Bihar News: बिहार में शिक्षक भर्ती (Teacher Recruitment) में अब करीब 84.4 प्रतिशत सीटें बिहार के लोगों के लिए आरक्षित होंगी। नीतीश कुमार सरकार ने मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को कैबिनेट बैठक में बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) में डोमिसाइल नीति लागू करने का फैसला लिया। कैबिनेट ने बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) (संशोधन) नियमावली 2025 को मंजूरी दी। इस बैठक में कुल 36 प्रस्ताव पास किए गए। ईटीवी भारत और द हिंदू ने भी इस फैसले की पुष्टि की है।
Bihar News: शिक्षक भर्ती में बिहारियों को 84.4% आरक्षण, नीतीश कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला
मुख्य बातें
- डोमिसाइल नीति का क्या मतलब है?
- Bihar News: कैसे तय हुआ 84.4% आरक्षण?
- किन भर्तियों पर लागू होगी नीति?
- पहले क्या था नियम?

डोमिसाइल नीति का क्या मतलब है?
नई व्यवस्था के तहत शिक्षक भर्ती में करीब 84.4% सीटें राज्य के मूल निवासियों को मिलेंगी। इसका अर्थ है कि जिन अभ्यर्थियों ने बिहार से मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा पास की है, उन्हें सामान्य सीटों में अलग हिस्सा मिलेगा। बिहार के शिक्षा विभाग ने इस नीति के जरिए स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरी में बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है।
Bihar News: कैसे तय हुआ 84.4% आरक्षण?
कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि बिहार में 50% सीटें जातीय आधार पर और 10% आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षित हैं। बाकी 40% सामान्य सीटों में से 35% सीटें बिहार की महिलाओं के लिए पहले से रिजर्व हैं। अब बची 65% सामान्य सीटों में से 40% सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित की गई हैं, जिन्होंने बिहार से मैट्रिक और इंटर पास किया है। इस तरह, केवल करीब 15% सीटें ऐसी रह गई हैं, जिन पर बिहार और अन्य राज्यों के सामान्य वर्ग के लोग आवेदन कर सकते हैं।
इसे आसान भाषा में समझें तो:
- 50% सीटें: जातीय आरक्षण (बिहार के आरक्षित वर्ग)
- 10% सीटें: EWS आरक्षण
- बाकी 40% में से 35%: बिहार की महिलाओं के लिए
- बची सीटों में से 40%: बिहार से 10वीं-12वीं पास अभ्यर्थियों के लिए
- करीब 15%: सभी राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए खुली
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार सरकार ने इसे करीब 85% पदों को स्थायी निवासियों के लिए सुरक्षित करना बताया, जबकि लोकमत टाइम्स (IANS) ने यह आंकड़ा 84.4% बताया है।
किन भर्तियों पर लागू होगी नीति?
रिपोर्टों के मुताबिक नई नियमावली आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 (2025) और TRE-5 (2026) पर लागू होगी। सरकार ने यह भी कहा था कि TRE-5 से पहले राज्य में STET (माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा) आयोजित की जाएगी, ताकि नए अभ्यर्थी पात्रता हासिल कर सकें। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार TRE-4 में करीब 1.10 लाख पदों पर भर्ती की बात कही गई थी।
पहले क्या था नियम?
बिहार में शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल का मुद्दा नया नहीं है। ईटीवी भारत के अनुसार राज्य में यह नियम 2020 में घोषित हुआ था, लेकिन जुलाई 2023 में इसे हटा दिया गया, जिसके बाद दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी भी बिना इस शर्त के आवेदन करने लगे। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पिछली तीन TRE भर्तियों में बिहार के बाहर के करीब 60,000 अभ्यर्थी शिक्षक बने। इसी साल 8 जुलाई को सरकार ने 35% महिला आरक्षण का लाभ केवल बिहार की स्थायी निवासी महिलाओं तक सीमित किया था। उसी फैसले के बाद अब मैट्रिक-इंटर की शर्त जोड़कर डोमिसाइल का दायरा बढ़ाया गया।
बिहार के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
इस नीति से बिहार के युवाओं को शिक्षक बनने का बड़ा मौका मिलेगा। डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि करीब 85% सीटों पर बिहार के लोग ही नियुक्त होंगे। यह फैसला बिहार के बेरोजगार युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देकर सरकार रोजगार के नए द्वार खोलने की बात कह रही है।
नीतीश सरकार का चुनावी दांव
चुनावी साल में नीतीश सरकार का यह फैसला काफी अहम माना गया। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लगातार शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल की मांग उठा रहे थे और हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार उन्होंने सत्ता में आने पर 100% डोमिसाइल लागू करने का वादा किया था। इसी कैबिनेट बैठक में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों, रसोइयों और रात्रि प्रहरियों का मानदेय दोगुना करने का फैसला भी लिया गया (लोकमत टाइम्स/IANS)। सरकार इसे बिहार की शिक्षा व्यवस्था और स्थानीय रोजगार को मजबूत करने का कदम बता रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
बिहार शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल नीति कब मंजूर हुई?
नीतीश कैबिनेट ने 5 अगस्त 2025 को संशोधित शिक्षक नियमावली को मंजूरी दी।
डोमिसाइल का लाभ किसे मिलेगा?
सामान्य सीटों के तय हिस्से का लाभ उन अभ्यर्थियों को मिलेगा जिन्होंने बिहार से 10वीं और 12वीं पास की है। 35% महिला आरक्षण केवल बिहार की स्थायी निवासी महिलाओं के लिए है।
दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए कितनी सीटें बचेंगी?
सरकारी गणना के अनुसार करीब 15% सीटें ही सभी राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए खुली रहेंगी।
नीति किन परीक्षाओं पर लागू होगी?
रिपोर्टों के मुताबिक यह TRE-4 और TRE-5 पर लागू होगी। अंतिम पात्रता शर्तें बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के आधिकारिक विज्ञापन से ही जांचें।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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