Bihar Politics: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद कैबिनेट विस्तार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं, जहां 7 मई 2026 को गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। JDU कोटे से 11 मंत्री शामिल होंगे, जिनमें पुराने और नए चेहरों का संतुलन देखने को मिलेगा। यह विस्तार सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। राजनीतिक रूप से यह कदम NDA की मजबूती और सरकार के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा है।
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Covid-19 Cases in India: भारत में कोविड-19 के मामलों में तेजी देखी जा रही है, जिसमें चंडीगढ़ ने अपनी पहली कोविड से संबंधित मौत दर्ज की। देशभर में सक्रिय कोविड मामले 1,000 से अधिक हो गए हैं, विशेष रूप से केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में वृद्धि चिंताजनक है। नए ओमिक्रॉन उप-वेरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 के उभरने से स्वास्थ्य विशेषज्ञ सतर्क हैं। आइए, ताजा स्थिति को समझें।
चंडीगढ़ में पहली कोविड मौत
चंडीगढ़ में 40 वर्षीय एक व्यक्ति, जो उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला था, ने कोविड-19 के कारण दम तोड़ दिया। लुधियाना से स्थानांतरित यह मरीज गंभीर सांस की तकलीफ के साथ चंडीगढ़ के जीएमसीएच सेक्टर 32 में भर्ती हुआ था। जांच में कोविड पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे आइसोलेशन में रखा गया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मरीज में कोई अन्य बीमारी नहीं थी, जिससे मौजूदा वेरिएंट की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।
केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र में बढ़ते मामले
केरल में 430 सक्रिय मामले हैं, जो देश में सबसे ज्यादा हैं। महाराष्ट्र में 210 और दिल्ली में 104 मामले दर्ज किए गए हैं। कर्नाटक में 28 मई को 40 नए मामले सामने आए, जिससे सक्रिय मामलों की संख्या 126 हो गई। बेंगलुरु में अधिकांश मामले हल्के लक्षणों जैसे गले में खराश और थकान के साथ सामने आए हैं। कर्नाटक में हाल ही में एक 70 वर्षीय व्यक्ति की बेलगावी में कोविड से मृत्यु हुई, जो इस साल की दूसरी मौत थी।
Covid-19 Cases in India: नए वेरिएंट से कितना है खतरा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने NB.1.8.1 और LF.7 को ‘वेरिएंट्स अंडर मॉनिटरिंग’ के तौर पर चिह्नित किया है। ये वेरिएंट तेजी से फैल रहे हैं, लेकिन अभी इन्हें गंभीर खतरे के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। राजस्थान में भी इन वेरिएंट्स के दो-दो मामले पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में पुष्टि हुए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हल्के लक्षणों के बावजूद सावधानी बरतना जरूरी है।
बचाव के उपाय, क्या करें?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से मास्क पहनने, हाथ धोने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। वैक्सीनेशन, खासकर बूस्टर डोज, को गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका बताया गया है। दिल्ली और उत्तराखंड जैसे राज्यों ने सतर्कता बढ़ा दी है, जबकि केरल में सबसे ज्यादा मामले होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
Covid-19 Cases in India: क्या होगी आगे की राह?
भारत में कोविड-19 अब मौसमी बीमारी की तरह व्यवहार कर रहा है, जिसमें गर्मी और सर्दी में उछाल देखा जा सकता है। हालांकि अस्पताल में भर्ती होने की दर कम है, लेकिन बढ़ते मामलों ने सतर्कता की जरूरत को रेखांकित किया है। लोग मास्क और वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक रहें, ताकि इस उछाल को नियंत्रित किया जा सके।