
संसद के मॉनसून सत्र का आखिरी दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। एसआईआर के मुद्दे पर लगातार गतिरोध बना रहा, हालांकि यह मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण संसद में चर्चा के लिए नहीं लाया जा सका। इसी बीच, राज्यसभा में ऑनलाइन गेमिंग बिल पेश किया गया और हंगामे के बीच इसे पारित भी कर दिया गया।
राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे शुरू होने पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऑनलाइन गेमिंग बिल पेश किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग की लत अब ड्रग्स जैसी गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसमें कई लोग अपनी जीवनभर की कमाई गंवा चुके हैं। मंत्री ने हाल के वर्षों में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी आत्महत्या और अपराध के मामलों का भी जिक्र किया।
बिल पेश किए जाने के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार फिर एसआईआर के मुद्दे पर बोलने की कोशिश की, लेकिन सभापति ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने खरगे के रवैये पर नाराजगी जताई। दोनों नेताओं के बीच सदन में तीखी बहस भी हुई।
लोकसभा की कार्यवाही भी हंगामे के चलते अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही खत्म होने के बाद लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने स्पीकर के साथ औपचारिक मुलाकात भी नहीं की।
संसद के दोनों सदन स्थगित होने के साथ ही सत्र का समापन हो गया। हालांकि, आखिरी दिन ऑनलाइन गेमिंग बिल पास होना एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि सरकार का मानना है कि यह कानून युवाओं को इस खतरनाक लत से बचाने और ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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