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Odisha News: चलती ट्रेन में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, RPF जवानों ने तत्परता दिखाकर पेश की मानवता की मिसाल

1 घंटे पहले
Odisha News: ट्रेन में पैदा होने वाला नवजात एवं उसकी मां की मदद करते आरपीएफ मेरी सहेली टीम
Odisha News: ट्रेन में पैदा होने वाला नवजात एवं उसकी मां की मदद करते आरपीएफ मेरी सहेली टीम

Odisha News: ओडिशा के कटक में चलती ट्रेन में एक महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दे दिया। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले ही आरपीएफ की टीम सक्रिय हो गई और मां-बच्चे को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।

27 वर्षीय अशमीन खातून हावड़ा-सिकंदराबाद फलकनुमा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं। दोपहर करीब 2:30 बजे उन्हें लेबर पेन हुआ और उन्होंने ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दे दिया।

घटना कैसे हुई और सूचना कैसे पहुंची?

अशमीन खातून अपने पति मोहम्मद इमरान कुरैशी के साथ हावड़ा से सिकंदराबाद जा रही थीं। ट्रेन संख्या 12703 में जनरल कोच में सफर के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला ने ट्रेन में ही स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। घटना की सूचना रेलवे अधिकारियों के माध्यम से कटक आरपीएफ को तुरंत मिल गई। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले ही टीम ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर ली थी।

आरपीएफ टीम ने क्या कार्रवाई की?

दोपहर 3:06 बजे ट्रेन कटक रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर पहुंची। ड्यूटी पर तैनात एएसआई सीआर सामंत्रे, एएसआई एके साहू, महिला हेड कांस्टेबल मीता राउत और मेरी सहेली टीम की महिला कांस्टेबल सरस्वती राउत स्टेशन अधीक्षक के सहयोग से जनरल कोच में पहुंचे। उन्होंने मां और नवजात को बहुत सावधानी से नीचे उतारा। इसके बाद दोनों को एंबुलेंस से एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।

मेरी सहेली टीम की क्या भूमिका रही?

आरपीएफ की मेरी सहेली टीम महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा सहायता के लिए विशेष रूप से गठित की गई है। इस घटना में टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया दिखाई। ट्रेन के पहुंचने से पहले ही तैयारियां पूरी कर ली गईं। महिला कांस्टेबलों ने मां और बच्चे के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए पूरा काम संभाला। उनकी तत्परता की यात्रियों ने भी सराहना की।

मां और बच्चे की सेहत कैसी है?

अस्पताल पहुंचने के बाद मां और नवजात दोनों की जांच कराई गई। बच्चा स्वस्थ पैदा हुआ था। चिकित्सकों ने दोनों को आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। आरपीएफ और रेलवे प्रशासन ने परिवार को हर संभव मदद दी ताकि वे निश्चिंत रह सकें।

इस घटना से क्या सीख मिलती है?

यह घटना रेलवे सुरक्षा बल की यात्री सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। समय पर सूचना, बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई से एक नाजुक स्थिति को संभाला जा सका। यात्रियों ने आरपीएफ की इस पहल की जमकर तारीफ की। ऐसे मामलों में जागरूकता और तैयार रहना जान बचाने वाला साबित हो सकता है।

कटक रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना ने दिखाया कि संकट के समय सही समन्वय कितना महत्वपूर्ण होता है। आरपीएफ की मेरी सहेली टीम की सक्रियता ने मां और बच्चे को समय पर चिकित्सा सुविधा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। रेलवे प्रशासन और सुरक्षा बल की इस मानवीय पहल की व्यापक स्तर पर सराहना हो रही है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

Netsha Singh

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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