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Bihar Tourism: बक्सर, रोहतास और कैमूर में नई सैरगाह, बन रहे धार्मिक और इको-टूरिज्म के नए केंद्र

Bihar Tourism: बिहार का पर्यटन अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है। बक्सर, रोहतास और कैमूर जैसे जिले अब धार्मिक और इको-टूरिज्म के नए केंद्र बन रहे हैं। बिहार सरकार ने इन इलाकों को पर्यटकों के लिए खास बनाने की योजना शुरू की है। नए प्रोजेक्ट्स के तहत मंदिर, प्राकृतिक स्थल और ऐतिहासिक जगहों को और आकर्षक बनाया जा रहा है।

बक्सर, धार्मिक पर्यटन का नया हब

बक्सर को धार्मिक पर्यटन के लिए खास तौर पर तैयार किया जा रहा है। यहां भगवान राम से जुड़े स्थल और प्राचीन मंदिर सैलानियों को आकर्षित करते हैं। बक्सर का रामरेखा घाट और औलियाबाबा मंदिर पहले से ही प्रसिद्ध हैं। अब सरकार इन जगहों को और बेहतर कर रही है। नए सुविधा केंद्र, साफ-सफाई और रास्तों को बेहतर बनाने का काम तेजी से चल रहा है। बक्सर में गंगा नदी के किनारे पर्यटकों के लिए रिवरफ्रंट भी बनाया जा रहा है। इससे न सिर्फ धार्मिक सैलानी आएंगे, बल्कि प्रकृति प्रेमी भी यहां खींचे चले आएंगे।

रोहतास: इतिहास और प्रकृति का संगम

रोहतास अपने ऐतिहासिक किलों और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। शेरशाह सूरी का रोहतासगढ़ किला पर्यटकों के बीच बहुत मशहूर है। अब सरकार इस किले को और सुंदर बनाने में जुटी है। किले के आसपास पार्क, रेस्ट हाउस और गाइड सुविधाएं शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा, रोहतास के जंगल और पहाड़ इको-टूरिज्म के लिए बिल्कुल सही हैं। यहां ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। रोहतास अब इतिहास और प्रकृति दोनों का अनोखा मिश्रण बन रहा है।

कैमूर: इको-टूरिज्म का उभरता सितारा

कैमूर अपने हरे-भरे जंगलों और झरनों के लिए मशहूर है। यहां का कैमूर वन्यजीव अभयारण्य और धुआं कुंड जैसी जगहें पर्यटकों को लुभाती हैं। सरकार अब कैमूर को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित कर रही है। नए प्रोजेक्ट्स में जंगल सफारी, टेंट कैंपिंग और नेचर वॉक जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही, स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए टूर गाइड और होमस्टे की व्यवस्था भी शुरू की जा रही है। कैमूर की प्राकृतिक सुंदरता अब देश-विदेश के सैलानियों को बुला रही है।

बिहार पर्यटन की नई पहल

बिहार सरकार पर्यटन को बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। बक्सर, रोहतास और कैमूर में सड़कें, होटल और सुविधा केंद्र बनाए जा रहे हैं। स्थानीय संस्कृति को दिखाने के लिए फेस्टिवल और मेले भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन जिलों में सैलानियों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार को सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन के लिए भी जाना जाए।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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