Dubai-Tel Aviv Flight Hijack: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाई दुबई की एक यात्री फ्लाइट को लेकर मंगलवार को सुरक्षा संबंधी गंभीर आशंका पैदा हो गई। विमान ने उड़ान के दौरान इमरजेंसी संकेत भेजे और उसके बाद हाईजैक से जुड़े कोड पर स्विच किया। इस घटना के बाद इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों को अलर्ट पर रखा और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तथा रक्षा मंत्री की आपात बैठक भी हुई।
फ्लाइट में 150 से अधिक इजरायली यात्री सवार बताए गए। स्थानीय रिपोर्टों में यह संख्या करीब 180 इजरायली यात्रियों तक बताई गई। विमान सऊदी अरब के ऊपर से गुजरते समय मुड़ा और बाद में सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर उतरा। लैंडिंग के बाद हाईजैकिंग की आशंका को खारिज कर दिया गया।
यह घटना इसलिए संवेदनशील मानी गई क्योंकि फ्लाइट सीधे इजरायल जा रही थी और उसमें बड़ी संख्या में इजरायली यात्री थे। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान ने पहले सामान्य इमरजेंसी का संकेत दिया, फिर गैर कानूनी दखल का कोड भेजा और बाद में फिर पहले वाले संकेत पर लौट आया।
फ्लाइट ने कौन से कोड भेजे थे?
फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ1073 ने पहले स्क्वाक कोड 7700 जारी किया। यह अंतरराष्ट्रीय विमानन में सामान्य इमरजेंसी का मानक संकेत माना जाता है। इसके बाद विमान ने कोड 7500 पर स्विच किया। यह कोड गैर कानूनी दखल यानी हाईजैक जैसी स्थिति का संकेत देता है।
इजरायली मीडिया के अनुसार विमान बाद में वापस शुरुआती कोड पर आ गया। यही बदलाव सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का कारण बना। विमान द्वारा भेजा गया इमरजेंसी सिग्नल एक स्टैंडर्ड एविएशन अलर्ट है, जो बताता है कि विमान किसी आपात स्थिति का सामना कर रहा है।
फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। सऊदी अरब के ऊपर उड़ान भरते समय यह वापस मुड़ गई। फ्लाइट ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार इमरजेंसी अलर्ट जारी होने के बाद विमान की दिशा बदल गई।
इजरायल ने क्या कदम उठाए?
आशंका बढ़ने के बाद इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों को उस यात्री विमान की ओर भेजा गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी दी गई। इजरायली एयरस्पेस को भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। विमान के सऊदी अरब में उतरने के बाद एयरस्पेस को फिर खोल दिया गया।
इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू और इजरायल के रक्षा मंत्री की इमरजेंसी बैठक भी हुई। बैठक का उद्देश्य स्थिति का आकलन करना और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करना बताया गया। फ्लाइट में बड़ी संख्या में इजरायली यात्री होने के कारण मामला राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर संवेदनशील हो गया।
द टाइम्स ऑफ इजरायल के हवाले से यह जानकारी आई कि विमान बाद में सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर उतरा। उतरने के बाद हाईजैकिंग की आशंका समाप्त कर दी गई।
विमान आखिर कहां उतरा और क्या हुआ?
फ्लाइट को सऊदी अरब की तरफ डायवर्ट किया गया। रिपोर्टों के अनुसार विमान सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा। लैंडिंग के बाद अधिकारियों ने हाईजैक की आशंका को खारिज कर दिया।
यह स्पष्ट नहीं किया गया कि विमान ने पहले इमरजेंसी कोड और फिर हाईजैक कोड क्यों भेजा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संकेत बदले गए और बाद में विमान सामान्य इमरजेंसी कोड पर लौट आया। फ्लाइट के मुड़ने और सऊदी हवाई अड्डे पर उतरने के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई गई।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर शुरुआती घंटों में चिंता बनी रही। विमान में 150 से ज्यादा इजरायली पैसेंजर सवार होने की बात कही गई। कुछ रिपोर्टों में करीब 180 इजरायली यात्रियों का जिक्र है। फ्लाइट दुबई से तेल अवीव के लिए निर्धारित थी, इसलिए इसका मार्ग और मंजिल दोनों संवेदनशील माने गए।
यह घटना क्यों महत्वपूर्ण मानी गई?
हवाई यात्रा में स्क्वाक कोड सुरक्षा संचार का हिस्सा होते हैं। कोड 7700 सामान्य आपात स्थिति दर्शाता है, जबकि कोड 7500 अवैध हस्तक्षेप का संकेत माना जाता है। एक ही फ्लाइट में दोनों कोड आने और फिर संकेत बदलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं।
इजरायल जा रही फ्लाइट पर ऐसा संकेत मिलना अपने आप में गंभीर माना गया। इसी वजह से फाइटर जेट्स भेजे गए और एयरस्पेस थोड़े समय के लिए बंद किया गया। शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की आपात बैठक भी इसी संवेदनशीलता को दिखाती है।
लैंडिंग के बाद आशंका खारिज होने से तत्काल संकट टल गया। फिर भी यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में आपात संकेत कितनी तेजी से व्यापक सुरक्षा प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और इजरायली मीडिया रिपोर्टों ने घटना की समय रेखा को सार्वजनिक किया।
अब स्थिति क्या है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार विमान सऊदी अरब में उतर चुका है और हाईजैकिंग की आशंका खारिज कर दी गई है। इजरायली एयरस्पेस को भी दोबारा खोल दिया गया है। फ्लाइट FZ1073 से जुड़े आपात संकेतों के बाद जो सुरक्षा तैनाती हुई थी, वह लैंडिंग के बाद सामान्य स्थिति की ओर लौट आई।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोड बदलने के पीछे तकनीकी कारण था या कोई अन्य परिस्थिति। स्रोत सामग्री में केवल यही कहा गया है कि पहले 7700, फिर 7500 और उसके बाद वापस शुरुआती कोड आया। विमान सऊदी अरब के ऊपर से मुड़ा और वहीं एक हवाई अड्डे पर उतरा।
यात्रियों और विमान की मौजूदा स्थिति पर इससे आगे की आधिकारिक विस्तृत जानकारी उपलब्ध सामग्री में नहीं दी गई है। घटना 30 सितंबर 2026 को रिपोर्ट की गई और इंडिया टीवी हिंदी समेत कई माध्यमों ने इसे विदेशी खबर के रूप में प्रकाशित किया।
इस पूरे प्रकरण से एक बात साफ है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ान में आपात कोड आते ही संबंधित देश तुरंत सैन्य और प्रशासनिक प्रतिक्रिया देते हैं। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाई दुबई फ्लाइट के मामले में भी यही हुआ। आशंका गंभीर थी, प्रतिक्रिया तेज थी और लैंडिंग के बाद आधिकारिक तौर पर हाईजैक की आशंका खत्म कर दी गई।
यात्री विमान, इजरायली यात्रियों की बड़ी संख्या, सऊदी अरब के ऊपर मार्ग परिवर्तन, दो अलग स्क्वाक कोड और फाइटर जेट्स की तैनाती, ये सभी तत्व इस खबर को सामान्य विमानन गड़बड़ी से अलग बनाते हैं। फिलहाल पुष्टि यही है कि विमान सऊदी हवाई अड्डे पर उतर गया और हाईजैकिंग की आशंका खारिज कर दी गई।
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