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तेजस्वी यादव के दो EPIC नंबर पर भाजपा ने उठाए सवाल

तेजस्वी यादव के दो EPIC नंबर पर भाजपा ने उठाए सवाल

बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी तूफान मचा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करते हुए इस प्रक्रिया को संदिग्ध करार दिया। हालांकि, चुनाव आयोग ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी कर बताया कि तेजस्वी यादव का नाम मतदाता सूची में बरकरार है। लेकिन इस घटनाक्रम ने एक और बड़ा विवाद जन्म दे दिया—तेजस्वी यादव के दो EPIC नंबर का मामला।

तेजस्वी यादव ने कहा- मेरा नाम लिस्ट में नहीं

तेजस्वी यादव ने 1 अगस्त को मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार में जारी नई मतदाता सूची में उनका नाम नहीं है। उन्होंने एक EPIC नंबर RAV2916120 दिखाते हुए दावा किया कि यह उनका वोटर आईडी नंबर है, लेकिन इससे उनका नाम सूची में नहीं मिल रहा। इस बयान के बाद राज्य की सियासत गरमा गई और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

चुनाव आयोग ने किया खुलासा

तेजस्वी यादव के दावे के कुछ देर बाद ही चुनाव आयोग और पटना जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि की गई कि उनका नाम मतदाता सूची से नहीं हटा है। आयोग ने बताया कि तेजस्वी का नाम दीघा विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग स्टेशन संख्या 2004, एनीमल साइंस यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी बिल्डिंग, क्रम संख्या 416 पर पंजीकृत है।

भाजपा ने उठाए गंभीर सवाल

इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब भाजपा नेता और प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले को “भ्रामक प्रचार” करार दिया। पात्रा ने कहा कि तेजस्वी यादव ने जिस EPIC नंबर RAV2916120 का जिक्र किया, वह 2020 के विधानसभा चुनाव में दिए गए हलफनामे में दर्ज EPIC नंबर RAB0456228 से मेल नहीं खाता।

दो EPIC नंबर, दो वोटर आईडी?

संबित पात्रा ने सवाल उठाया कि अगर तेजस्वी यादव के पास दो अलग-अलग EPIC नंबर हैं, तो क्या उनके पास दो अलग-अलग वोटर कार्ड भी हैं? उन्होंने पूछा, “क्या तेजस्वी यादव ने 2020 में गलत जानकारी देकर नामांकन भरा था? क्या उन्होंने झूठा हलफनामा दाखिल किया था? अगर नेता प्रतिपक्ष के पास दो EPIC नंबर हैं, तो पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं के पास क्या होगा?”

‘एसआईआर से घबराहट की असली वजह सामने आई’

भाजपा ने आरोप लगाया कि एसआईआर यानी Special Intensive Revision से घबराने की असली वजह अब सामने आ रही है। संबित पात्रा ने कहा, “कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियां, जो बूथ कैप्चरिंग और फर्जीवाड़े के जरिए सत्ता में बनी रहीं, अब मतदाता सूची की शुद्धि से डर रही हैं। एसआईआर की वजह से उनका वोट बैंक एक्सपोज हो रहा है।”

‘भारत को बदनाम करने की साजिश’

भाजपा ने इसे देश को बदनाम करने की साजिश करार दिया। पात्रा ने कहा, “चुनाव आयोग पर हमला कर कांग्रेस और राजद भारत के लोकतंत्र की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि विपक्ष कितना हताश है।”

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