New Delhi: दिल्ली के बवाना इलाके में एक निजी स्कूल की तीन साल की नर्सरी छात्रा के कथित यौन शोषण का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में स्कूल बस ड्राइवर विकास को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी करीब आठ महीने से स्कूल बस चला रहा था। यह स्कूल आउटर-नॉर्थ दिल्ली के पूठ खुर्द इलाके में है। पुलिस ने 31 अगस्त 2026 को मामले की जानकारी दी।
Breaking News: दिल्ली में 3 साल की मासूम से यौन शोषण, स्कूल बस ड्राइवर गिरफ्तार
मुख्य बातें
- कैसे सामने आया मामला
- तस्वीरों और CCTV से हुई पहचान
- किन धाराओं में केस दर्ज
- फोन में मिले वीडियो, SIT गठित

कैसे सामने आया मामला
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट, जिसे द प्रिंट ने प्रकाशित किया, के अनुसार यह मामला 19 अगस्त को तब सामने आया, जब बच्ची के परिवार ने उसके निजी अंगों पर चोट के निशान देखे। पूछने पर बच्ची ने अपनी मां को स्कूल के एक “गंदे अंकल” के बारे में बताया, जो उसे चॉकलेट दिया करता था। इसके बाद परिवार ने स्कूल से संपर्क किया।
तस्वीरों और CCTV से हुई पहचान
पुलिस के अनुसार 24 अगस्त को बच्ची को स्कूल की तस्वीरें और CCTV फुटेज दिखाए गए, जिसके बाद उसने आरोपी की पहचान की। उसी दिन बवाना थाने में मामला दर्ज किया गया और आरोपी को स्कूल परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया। इंडिया टुडे के मुताबिक पुलिस का कहना है कि आरोपी ने चॉकलेट देकर बच्ची से दोस्ती की और कई बार उसका यौन शोषण किया।
किन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) की धारा 8, 10 और 21 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 के तहत मामला दर्ज किया है। एक अधिकारी के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर बच्ची के पीछे-पीछे बाथरूम तक गया और वहां उसका यौन शोषण किया। प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ चार बार ऐसा होने की बात सामने आई है।
फोन में मिले वीडियो, SIT गठित
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस के अनुसार फोन में ऐसे वीडियो मिले हैं, जिनमें आरोपी बच्चों को चॉकलेट देता दिखाई देता है। स्कूल परिसर के CCTV फुटेज भी कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेजे जा रहे हैं। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं अन्य बच्चे भी आरोपी के निशाने पर तो नहीं थे।
स्कूलों के लिए पुलिस की एडवाइजरी
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी की। पुलिस ने पाया कि कुछ स्कूल और निजी लोग बिना सत्यापन वाले कर्मचारियों और निजी या गैर-व्यावसायिक वाहनों से बच्चों को लाने-ले जाने का काम करा रहे हैं। एडवाइजरी में कहा गया है:
- स्कूल केवल पुलिस-सत्यापित स्टाफ को ही रखें, जिनमें ड्राइवर, हेल्पर, गार्ड और ग्रुप-डी कर्मचारी शामिल हैं।
- बच्चों के परिवहन के लिए बिना सत्यापन वाले और गैर-व्यावसायिक वाहन न लगाए जाएं, केवल परमिट वाले पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों का इस्तेमाल हो।
- स्कूलों में बैकअप के साथ काम करने वाले CCTV कैमरे हों।
- बच्चों की निगरानी के लिए महिला कर्मचारियों की तैनाती की जाए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने राजधानी में नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों के कई मामलों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि ऐसे मामलों पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया “ठंडी और असंवेदनशील” रही है।
अभिभावक क्या ध्यान रखें
विशेषज्ञ लंबे समय से सलाह देते रहे हैं कि छोटे बच्चों से रोजाना स्कूल के अनुभवों के बारे में बात करें, उन्हें ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में सरल भाषा में समझाएं और व्यवहार में अचानक बदलाव या चोट के निशान को नजरअंदाज न करें। किसी भी शक की स्थिति में तुरंत स्कूल प्रशासन और पुलिस को सूचना दें। बच्चों से जुड़े अपराधों की शिकायत चाइल्डलाइन नंबर 1098 या आपात नंबर 112 पर भी की जा सकती है। पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
यह मामला कहां का है?
यह मामला आउटर-नॉर्थ दिल्ली के बवाना इलाके में पूठ खुर्द स्थित एक निजी स्कूल का है।
मामला कब सामने आया?
पुलिस के अनुसार मामला 19 अगस्त को सामने आया, जब परिवार ने बच्ची के शरीर पर चोट के निशान देखे।
आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
24 अगस्त को बवाना थाने में मामला दर्ज होने के बाद आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया।
किन धाराओं में मामला दर्ज है?
POCSO अधिनियम की धारा 8, 10 और 21 तथा BNS की धारा 74 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने स्कूलों को क्या निर्देश दिए?
स्कूलों से केवल पुलिस-सत्यापित स्टाफ और पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों का इस्तेमाल करने, CCTV चालू रखने और महिला कर्मचारियों की तैनाती करने को कहा गया है।
कवरेज: Manpreet Singh, News Media Kiran
