Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र 2026 की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संबोधन के साथ हुई। राष्ट्रपति ने देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और खासतौर पर पूर्वी भारत के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए सरकार की योजनाओं और विकास के एजेंडे को रखा।
राष्ट्रपति का संसद संबोधन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद भवन में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। यह बजट सत्र 2026 का पहला दिन था। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में सरकार की नीतियों और आने वाले समय की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार देश के हर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रपति ने संसद में कहा कि देश की प्रगति के लिए सभी राज्यों का विकास जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से पूर्वी भारत के राज्यों के विकास पर ध्यान देने की बात कही। राष्ट्रपति का संबोधन करीब एक घंटे तक चला। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया।
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में भारतीय अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए कई कदम उठा रही है। देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
राष्ट्रपति ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था और मजबूत हो। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विनिर्माण, कृषि और सेवा क्षेत्र में वृद्धि से देश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिल रही है। सरकार छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। इससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं और रोजगार के अवसर भी बन रहे हैं।
रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान
राष्ट्रपति ने रोजगार सृजन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार स्किल डेवलपमेंट यानी कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। इससे युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। नए उद्योगों की स्थापना से भी लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और नए व्यवसायों को प्रोत्साहन देने से युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को रोजगार के योग्य बनाया जा रहा है।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि सरकार महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी काम कर रही है। महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रमों से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
पूर्वी भारत के विकास की योजना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने भाषण में पूर्वी भारत के विकास पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों के विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं।
राष्ट्रपति ने बताया कि पूर्वी भारत में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया जा रहा है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क को बेहतर बनाया जा रहा है। इससे इन राज्यों में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पूर्वी क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार विशेष पैकेज देने पर विचार कर रही है। इससे इन राज्यों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे। पूर्वी भारत में प्राकृतिक संसाधन भरपूर हैं, जिनका सही उपयोग विकास को गति देगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि पूर्वी राज्यों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
बुनियादी ढांचे का विकास
राष्ट्रपति ने देश में बुनियादी ढांचे के विकास की प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नई सड़कें, एक्सप्रेसवे, मेट्रो और रेलवे परियोजनाएं तेजी से पूरी हो रही हैं। इससे देश के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क बेहतर हो रहा है।
राष्ट्रपति ने बताया कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया जा रहा है। इंटरनेट की पहुंच ग्रामीण इलाकों तक हो रही है। इससे डिजिटल इंडिया का सपना साकार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बिजली, पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को हर घर तक पहुंचाने का काम चल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को बेहतर जीवन की सुविधाएं मिलें।
कृषि और किसान कल्याण
राष्ट्रपति ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को बेहतर बीज, खाद और तकनीक उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राष्ट्रपति ने बताया कि किसानों की उपज को सही दाम दिलाने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। कृषि उत्पादों की मार्केटिंग को बेहतर बनाया जा रहा है। इससे किसानों को अधिक मुनाफा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। जल संरक्षण की योजनाएं चलाई जा रही हैं। इससे खेती में सुधार हो रहा है और उत्पादन बढ़ रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की बात कही। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। सरकार स्कूल और कॉलेजों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
राष्ट्रपति ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाने के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से गरीब लोगों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि महामारी के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। टीकाकरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक चलाए जा रहे हैं। चिकित्सा शिक्षा और शोध को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
पर्यावरण और स्वच्छता
राष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को और मजबूत किया जा रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
राष्ट्रपति ने बताया कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। वन क्षेत्र बढ़ाने और प्रदूषण कम करने के कार्यक्रम चले जा रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण
राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था से उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ रही है।
Budget Session 2026: संसद सत्र की शुरुआत
बजट सत्र 2026 की शुरुआत राष्ट्रपति के संबोधन से हुई। यह सत्र कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए बुलाया गया है। वित्त मंत्री जल्द ही देश का बजट पेश करेंगे। इस सत्र में देश की आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
राष्ट्रपति के संबोधन के बाद सांसदों ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने अपने विचार रखे। संसद का यह सत्र कई हफ्तों तक चलेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संबोधन में देश के समग्र विकास का खाका पेश किया गया। रोजगार, अर्थव्यवस्था और पूर्वी भारत के विकास पर जोर देकर सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर देश की नजर रहेगी।



