Top 5 This Week

Related Posts

India-US Trade: रूस से तेल खरीदने पर भारत को बड़ी राहत? ट्रंप के टैरिफ और प्रतिबंधों को लेकर आया बड़ा अपडेट

India-US Trade: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने वाले प्रावधानों पर फिलहाल रोक लगा दी है। उन्होंने शुक्रवार को इस संबंध में कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिली है। रूस से तेल खरीदने पर भारत और चीन जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता था। ट्रंप ने कहा कि यह फैसला अमेरिका के राष्ट्रीय हित में लिया गया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी आदेश के अनुसार लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 के कई प्रतिबंधों और शुल्कों से छूट दी गई है। इस कानून का मकसद रूस की कमाई पर रोक लगाकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए उसकी फंडिंग मुश्किल बनाना था। ट्रंप ने 9 अक्टूबर को ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ डीजल खरीदने का समझौता किया था। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है। रूस से तेल खरीद पर अतिरिक्त शुल्क की आशंका भारतीय कारोबार के लिए चिंता का विषय थी। नए आदेश के बाद यह खतरा फिलहाल टल गया है।

India-US Trade: ट्रंप के कार्यकारी आदेश का विवरण

डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश से लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 के कई प्रावधानों पर रोक लग गई। व्हाइट हाउस ने साफ कहा कि यह छूट अमेरिका के राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए दी गई है। कानून में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रावधान था। कुछ देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता था। नए आदेश के बाद फिलहाल इस कानून के तहत प्रस्तावित शुल्क लागू करने पर रोक लग गई है। हालांकि आदेश में भविष्य में दोबारा कार्रवाई की गुंजाइश भी रखी गई है। यह छूट आगे राष्ट्रपति या संबंधित अमेरिकी अधिकारियों के निर्णय पर बदली जा सकती है।

कानून पर हस्ताक्षर और उसका मकसद

ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 पर हस्ताक्षर किए थे। कानून का उद्देश्य रूस के ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों पर आर्थिक दबाव बढ़ाना था। साथ ही प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई करना था। इसमें रूस से तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया था। इसका मकसद रूस की कमाई पर रोक लगाकर यूक्रेन युद्ध के लिए फंडिंग मुश्किल बनाना था। अब ट्रंप ने राष्ट्रीय हित के आधार पर इसके कई प्रावधानों के क्रियान्वयन से छूट दे दी है। कानून के तहत भारत और चीन जैसे देशों पर टैरिफ की आशंका थी।

भारत के लिए इस फैसले का महत्व

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की ओर से अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की आशंका भारतीय निर्यातकों और कारोबार के लिए चिंता का विषय थी। ट्रंप के ताजा आदेश से रूस से ऊर्जा खरीदने के मुद्दे पर भारत के खिलाफ इस कानून के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने का खतरा फिलहाल टल गया है। इससे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मामलों में आगे बातचीत के लिए भी गुंजाइश बनी रहेगी। भारत के लिए यह फैसला ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम है। फिलहाल अतिरिक्त शुल्क का खतरा नहीं है।

डीजल समझौते और भविष्य की संभावना

खास बात यह है कि ट्रंप ने 9 अक्टूबर को ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ डीजल खरीदने का समझौता किया था। इसके कुछ दिनों बाद ही उन्होंने अतिरिक्त टैरिफ से जुड़ी छूट का आदेश जारी किया। आदेश में साफ कहा गया है कि छूट राष्ट्रीय हित में दी गई है। भविष्य में राष्ट्रपति के फैसले के आधार पर ये प्रावधान दोबारा लागू किए जा सकते हैं। भारत और चीन जैसे देशों के लिए यह स्थिति अभी अस्थायी राहत की है। ऊर्जा खरीद पर कोई तात्कालिक अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। व्यापार संबंधों पर इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है।

ऊर्जा आयात और व्यापार संबंधों पर असर

भारत रूस से कच्चा तेल आयात करता है। अतिरिक्त टैरिफ लगने से निर्यात और कारोबार पर असर पड़ने की आशंका थी। ट्रंप के आदेश से यह खतरा टल गया है। भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी रहने की संभावना है। कानून में 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क का प्रावधान था। अब फिलहाल उसे लागू नहीं किया जा रहा। राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए ट्रंप ने यह कदम उठाया। भारतीय निर्यातकों के लिए यह राहत भरा फैसला है।

ट्रंप के इस फैसले से रूस से तेल खरीदने वाले भारत को फिलहाल अतिरिक्त टैरिफ और प्रतिबंधों का खतरा टल गया है। लिंडसे ओ. ग्राहम कानून के कई प्रावधानों पर रोक लगा दी गई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से तेल आयात करता है। अतिरिक्त शुल्क की आशंका अब नहीं रही। हालांकि भविष्य में राष्ट्रपति के फैसले पर स्थिति बदल सकती है। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए भी यह राहत है। फिलहाल ऊर्जा आपूर्ति और कारोबार से जुड़ी चिंताएं कम हुई हैं

Read More Here:- 

Jamia Student Protest 2026: जामिया में 20 साल बाद फिर उठी छात्र संघ चुनाव की मांग, 5 छात्र भूख हड़ताल पर बैठे

Jharkhand News: कोयला तस्करी मामले में ED का एक्शन, लाला की ₹815 करोड़ की संपत्ति जब्त

UP News: अखिलेश यादव का बड़ा दावा, SSR के जरिए फर्जी वोट जोड़ने की तैयारी, चुनाव आयोग पर निशाना

अक्टूबर के आखिरी 15 दिन इन 5 मूलांकों के लिए शुभ, कई मामलों में लाभ संभव

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...
Sanjna Gupta
Sanjna Guptahttp://newsmediakiran.com
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles