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Bihar News: बिहार में टेलीमेडिसिन की धूम, हर दिन 30 हजार लोग ले रहे फायदा, इन जिलों में हो रही ज्यादा बिक्री

Bihar News: बिहार के ग्रामीण इलाकों में टेलीमेडिसिन सेवा तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस सेवा के जरिए हर दिन करीब 30 हजार लोग घर बैठे डॉक्टर से सलाह ले रहे हैं। खासकर पटना, गोपालगंज और अरवल जैसे जिलों में टेलीमेडिसिन का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। बिहार सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 40 हब केंद्र बनाए हैं, जहां से लोग आसानी से डॉक्टरी परामर्श ले रहे हैं।
टेलीमेडिसिन क्या है और कैसे काम करती है?
टेलीमेडिसिन एक ऐसी सुविधा है, जिसके जरिए लोग फोन, वीडियो कॉल या इंटरनेट के माध्यम से डॉक्टर से बात कर सकते हैं। इससे मरीजों को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती। बिहार के ग्रामीण इलाकों में, जहां अस्पताल दूर हैं, वहां यह सेवा लोगों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है। छोटी-मोटी बीमारियों में लोग अपने नजदीकी स्पोक हब पर जाकर डॉक्टर से सलाह लेते हैं। यह सेवा मरीजों को समय और पैसे दोनों बचाने में मदद करती है।
पटना, गोपालगंज और अरवल का शानदार प्रदर्शन
मई 2025 की स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीमेडिसिन सेवा में गोपालगंज ने 129% लक्ष्य हासिल किया, जबकि पटना ने 100% और अरवल ने 99% लक्ष्य पूरा किया। गोपालगंज के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण लोग इस सेवा को वरदान मानते हैं। लोग किसी भी शारीरिक समस्या के लिए स्पोक हब पर पहुंचकर तुरंत सलाह ले रहे हैं। इस सेवा से लोग बहुत संतुष्ट हैं, क्योंकि उन्हें अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती।
बिहार में टेलीमेडिसिन के लिए 40 हब केंद्र
बिहार सरकार ने टेलीमेडिसिन को बढ़ावा देने के लिए पूरे राज्य में 40 हब केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर 1238 डॉक्टर और 12 हजार से ज्यादा एएनएम (नर्स) मरीजों को सलाह दे रहे हैं। हर स्पोक सेंटर पर रोजाना कम से कम 5 मरीज और हर हब सेंटर पर 75 मरीजों को टेली-कंसल्टेशन की सुविधा दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी समय पर कॉल रिसीव करें और पोर्टल पर लॉग-इन करें।
टेलीमेडिसिन का भविष्य
टेलीमेडिसिन बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम दे रही है। ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने में यह सेवा बहुत मददगार है। भविष्य में इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग से यह सुविधा और भी लोकप्रिय होगी। बिहार सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव तक यह सेवा पहुंचे, ताकि सभी लोग आसानी से डॉक्टरी सलाह ले सकें।
Manpreet Singh
Author: Manpreet Singh

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