Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। आंगनबाड़ी सेविकाओं का मानदेय 7,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 4,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये कर दिया गया है। यह फैसला 7 सितंबर 2025 को लिया गया। विधानसभा चुनाव 2025 से पहले यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि यह घोषणा क्या है।
क्या है मानदेय वृद्धि की घोषणा?
बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के लिए मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया है। अब सेविकाओं को हर महीने 9,000 रुपये और सहायिकाओं को 4,500 रुपये मिलेंगे। यह वृद्धि लाखों महिलाओं को लाभ पहुंचाएगी, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं की देखभाल करती हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यह कदम आंगनबाड़ी कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। इस फैसले से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
क्यों और कब हुई यह घोषणा?
आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं बिहार में स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाती हैं। उनकी मेहनत के बावजूद कम मानदेय उनकी शिकायत थी। विधानसभा चुनाव 2025 से पहले नीतीश सरकार ने इस घोषणा के जरिए महिलाओं को साधने की कोशिश की है। यह ऐलान 7 सितंबर 2025 को पटना में एक सरकारी कार्यक्रम में किया गया। सरकार का कहना है कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक विकास के लिए उठाया गया है।
कहां लागू होगा, कैसे होगा और कौन हैं शामिल?
यह योजना पूरे बिहार में लागू होगी, जिसमें सभी 38 जिले शामिल हैं। बढ़ा हुआ मानदेय अक्टूबर 2025 से मिलना शुरू होगा। सरकार ने इसके लिए बजट में अतिरिक्त प्रावधान किया है। आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाएं और सहायिकाएं इस योजना की मुख्य लाभार्थी हैं। बिहार सरकार, समाज कल्याण विभाग और स्थानीय प्रशासन इसकी प्रक्रिया को लागू करने में शामिल हैं। अगर आप आंगनबाड़ी कर्मी हैं या इससे जुड़े हैं, तो अपने नजदीकी कार्यालय से संपर्क करें। इस कदम से बिहार में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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