Bihar Horticulture Scheme 2026: बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर है। जो लोग अपने पुराने फल के बागों को फिर से ठीक करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार सब्सिडी दे रही है। बिहार कृषि विभाग की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत आम और लीची के पुराने बागानों को नया जीवन देने के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान मिल रहा है। इस योजना का फायदा बिहार के 19 जिलों के किसानों को मिलेगा। सरकार प्रति यूनिट 20 हजार रुपये तक की मदद दे रही है। अगर आपके बाग को सुधार की जरूरत है तो इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
Bihar Horticulture Scheme 2026: बिहार के 19 जिलों में पुराने आम और लीची के बागों के लिए 40% सब्सिडी, जानें कैसे करें आवेदन
मुख्य बातें
- बिहार में पुराने बागों के कायाकल्प के लिए क्या योजना है?
- किन कामों के लिए कितनी सब्सिडी मिलेगी?
- किन 19 जिलों के किसानों को मिलेगा फायदा?
- सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

बिहार में पुराने बागों के कायाकल्प के लिए क्या योजना है?
बिहार सरकार फल के पुराने बागों को फिर से खड़ा करने के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना चला रही है। इस योजना का मकसद आम और लीची के पुराने बागों को सुधारना है। जिन बागों में पैदावार कम हो गई है या पेड़ पुराने हो गए हैं, उन्हें नए सिरे से तैयार करने में मदद मिलती है। किसानों को जरूरी कामों के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। सरकार चाहती है कि किसान अपने बागों को बेहतर बनाएं और ज्यादा फल पैदा कर सकें। इस योजना से छोटे और मध्यम किसानों को खास फायदा हो सकता है।
किन कामों के लिए कितनी सब्सिडी मिलेगी?
योजना के तहत दो मुख्य कामों के लिए अनुदान मिल रहा है। पहले काम में शाखाओं की कटाई और छत्र प्रबंधन शामिल है। इसके लिए प्रति यूनिट 10 हजार रुपये का खर्च माना गया है। इसमें से 40 प्रतिशत यानी 4000 रुपये प्रति यूनिट सरकार सब्सिडी के रूप में देगी। दूसरे काम में पोषक तत्व प्रबंधन का प्रावधान है। इसकी लागत 40 हजार रुपये प्रति यूनिट आती है, जिसमें से 40 प्रतिशत यानी 16 हजार रुपये सरकार देगी। कुल मिलाकर किसान को प्रति यूनिट 20 हजार रुपये तक की मदद मिल सकती है। ये काम बाग की पैदावार बढ़ाने और पेड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
किन 19 जिलों के किसानों को मिलेगा फायदा?
इस योजना का फायदा बिहार के 19 जिलों के किसानों को मिलेगा। इन जिलों में बांका, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, कटिहार, खगड़िया, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सुपौल और वैशाली शामिल हैं। अगर आप इनमें से किसी भी जिले में रहते हैं और आपके पास आम या लीची का पुराना बाग है, तो आप इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन जिलों को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां फल की खेती ज्यादा होती है और पुराने बागों की संख्या भी अच्छी है।
सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
आवेदन करने के लिए किसानों को horticulture.bihar.gov.in पोर्टल पर जाना होगा। पोर्टल के होम पेज पर ‘योजनाओं के लाभ हेतु आवेदन करें’ का विकल्प दिखेगा। उस पर क्लिक करें। फिर एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के आगे ‘आवेदन करें’ पर क्लिक करें। योजना की मुख्य बातें ध्यान से पढ़ें। Consent पर क्लिक करके आगे बढ़ें। आवेदक का प्रकार चुनें। अगर अकेले हैं तो व्यक्तिगत चुनें, वरना रजिस्टर्ड ग्रुप चुनें। अपनी DBT पंजीकरण संख्या भरें और विवरण प्राप्त करें। आपकी जानकारी खुल जाएगी। बाग की जानकारी भरकर फॉर्म सबमिट कर दें। आवेदन पूरा होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
योजना का क्या लाभ है और किन बातों का ध्यान रखें?
इस योजना से पुराने बागों की पैदावार बढ़ सकती है। किसानों को कम खर्च में बाग सुधारने का मौका मिलेगा। इससे आम और लीची की खेती बेहतर हो सकती है। आवेदन करते समय अपनी DBT नंबर सही भरें और बाग की सही जानकारी दें। अगर कोई सवाल हो तो स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं। योजना का लाभ समय पर लेने से बाग जल्दी ठीक हो सकता है। बिहार के इन 19 जिलों के किसान जल्द आवेदन करके इस मदद का फायदा उठा सकते हैं।
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Sanjana Gupta
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