
घाटशिला: गाँव में बच्चों के लिए नई रोशनी और प्रेरणा लेकर आया। एक सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण निर्माण की दिशा में किए गए प्रयासों ने बच्चों के मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डाला। कार्यक्रम की शुरुआत हिंदी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की प्रेरक कहानी से हुई, जिसने बच्चों को संवेदनशीलता, सहानुभूति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया।
विज्ञान की दुनिया में एक छोटी सी यात्रा करवाई गई — कुछ आसान लेकिन बेहद रोचक प्रयोगों के ज़रिए बच्चों की जिज्ञासा को उड़ान दी गई। इसके साथ ही सामान्य विज्ञान पर आधारित क्विज प्रतियोगिता ने बच्चों की भागीदारी और प्रतिस्पर्धी भावना को भी जागृत किया।
बढ़ती मोबाइल और टीवी की लत से बच्चों को दूर रखने की दिशा में पारंपरिक और आधुनिक खेलों का आयोजन किया गया। उनकी हँसी, उमंग और चमकती आँखों ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि बच्चों को सही दिशा, संवाद और अवसर मिले, तो वे तकनीक के आकर्षण से भी दूर रह सकते हैं।
कार्यक्रम की सफलता में कन्हाई बारिक, मानपुर प्लस टू विद्यालय की शिक्षिका बबली शील, खुकु मोनी, दीपिका रजवाड़, पदमा नामाता, सत्यवान, अलोक,मधुसूदन दास, बिमल दास, शांतनु रजवाड़, कमल कांत रजवाड़, जयंत कुमार राय, आशा दास आदि का विशेष योगदान रहा। इन सभी की समर्पित सहभागिता से यह दिन न केवल सफल रहा, बल्कि बच्चों के जीवन में एक नई ऊर्जा और दृष्टि लेकर आया।