West Bengal News: कलकत्ता यूनिवर्सिटी ने अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए परीक्षाओं और नंबर के नियमों में बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत छात्रों को अब उनकी क्लास अटेंडेंस के आधार पर एग्जाम में नंबर मिलेंगे। हर सेमेस्टर में प्रत्येक पेपर के लिए अटेंडेंस के आधार पर अधिकतम 5 अंक मिल सकते हैं। ये नियम 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे। यूनिवर्सिटी का मकसद छात्रों को नियमित रूप से क्लास में आने के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही इंटरनल असेसमेंट कराने और ग्रेड पॉइंट कैलकुलेट करने के तरीकों में भी बदलाव किए गए हैं। 75 अंकों वाले थ्योरी पेपर में 50 अंक सेमेस्टर एंड परीक्षा के लिए, 20 अंक इंटरनल असेसमेंट के लिए और 5 अंक अटेंडेंस पर आधारित होंगे। ग्रेडिंग सिस्टम में भी नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
West Bengal News: अटेंडेंस के आधार पर अंकों की कैटेगरी
यूनिवर्सिटी ने अटेंडेंस के हिसाब से अंक देने के लिए अलग-अलग कैटेगरी तय की हैं। जिन छात्रों की अटेंडेंस 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत के बीच होगी, उन्हें पांच अंक मिलेंगे। जिनकी अटेंडेंस 80 प्रतिशत या उससे अधिक लेकिन 90 प्रतिशत से कम होगी, उन्हें चार अंक दिए जाएंगे। 75 प्रतिशत या उससे अधिक लेकिन 80 प्रतिशत से कम अटेंडेंस वाले छात्रों को तीन अंक मिलेंगे। 60 प्रतिशत या उससे अधिक लेकिन 75 प्रतिशत से कम अटेंडेंस पर दो अंक दिए जाएंगे। 60 प्रतिशत से कम अटेंडेंस होने पर कोई अंक नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था हर पेपर पर लागू होगी। नियमित हाजिरी रखने वाले छात्रों को फायदा होगा।
इंटरनल असेसमेंट और पेपर का विभाजन
नए नियमों के अनुसार 75 अंकों वाले एक सामान्य थ्योरी पेपर में से 50 अंक सेमेस्टर के अंत में होने वाली परीक्षा के लिए तय किए गए हैं। बाकी बचे 25 अंकों में से 20 अंक इंटरनल असेसमेंट के लिए हैं और 5 अंक अटेंडेंस पर आधारित हैं। इससे अटेंडेंस का महत्व बढ़ गया है। इंटरनल असेसमेंट के तरीकों में भी बदलाव किए गए हैं। छात्रों को अब क्लास में नियमित आने पर अतिरिक्त अंक मिलने की संभावना है। यह बदलाव 2026-27 सत्र से लागू होगा। यूनिवर्सिटी ने छात्रों से आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ने की सलाह दी है।
ग्रेडिंग सिस्टम में बदलाव
यूनिवर्सिटी ने अपनी ग्रेडिंग सिस्टम में भी बदलाव किया है। 90 से 100 प्रतिशत अंक पाने वाले छात्रों को आउटस्टैंडिंग ग्रेड दिया जाएगा। 80 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत से कम अंक पाने वालों को एक्सीलेंट ग्रेड मिलेगा। किसी विषय में क्रेडिट पाने के लिए कुल अंकों का कम से कम 30 प्रतिशत लाना जरूरी है। नए ग्रेडिंग सिस्टम से छात्रों के प्रदर्शन का बेहतर मूल्यांकन होगा। अटेंडेंस अंक मिलने से कुल अंकों पर असर पड़ सकता है। छात्रों को नियमों को अच्छी तरह समझने के लिए कोर्स से जुड़ा आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ना चाहिए।
नए नियमों का मकसद और लागू होने की तारीख
ये नए नियम 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य छात्रों को नियमित रूप से क्लास आने के लिए प्रेरित करना है। अटेंडेंस पर अंक मिलने से पढ़ाई में निरंतरता बढ़ने की उम्मीद है। इंटरनल असेसमेंट और ग्रेडिंग में बदलाव से मूल्यांकन की प्रक्रिया और स्पष्ट हो जाएगी। छात्रों को अपने विभाग या यूनिवर्सिटी वेबसाइट से आधिकारिक सूचना चेक करनी चाहिए। 60 प्रतिशत से कम अटेंडेंस पर अंक न मिलने से कई छात्रों को सावधानी बरतनी पड़ेगी।
कलकत्ता यूनिवर्सिटी ने अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए अटेंडेंस पर अधिकतम 5 अंक देने का नियम लागू किया है। यह 2026-27 सत्र से शुरू होगा। 90 से 100 प्रतिशत हाजिरी पर 5 अंक, 80 से 90 प्रतिशत पर 4 अंक और 60 प्रतिशत से कम पर शून्य अंक मिलेंगे। थ्योरी पेपर में 50 अंक परीक्षा, 20 इंटरनल और 5 अटेंडेंस के होंगे। ग्रेडिंग में आउटस्टैंडिंग और एक्सीलेंट श्रेणियां जोड़ी गई हैं। क्रेडिट के लिए कम से कम 30 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। नियमित क्लास आने वाले छात्रों को फायदा होगा। छात्रों को आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर पढ़ना चाहिए।
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Sanjana Gupta
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