Bihar Politics 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दलित वोटों पर BJP दलित वोट रणनीति बिहार चुनाव 2025 के तहत जोरदार तैयारी कर रही है। अनुसूचित जाति (SC) और महादलित वोट बैंक मिलाकर 18 प्रतिशत वोट 100 से ज्यादा सीटों पर निर्णायक भूमिका निभा सकता है। BJP ने पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, बक्सर और कैमूर की 20 विधानसभा सीटों पर विशेष रणनीति बनाई है। इनमें 15 सीटों पर पहले चरण का मतदान हो चुका है, जबकि शेष 5 पर 11 नवंबर को दूसरा चरण होगा। NDA ने कुल 39 SC उम्मीदवार उतारे हैं, जो दलित वोटों को एकजुट करने का प्रयास है। BJP दलित वोट रणनीति बिहार चुनाव 2025 में वोट बिखराव रोकने के लिए मायावती और BSP की भूमिका को महत्वपूर्ण मान रही है।
BJP दलित वोट रणनीति: 20 सीटों पर फोकस क्यों?

ये 20 सीटें उत्तर प्रदेश के देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, गाजीपुर, चंदौली, बलिया और सोनभद्र जिलों से सटी हैं। BJP का आकलन है कि यहां 13 प्रतिशत महादलित और 5 प्रतिशत पासवान/दुसाध वोट निर्णायक साबित होंगे। पिछले चुनाव में चिराग पासवान के अलग लड़ने से दलित वोट बिखर गए थे, जिससे BJP को नुकसान हुआ। इस बार जीतनराम मांझी के जरिए 2.5 प्रतिशत मुशहर वोटों को NDA से जोड़े रखने का प्लान है। चिराग पासवान 5 प्रतिशत दुसाध/पासवान वोटों को मजबूत करेंगे। BJP दलित वोट रणनीति बिहार चुनाव 2025 में जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार चुने गए हैं। कुल 30 से ज्यादा SC उम्मीदवारों को टिकट देकर वोट एकीकरण पर जोर।
महादलित वोटों पर नजर: 12 प्रतिशत को कैसे लेंगे साथ?
BJP ने 12 प्रतिशत महादलित वोटों को एकजुट करने के लिए ग्रामीण स्तर पर प्रचार तेज किया है। ये वोट पश्चिम बिहार के सीमावर्ती इलाकों में मजबूत हैं। पार्टी का मानना है कि विकास योजनाओं जैसे आवास, शिक्षा और रोजगार से दलित समुदाय का भरोसा जीतना आसान होगा। BJP दलित वोट रणनीति बिहार चुनाव 2025 में महादलितों के लिए विशेष कैंप लगाए गए, जहां मोदी-नीतीश सरकार की उपलब्धियां बताई गईं।
मायावती का रोल: BSP के अकेले लड़ने से BJP को फायदा
BJP दलित वोट रणनीति बिहार चुनाव 2025 में मायावती पर नजर टिकाए है। BSP ने 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन नामांकन रद्द होने से 190 बचे। पिछले चुनाव में BSP को 2.37 प्रतिशत वोट मिले, जिसमें 78 सीटों पर उम्मीदवार थे। चैनपुर सीट BSP ने जीती, लेकिन विधायक मोहम्मद जमाल खान बाद में JDU में शामिल हो गए। BSP लगभग 30 सीटों पर दूसरे या तीसरे नंबर पर रही, खासकर कैमूर, रोहतास, आरा, बक्सर में। BJP का आकलन है कि BSP के अकेले लड़ने से 5 प्रतिशत रविदास वोट बिखरेंगे, जो NDA को अप्रत्यक्ष लाभ देंगे। मायावती ने कैमूर के भभुआ में सभा की, लेकिन BJP को लगता है कि BSP की मौजूदगी से विपक्ष के वोट कटेंगे।
BSP का वोट शेयर: 2.37 प्रतिशत का असर
पिछले चुनाव में BSP का 2.37 प्रतिशत वोट दलित बिखराव का कारण बना। BJP दलित वोट रणनीति बिहार चुनाव 2025 में इसी का फायदा उठाएगी। पार्टी का कहना है कि BSP के उम्मीदवारों से SC वोट बंटेंगे, जो NDA की जीत सुनिश्चित करेगा।
दलित वोट निर्णायक, NDA की उम्मीदें
BJP दलित वोट रणनीति बिहार चुनाव 2025 से साफ है कि दलित समुदाय को केंद्र में रखा गया। पहले चरण में 65 प्रतिशत मतदान हुआ, जहां दलित वोटों का असर दिखा। विशेषज्ञ कहते हैं कि 18 प्रतिशत वोट बैंक से NDA मजबूत होगी। अगर आप दलित समुदाय से हैं, तो विकास के लिए वोट दें।



