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Jharkhand Crime News: गुमला में मानव तस्करी का आरोप, नौकरी के बहाने 15 साल की किशोरी को राजस्थान ले जाकर जबरन शादी

मुख्य बातें

  • काम दिलाने का भरोसा देकर दिल्ली ले जाने का आरोप
  • राजस्थान में 20 हजार रुपये में सौदे का दावा
1 घंटे पहले
Jharkhand Crime News
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Jharkhand Crime News: झारखंड के गुमला जिले से मानव तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है। बिशुनपुर प्रखंड के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी का आरोप है कि रोजगार दिलाने के नाम पर उसे गांव से बाहर ले जाया गया। पहले उसे दिल्ली में काम पर लगाया गया, फिर राजस्थान पहुंचाकर एक अधेड़ व्यक्ति के हाथों कथित तौर पर बेच दिया गया। किशोरी के मुताबिक उसकी जबरन शादी भी कराई गई। रविवार शाम वह परिजनों के साथ थाने पहुंची और लिखित शिकायत दी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

काम दिलाने का भरोसा देकर दिल्ली ले जाने का आरोप

पीड़िता के बयान के अनुसार, यह घटना इसी वर्ष जुलाई की है। उसका कहना है कि गांव की ही एक महिला, जतरी उरांव, ने उसे और उसके परिवार को भरोसे में लिया। महिला ने कहा कि वह उसे अच्छा काम दिलवा देगी। इसी भरोसे के सहारे वह उसे दिल्ली ले गई।

आरोप है कि दिल्ली पहुंचने के बाद किशोरी को सुनीता लोहरा नाम की महिला के हवाले कर दिया गया। किशोरी के अनुसार सुनीता ने कुछ दिनों तक उसे एक कोठी में काम पर रखा। यानी जिस नौकरी का सपना दिखाकर उसे घर से निकाला गया, उसकी हकीकत घरेलू काम तक सीमित रही। इसके बाद उसकी जिंदगी ने और खतरनाक मोड़ ले लिया।

राजस्थान में 20 हजार रुपये में सौदे का दावा

किशोरी का कहना है कि कुछ समय बाद सुनीता उसे दिल्ली से राजस्थान ले गई। वहां 50 साल के एक व्यक्ति से उसकी जबरन शादी करा दी गई। पीड़िता का आरोप है कि इस पूरे सौदे के बदले सुनीता को 20 हजार रुपये मिले।

उसने यह भी बताया कि आयोजन में कुछ मेहमान बुलाए गए थे और मुंह दिखाई की रस्म भी हुई। पूरा कार्यक्रम एक बंद कमरे में कराया गया। किशोरी के मुताबिक रस्म में उसे दो हजार रुपये मिले। यही रकम आगे चलकर उसके लिए वहां से निकलने का सहारा बनी।

घर में बंद रखने और मारपीट के आरोप

पीड़िता ने बताया कि शादी के बाद सुनीता वहां से चली गई। इसके बाद 50 वर्षीय व्यक्ति उसे घर में बंद करके रखने लगा। किशोरी के मुताबिक वह चिकन की दुकान चलाता था और दुकान जाते समय घर पर ताला लगा देता था।

किशोरी ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ जबरदस्ती की जाती थी और विरोध करने पर मारपीट होती थी। इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल ये बातें पीड़िता के बयान के रूप में सामने आई हैं। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए मामला और भी संवेदनशील है।

दरवाजा खुला मिला और किशोरी निकल भागी

किशोरी के अनुसार, एक दिन आरोपी सामान्य समय से पहले घर लौट आया और सो गया। उस दिन वह दरवाजा बंद करना भूल गया। किशोरी ने इसी मौके का फायदा उठाया और घर से निकल गई।

मुंह दिखाई में मिले दो हजार रुपये उसके पास थे। उन्हीं पैसों से वह पहले राजस्थान से दिल्ली पहुंची, फिर वहां से रांची आई। रांची से किसी तरह अपने गांव लौटी और परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। एक नाबालिग का अनजान शहरों से अकेले सुरक्षित घर लौट आना राहत की बात है, लेकिन इस पूरे सफर में उसने जो झेला, वह चिंता बढ़ाने वाला है।

थाने में शिकायत और पुलिस का पक्ष

घर लौटने के बाद परिजन किशोरी को लेकर बिशुनपुर थाना पहुंचे और लिखित आवेदन दिया। आरोप है कि वहां कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने अहातु थाने में भी शिकायत की। इसके बाद रविवार शाम वह परिजनों के साथ गुमला थाना पहुंची और पूरे मामले की जानकारी दी।

बिशुनपुर थाना प्रभारी अर्जुन यादव ने बताया कि किशोरी की ओर से आवेदन मिला है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यानी अभी तक औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। नाबालिग से जुड़े ऐसे मामलों में समय पर प्राथमिकी दर्ज होना बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इससे जांच को गति मिलती है।

ऐसे मामलों में कौन से कानून लागू हो सकते हैं

मानव तस्करी, नाबालिग की जबरन शादी और यौन शोषण के आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की तस्करी से संबंधित धाराएं, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 और POCSO अधिनियम जैसे कानून लागू हो सकते हैं। किन धाराओं में केस दर्ज होगा, यह पुलिस की जांच और तथ्यों पर निर्भर करेगा।

अभिभावकों और ग्रामीणों के लिए सावधानी

झारखंड के आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नाम पर बाहर ले जाने के मामले पहले भी चर्चा में रहे हैं। इस घटना से कुछ सबक मिलते हैं:

  • काम दिलाने का वादा करने वाले व्यक्ति, कंपनी और जगह की जानकारी पहले जांच लें।
  • नाबालिग को किसी भी हाल में अकेले बाहर न भेजें।
  • बच्चों को बाहर भेजने से पहले स्थानीय पंचायत, प्रशासन या बाल संरक्षण इकाई को सूचित करें।
  • संदेह होने पर तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 या चाइल्डलाइन 1098 पर संपर्क करें।

अब नजर इस पर रहेगी कि पुलिस प्राथमिकी कब दर्ज करती है और आरोपियों की पहचान और तलाश में क्या कदम उठाती है। राजस्थान में कथित शादी और घटनास्थल से जुड़ी जानकारी भी जांच का अहम हिस्सा होगी। पीड़िता के बयान, मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। जांच पूरी होने तक सभी आरोपित निर्दोष माने जाएंगे।

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Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

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कवरेज: Sanjna Gupta, News Media Kiran

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