Top 5 This Week

Related Posts

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से, हेमंत सरकार 24 फरवरी को पेश करेगी बजट, विधायक आज से दे सकेंगे प्रश्न

Jharkhand Politics: झारखंड विधानसभा का पांचवां बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र का संपूर्ण कार्यक्रम जारी कर दिया है। सभी विधायकों को इस संबंध में औपचारिक सूचना भेज दी गई है। विधानसभा सदस्य शुक्रवार 16 जनवरी से ही सदन में अपने प्रश्न दर्ज करा सकेंगे जिससे सत्र की तैयारी औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। यह सत्र राज्य की राजनीति और प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी।

Jharkhand Politics: 18 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत

सत्र के पहले दिन 18 फरवरी को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार विधानसभा को संबोधित करेंगे। राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों और योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। इसमें सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का उल्लेख होता है। इसी दिन शोक प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा जिसमें उन महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि दी जाएगी जिनका निधन हुआ है। इसके बाद सत्र की कार्यवाही नियमित रूप से आगे बढ़ेगी।

सत्र का यह आरंभिक चरण सरकार और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी से सत्र का माहौल और दिशा तय होती है। राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार अपनी दृष्टि और प्राथमिकताएं स्पष्ट करती है।

19 फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस

19 फरवरी को प्रश्नकाल के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा। यह प्रस्ताव परंपरागत रूप से सत्तारूढ़ दल की ओर से लाया जाता है। इस प्रस्ताव पर सदन में विस्तृत वाद विवाद होगा जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी अपनी बात रखेंगे। सत्तारूढ़ दल सरकार की उपलब्धियों और नीतियों की सराहना करेगा जबकि विपक्ष सरकार की कमियों और असफलताओं को उजागर करने का प्रयास करेगा।

यह बहस आमतौर पर काफी जीवंत और तीखी होती है क्योंकि यह विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का पहला बड़ा मौका देती है। राज्यपाल के अभिभाषण में जो भी वादे या दावे किए जाते हैं उन सभी पर विपक्ष गहन जांच करता है।

20 फरवरी को सरकार देगी जवाब और होगा मतदान

Jharkhand Politics: Jharkhand CM Hemant Soren
Jharkhand Politics: Jharkhand CM Hemant Soren

20 फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव पर सरकार की ओर से जवाब दिया जाएगा। आमतौर पर मुख्यमंत्री या उनकी ओर से नामित कोई वरिष्ठ मंत्री विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का उत्तर देते हैं। इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर मतदान कराया जाएगा। चूंकि सत्तारूढ़ गठबंधन के पास बहुमत है इसलिए यह प्रस्ताव पारित होना तय है।

इसी दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी भी सदन के पटल पर रखी जाएगी। अनुपूरक व्यय विवरणी में उन अतिरिक्त खर्चों का ब्यौरा होता है जो मूल बजट में प्रावधानित नहीं थे लेकिन परिस्थितियों के कारण आवश्यक हो गए।

21 और 22 फरवरी को अवकाश

21 और 22 फरवरी को विधानसभा की कार्यवाही नहीं होगी। यह अवकाश विधायकों और सरकारी तंत्र दोनों को बजट की तैयारी और अन्य कार्यों के लिए समय देता है। इस दौरान विभिन्न दलों की आंतरिक बैठकें भी हो सकती हैं।

23 फरवरी को अनुपूरक बजट पर चर्चा

23 फरवरी को तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें विपक्ष सरकार से सवाल करेगा कि मूल बजट में प्रावधान क्यों नहीं किया गया और अतिरिक्त खर्च की क्या आवश्यकता पड़ी। चर्चा के बाद मतदान होगा और संबंधित विनियोग विधेयक का उपस्थापन एवं पारण किया जाएगा। विनियोग विधेयक सरकार को संचित निधि से धन निकालने की कानूनी अनुमति देता है।

24 फरवरी को पेश होगा मुख्य बजट

24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जो वित्त विभाग भी संभालते हैं बजट पेश करेंगे। इस बजट में सरकार की आगामी वर्ष की आय और व्यय का पूरा ब्यौरा होगा। विभिन्न विभागों के लिए आवंटन योजनाओं के लिए धन और राजस्व जुटाने के उपाय घोषित किए जाएंगे।

यह बजट विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह हेमंत सोरेन की वापसी के बाद पहला पूर्ण बजट होगा। जनता और विपक्ष दोनों इस बात पर नजर रखेंगे कि सरकार किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देती है और चुनावी वादों को पूरा करने के लिए क्या प्रावधान करती है।

25 फरवरी से बजट पर सामान्य चर्चा

25 फरवरी से बजट पर सामान्य वाद विवाद शुरू होगा। इसमें विभिन्न दलों के विधायक सरकार की वित्तीय नीतियों पर अपनी राय रखेंगे। सत्तारूढ़ दल के सदस्य बजट की सराहना करेंगे और इसे जनहितकारी बताएंगे जबकि विपक्ष इसकी कमियों को उजागर करेगा। यह चर्चा कई दिनों तक चल सकती है और इसमें व्यापक मुद्दों पर बहस होती है।

26 और 27 फरवरी को अनुदान मांगों पर चर्चा

26 और 27 फरवरी को विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान प्रस्तावित है। हर विभाग के लिए आवंटित धन पर अलग से चर्चा होती है। विधायक संबंधित विभाग के काम और खर्च पर सवाल उठा सकते हैं। मंत्री इन सवालों के जवाब देते हैं। इसके बाद मतदान होता है और अनुदान मांगें पारित की जाती हैं।

28 फरवरी से 8 मार्च तक होली अवकाश

28 फरवरी से 8 मार्च तक होली और अन्य पर्व त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अवकाश रहेगा। यह लंबा विराम विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाने और जनता से संपर्क करने का अवसर देगा। इस दौरान कोई सदन की कार्यवाही नहीं होगी।

9 से 13 मार्च तक अनुदान मांगों पर विचार

9 मार्च से 13 मार्च तक अलग अलग तिथियों में प्रश्नकाल के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की अनुदान मांगों पर वाद विवाद सरकार का उत्तर और मतदान कराया जाएगा। यह प्रक्रिया बजट को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सभी विभागों की मांगों पर गहन चर्चा होगी।

14 और 15 मार्च को पुनः अवकाश

14 और 15 मार्च को फिर से अवकाश रहेगा। यह सप्ताहांत अवकाश होगा जो विधायकों और अधिकारियों को आराम और तैयारी का समय देगा।

16 और 18 मार्च को विनियोग विधेयक और अन्य कार्य

16 और 18 मार्च को अनुदान मांगों पर शेष चर्चा के साथ साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के विनियोग विधेयक सदन में लाए जाएंगे। विनियोग विधेयक पारित होने के बाद ही सरकार को बजट में प्रावधानित धन खर्च करने का कानूनी अधिकार मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न राजकीय विधेयकों और अन्य शासकीय कार्यों पर भी विचार किया जाएगा। सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक ला सकती है।

Jharkhand Politics: 19 मार्च को गैर सरकारी संकल्प और समापन

सत्र के अंतिम दिन 19 मार्च को गैर सरकारी संकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे। ये संकल्प विधायकों द्वारा लाए जाते हैं और आमतौर पर जनहित के मुद्दों से संबंधित होते हैं। इसके बाद सत्र का समापन होगा। यह लगभग एक महीने का सत्र होगा जिसमें राज्य की वित्तीय और विधायी कार्यवाही संपन्न होगी।

निष्कर्ष: झारखंड विधानसभा का यह बजट सत्र राज्य की राजनीति और प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। हेमंत सोरेन सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं को सदन के समक्ष रखेगी जबकि विपक्ष इन्हें चुनौती देगा। बजट में की गई घोषणाएं राज्य के विकास की दिशा तय करेंगी। विधायक आज से ही प्रश्न दर्ज करा सकते हैं जो दर्शाता है कि सत्र की तैयारी पूरे जोरों पर है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles