CG News: सेना की अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब ये युवा राज्य में पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी जैसे तृतीय श्रेणी के पदों पर नियुक्त हो सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने 15 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों के तहत पूर्व अग्निवीरों को इन पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि उनका चयन 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार मेरिट सूची से होगा। लिखित परीक्षा और शारीरिक योग्यता एवं दक्षता परीक्षा से उन्हें पूरी तरह छूट मिल गई है।
छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए क्या नए नियम बने हैं?
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी उन पूर्व अग्निवीरों को मिलेगी, जिन्होंने भारत सरकार की अग्निपथ भर्ती योजना के तहत थल सेना, नौसेना या वायुसेना में चार वर्ष की सेवा सफलतापूर्वक पूरी की हो। गृह (पुलिस) विभाग आरक्षक पद के लिए, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वनरक्षक पद के लिए और जेल विभाग जेल प्रहरी पद के लिए भर्ती करेगा। नियमों के अनुसार, संबंधित विभागों के भर्ती नियमों में निर्धारित प्रक्रिया के अलावा इन युवाओं के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है। नियुक्ति के बाद तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि रखी जाएगी। किसी एक पद पर नियुक्ति मिलने के बाद वही अभ्यर्थी दूसरे पद पर पूर्व अग्निवीर कोटे का लाभ दोबारा नहीं ले सकेगा। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक पूर्व सैनिकों को अवसर मिल सके और एक ही व्यक्ति कई बार लाभ न उठा सके।
चयन कैसे होगा और मेरिट सूची किस आधार पर बनेगी?
भर्ती प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है। पूर्व अग्निवीरों की बैचवार मेरिट सूची 10वीं की परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। अगर दो अभ्यर्थियों के अंक समान रहते हैं तो अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को मेरिट में ऊपर स्थान मिलेगा। वैकल्पिक रूप से भारत सरकार के गृह मंत्रालय से प्राप्त पूर्व अग्निवीरों की मेरिट सूची के आधार पर भी चयन सूची बनाई जा सकती है। नियम में साफ लिखा है कि पहले बैच के पात्र पूर्व अग्निवीरों का चयन पूरा होने के बाद ही अगले बैच के अभ्यर्थियों पर विचार किया जाएगा। सेना, नौसेना या वायुसेना की ओर से जारी ऐसा शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी मान्य होगा जो मैट्रिक यानी 10वीं के प्रमाणपत्र के समकक्ष हो। इस व्यवस्था से उन युवाओं को भी मौका मिलेगा जिनके पास नियमित स्कूल का सर्टिफिकेट नहीं है लेकिन सेना ने उन्हें समकक्ष योग्यता दी हो।
उम्र सीमा में कितनी छूट दी गई है?
पूर्व अग्निवीरों को उम्र में अतिरिक्त छूट का प्रावधान किया गया है। पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को पांच वर्ष और अन्य बैचों के पूर्व अग्निवीरों को तीन वर्ष की अतिरिक्त आयु छूट मिलेगी। यह छूट संबंधित विभाग के भर्ती नियमों में निर्धारित अधिकतम आयु सीमा और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभिन्न वर्गों को दी जाने वाली छूट के अतिरिक्त होगी। हालांकि सभी प्रकार की छूट मिलाकर कुल आयु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक नहीं हो सकेगी। इसका मतलब है कि उम्र में राहत तो मिलेगी लेकिन नियम की सीमा से बाहर नहीं जाया जा सकेगा। इससे युवाओं को सेना सेवा के बाद भी राज्य की नौकरी का अवसर मिल सकेगा।
आवेदन कैसे करना होगा और नियुक्ति प्रक्रिया क्या है?
पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए अलग पोर्टल विकसित किया जाएगा। संबंधित पदों के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद पात्र अभ्यर्थियों को इसी पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा। चयन प्रक्रिया पूरी होने पर संबंधित विभाग के अधिकृत नियुक्ति अधिकारी नियुक्ति आदेश जारी करेंगे। आवेदन से लेकर नियुक्ति तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और युवाओं को सुविधा हो। विभागों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर विज्ञापन जारी करें और चयन प्रक्रिया जल्द पूरी करें। इससे सेना से लौटे युवाओं को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इस फैसले का पूर्व अग्निवीरों और राज्य पर क्या असर पड़ेगा?
अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा के बाद कई युवा रोजगार की तलाश में होते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला उन्हें राज्य स्तर पर स्थिर नौकरी का मौका देता है। पुलिस, वन और जेल विभाग जैसे संवेदनशील विभागों में अनुशासित और प्रशिक्षित युवाओं की भर्ती से कार्यकुशलता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलने से राज्य के अंदर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि 10वीं के अंकों पर चयन और परीक्षा से छूट देने से प्रक्रिया तेज होगी और योग्य युवा जल्दी विभागों में शामिल हो सकेंगे। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि शारीरिक परीक्षा से पूरी छूट देने पर फिटनेस का स्तर कैसे सुनिश्चित होगा, यह देखना बाकी है। फिलहाल नियम लागू हो चुके हैं और जल्द ही पोर्टल व विज्ञापन आने की संभावना है।
यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ के उन युवाओं के लिए राहत भरी खबर है जो अग्निपथ के तहत सेवा देकर लौटे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि उनकी सैन्य अनुभव और अनुशासन का लाभ राज्य के सुरक्षा और वन संरक्षण से जुड़े विभागों को मिल सके। आगे के दिनों में जब भर्ती विज्ञापन जारी होंगे तो स्पष्ट संख्या और समयसीमा सामने आएगी।
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