CG News: छत्तीसगढ़ के एकलव्य स्कूल में बासी खाना परोसने का आरोप, नाराज छात्रों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव
By Netsha Singh | News Media Kiran
प्रकाशित: · 3 मिनट में पढ़ें
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1 घंटे पहले
CG News: छात्रों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव।
CG News: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय, शामपुर के छात्रों और अभिभावकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया। उन्होंने प्राचार्या चंद्रकिरण तिवारी, छात्रावास अधीक्षक राजवीर यादव और अधीक्षिका निशु पंगाल को हटाने की मांग की।
छात्रों ने आरोप लगाया कि बासी खाने को लेकर सवाल करने पर प्राचार्या ने कहा, “आदिवासी हैं, बासी खाना खा लेंगे।” अधिकारियों ने लिखित शिकायत ली और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
छात्रों और अभिभावकों ने क्या आरोप लगाए?
विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत की कि छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता बहुत खराब है। खाने में कीड़े निकलते हैं और बासी भोजन परोसा जाता है। जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो प्राचार्या ने अपमानजनक टिप्पणी की। अभिभावकों ने कहा कि शौचालयों में दरवाजे तक नहीं हैं। उन्होंने आशंका जताई कि परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की दिशा शौचालयों की ओर है, जिससे छात्र-छात्राओं की निजता प्रभावित हो रही है।
क्यों किया गया कलेक्ट्रेट का घेराव?
छात्रों और पालकों का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा था। भोजन की शिकायत बार-बार करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अपमानजनक टिप्पणी के बाद उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रशासन से इन तीनों अधिकारियों को तुरंत हटाने और पूरी जांच कराने की मांग की। कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर उन्होंने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया रही?
कोंडागांव प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लिया। अधिकारियों ने उन्हें लिखित शिकायत देने को कहा और कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन अब मामले की जांच कराएगा। भोजन की गुणवत्ता, शौचालय व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की दिशा की जांच की जाएगी। अगर आरोप सही पाए गए तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।
एकलव्य स्कूल में और क्या समस्याएं बताई गईं?
भोजन की खराब गुणवत्ता के अलावा छात्रों ने साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी जिक्र किया। शौचालयों में दरवाजे न होना सुरक्षा और निजता दोनों के लिए चिंता का विषय है। सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी संदेह जताया गया। अभिभावकों का कहना है कि आवासीय विद्यालय में रहने वाले बच्चे पूरी तरह प्रबंधन पर निर्भर होते हैं, इसलिए इन मुद्दों पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है।
मामले का आगे क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल इलाकों में आवासीय स्कूलों की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अगर जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है। साथ ही जिले के अन्य एकलव्य विद्यालयों में भी भोजन और सुविधाओं की जांच शुरू हो सकती है। प्रशासन को अब छात्रों की सुरक्षा, गरिमा और बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
कोंडागांव का यह मामला आवासीय स्कूलों में रहने वाले बच्चों की स्थिति की ओर ध्यान खींचता है। प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी। फिलहाल छात्रों और अभिभावकों को कार्रवाई का इंतजार है।