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आजम खान पैन कार्ड केस: जेल में पहली रात काटी, बेटे अब्दुल्ला के साथ खाया जेल का खाना

Up News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को सोमवार को रामपुर की MP/MLA कोर्ट ने फर्जी पैन कार्ड मामले में दोषी ठहराते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने बाप-बेटे को हिरासत में ले लिया और रामपुर जिला कारागार भेज दिया।

जेल पहुंचते ही आजम खान के हाथ में चश्मे का केस और दो पैकेट बिस्किट देखे गए, जबकि अब्दुल्ला के हाथ खाली थे। उनका बड़ा बेटा अदीब जेल गेट तक पहुंचा और भावुक क्षणों में दोनों भाइयों ने गले लगाया। बैरक नंबर 1 में सामान्य कैदियों की तरह रखे गए दोनों ने जेल का ही खाना खाया – मसूर की दाल, आलू पालक की सब्जी और रोटी। आजम खान 55 दिन पहले 23 सितंबर को सीतापुर जेल से रिहा हुए थे, लेकिन अब फिर सलाखों के पीछे हैं। उनके समर्थक दुखी दिखे और घर की गलियां सुनसान रहीं।

मामले की पूरी कहानी

आजम खान 2017 में अखिलेश सरकार में नगर विकास मंत्री थे। उन्होंने अपने रसूख का इस्तेमाल कर लखनऊ नगर निगम से बेटे अब्दुल्ला का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया। इसी आधार पर फर्जी पैन कार्ड बनाकर अब्दुल्ला को चुनाव लड़वाया। यह मामला आजम के खिलाफ दर्ज 104 मुकदमों में से एक है। अब तक अदालत ने 11 मामलों में फैसला दिया है, जिसमें 6 में सजा और 5 में बरीगी हुई। दो महीने पहले सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद आजम जेल से बाहर आए थे।

जेल में पहली रात: करवटें बदलते रहे आजम-अब्दुल्ला

कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने बाप-बेटे को हिरासत में ले लिया। रामपुर जिला कारागार के बैरक नंबर 1 में सामान्य कैदियों की तरह रखा गया। रात में खाना भी जेल में ही बना हुआ मिला। मसूर की दाल और आलू पालक की सब्जी के साथ रोटी खाकर दोनों ने करवटें बदलते हुए रात काटी। आजम के हाथ में चश्मे का केस और बिस्किट के पैकेट थे, लेकिन अब्दुल्ला के हाथ खाली। अदीब ने पिता के कान में कुछ कहा, लेकिन क्या कहा, स्पष्ट नहीं। समर्थक दुखी नजर आए, घर की गलियां सुनसान।

राजनीतिक असर: आजम के खिलाफ 104 मुकदमे, 6 में सजा

आजम खान के राजनीतिक करियर पर यह फैसला भारी पड़ेगा। उनके खिलाफ 104 मुकदमे दर्ज हैं। अब तक 11 में फैसला आया, जिसमें 6 सजा और 5 बरीगी। रामपुर कोर्ट का यह फैसला आजम के लिए झटका है। समाजवादी पार्टी ने समर्थन जताया, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने चुप्पी साधी। विपक्ष ने इसे न्याय बताया।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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