Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट के एक अहम फैसले से उमेश सिंह रिहाई हाईकोर्ट आदेश के तहत लंबे समय से जेल में सजा काट रहे उमेश स गुरुदास चटर्जी की हत्या से जुड़ा है, जिसमें उमेश सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को उनकी तत्काल रिहाई का निर्देश दिया है। यह फैसला उमेश की याचिका पर आधारित है, जो 2000 से जेल में बंद हैं।उमेश सिंह रिहाई हाईकोर्ट आदेश ने न केवल न्यायिक प्रक्रिया को तेज किया है, बल्कि पुराने हत्याकांडों के दोषियों के लिए नई उम्मीद जगाई है।
Jharkhand News:पूर्व विधायक की हत्या और आरोपी का
उमेश सिंह रिहाई हाईकोर्ट आदेश के केंद्र में 14 अप्रैल 2000 की वह दर्दनाक घटना है, जब निरसा के पूर्व विधायक गुरुदास चटर्जी धनबाद में एक बैठक से लौट रहे थे। वे बाइक पर सवार थे, जिसे अपूर्वा घोष चला रहे थे। गोविंदपुर के देवली प्रीमियम हार्डकोक के पास दोपहर 2:45 बजे शिव शंकर सिंह और उमेश सिंह बाइक पर आए। उमेश ने गुरुदास पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई। शिव शंकर के पिता नर्मदेश्वर प्रसाद सिंह उर्फ चोरा मास्टर पर साजिश का आरोप था। गुरुदास चटर्जी वर्तमान निरसा विधायक अरूप चटर्जी के पिता थे। यह घटना झारखंड की राजनीति में हलचल मचा चुकी थी।
उमेश सिंह को 27 अप्रैल 2000 से जेल में रखा गया है। अवकाश के दिनों को हटाने पर उनकी जेल अवधि 30 साल 7 महीने हो जाती है। राज्य सरकार का एडवाइजरी बोर्ड तीन बार उनकी रिहाई की अर्जी खारिज कर चुका था। उमेश ने 17 जून 2025 को इस फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट के जस्टिस अंबुज नाथ ने क्रिमिनल रिट पीटिशन पर सुनवाई के बाद उमेश सिंह रिहाई हाईकोर्ट आदेश जारी किया।
सजा में बदलाव और सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सेशन कोर्ट ने 20 नवंबर 2003 को शिव शंकर सिंह, उमेश सिंह, नर्मदेश्वर प्रसाद सिंह और विजय सिंह को दोषी ठहराया था। छह मई 2005 को हाईकोर्ट ने शिव शंकर और उमेश की उम्रकैद को फांसी में बदल दिया, जबकि नर्मदेश्वर और विजय को बरी किया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया और फांसी को उम्रकैद में बदल दिया। 2018 में शिव शंकर की सजा माफ हो गई थी। अब उमेश सिंह रिहाई हाईकोर्ट आदेश से 25 साल बाद उन्हें जेल से रिहा किया जाएगा। यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया की मिसाल है।
हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने कहा, “यह फैसला लंबी कानूनी लड़ाई का अंत है। उमेश सिंह की याचिका में सजा की अवधि पूरी होने का तर्क मजबूत था।” उमेश सिंह रिहाई हाईकोर्ट आदेश ने पुराने हत्याकांडों के दोषियों के लिए नई उम्मीद जगाई।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

