक्टूबर को है। इसके अगले दिन टीम ऐलान की संभावना है।

कहा जा रहा है कि न्यूजीलैंड सीरीज के लिए ज्यादातर नाम लगभग तय हो चुके हैं। कुछ एक बदलाव के बाद सूची घोषित की जा सकती है। चयन समिति की बैठक में कौन शामिल होता है, यह भी संकेत देगा कि कमान किसके हाथ में है।

30 सितंबर को गुवाहाटी में भारत और वेस्टइंडीज का दूसरा वनडे खेला जाना है। उसी शहर में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया भी मौजूद हैं। उनके घर का सिलसिला भी गुवाहाटी से जुड़ा है। इस उपस्थिति को लेकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अंतरिम व्यवस्था पर उनका संकेत भी भूमिका निभा सकता है। यह अनुमान स्रोत सामग्री में व्यक्त किया गया है, आधिकारिक पुष्टि नहीं।

चयन समिति की बैठक से क्या संकेत मिले

मंगलवार की बैठक में अगरकर की अनुपस्थिति सबसे बड़ा संकेत बन गई है। बैठक गुवाहाटी में हुई और उसी समय टीम के अगले कार्यक्रमों पर चर्चा चल रही है। चयन समिति में ओझा के अलावा दास, सिंह और रात्रा शामिल हैं। ऐसे में अंतरिम नेतृत्व के लिए ओझा का नाम सबसे आगे क्यों दिख रहा है, यह समिति की मौजूदा बनावट से जुड़ा है।

बीसीसीआई की ओर से पद परिवर्तन की कोई औपचारिक प्रक्रिया अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए पाठकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वर्तमान चर्चा रिपोर्ट्स और बैठक की उपस्थिति पर आधारित है। संस्था जब ऐलान करेगी तभी स्थिति प्रमाणिक मानी जाएगी।

आगे क्या हो सकता है

आने वाले तीन चार दिनों में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। 4 अक्टूबर का टीम ऐलान इस मायने में दोहरा महत्व रखता है। एक तरफ न्यूजीलैंड दौरे की सूची सामने आएगी। दूसरी तरफ यह भी दिखेगा कि चयन बैठक में कौन अध्यक्षता कर रहा है।

अगर ओझा अंतरिम चीफ सिलेक्टर बनते हैं तो स्थायी नियुक्ति का फैसला बाद में हो सकता है। पार्थिव पटेल का नाम पहले चर्चा में था लेकिन फिलहाल ओझा का दावा अधिक मजबूत बताया जा रहा है। अंतिम निर्णय बीसीसीआई के अधिकारियों पर निर्भर करेगा।

यह विकास भारतीय टीम के निकट भविष्य के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक बड़ी विदेशी सीरीज सिर पर है और चयन प्रक्रिया में स्थिरता की जरूरत रहती है। आधिकारिक बयान आने तक अटकलों को अटकल ही माना जाना चाहिए।

टीम इंडिया के प्रशंसक और क्रिकेट प्रेमी इस पूरे प्रकरण को इसलिए भी करीब से देख रहे हैं क्योंकि चीफ सिलेक्टर का पद टीम संयोजन पर सीधा असर डालता है। वेस्टइंडीज सीरीज के समापन के तुरंत बाद न्यूजीलैंड दौरे की तैयारी शुरू होनी है। ऐसे में नेतृत्व की स्पष्टता जरूरी हो जाती है।

बीसीसीआई अब तक चुप है। यही चुप्पी चर्चा को और बढ़ा रही है। गुवाहाटी में चल रहे मैच और वहां मौजूद अधिकारियों की उपस्थिति इस कहानी को तात्कालिक बना रही है। अगले कुछ दिनों में जब टीम सूची आएगी तब कई सवालों के जवाब भी साथ में आ सकते हैं।

अजीत अगरकर लंबे समय से चयन प्रक्रिया से जुड़े रहे। उनके कार्यकाल पर अंतिम टिप्पणी तभी संभव होगी जब संस्था खुद कुछ कहे। फिलहाल उपलब्ध जानकारी यही है कि बैठक में उनकी उपस्थिति नहीं रही और ओझा का नाम अंतरिम व्यवस्था के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है।

पाठकों के लिए सबसे व्यावहारिक बात यह है कि 3 अक्टूबर तक वेस्टइंडीज सीरीज पूरी होगी और उसके तुरंत बाद टीम ऐलान की प्रतीक्षा रहेगी। उसी ऐलान के इर्दगिर्द चयन नेतृत्व की तस्वीर भी उभर सकती है।

Read More Here

Netsha Singh
Author: Netsha Singh

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles