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Uttarakhand News: उत्तराखंड में फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट पर सीएम धामी से मिले युवा इनोवेटर रवि टम्टा

3 सितंबर 2026
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Uttarakhand News: देहरादून के मुख्यमंत्री आवास में बुधवार को युवा नवोन्मेषक और स्टार्टअप उद्यमी रवि टम्टा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले। मुलाकात में उन्होंने फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट की तकनीकी जानकारी, अब तक की प्रगति और आगे की कार्ययोजना बताई।

मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना की। उद्योग सचिव को नियमानुसार शासकीय सहयोग और सहायता देने के निर्देश दिए गए। धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा और तकनीकी क्षमता है। सरकार नए विचारों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग देने को तैयार है। प्रोटोटाइप उड़ान या समयसीमा का कोई नया आंकड़ा इस मुलाकात में जारी नहीं हुआ।

Uttarakhand News: मुख्यमंत्री आवास में क्या चर्चा हुई

रवि टम्टा ने परियोजना की मौजूदा स्थिति रखी। तकनीकी पक्ष और आगामी योजना का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने नवाचार को राज्य की संभावना से जोड़ा। बैठक मुख्यमंत्री आवास में हुई। प्रेस नोट से आगे का विस्तृत तकनीकी दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया गया।

सीएम धामी ने युवा नवाचार पर क्या कहा

धामी ने कहा कि राज्य के युवा तकनीकी प्रयोग कर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों का उन्होंने नाम लिया। ऐसे प्रयोग रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकते हैं। यह सामान्य प्रोत्साहन वाला संदेश रहा। अलग बजट राशि का ऐलान नहीं हुआ।

Uttarakhand News: उद्योग विभाग को क्या निर्देश मिले

मुख्यमंत्री ने सचिव उद्योग को स्टार्टअप को नियमानुसार मदद देने को कहा। सहयोग का स्वरूप नियम के दायरे में रहेगा। कितनी राशि या कौन सा पार्क मिलेगा यह स्पष्ट नहीं किया गया। निर्देश प्रशासनिक स्तर पर अमल की प्रतीक्षा में हैं।

रवि टम्टा का प्रोजेक्ट किस स्तर पर है

उद्यमी ने बताया कि वे फ्लाइंग कार पर लगातार काम कर रहे हैं। इसे आगे विकसित करने के प्रयास जारी हैं। उड़ान परीक्षण की तारीख, सीट क्षमता या इंजन का ब्योरा इस खबर में नहीं दिया गया। इसलिए तैयार उत्पाद मानकर खबर न पढ़ें। यह विकास चरण की मुलाकात है।

Uttarakhand News: उत्तराखंड में स्टार्टअप सहयोग का संदर्भ

पहाड़ी राज्य में युवा उद्यम को सरकार मंच देती रही है। इस मुलाकात को उसी कड़ी में रखा गया। एयरोस्पेस और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भविष्य के क्षेत्र बताया गया। पंजीकरण, परीक्षण अनुमति और नागरिक उड्डयन नियम केंद्र के दायरे में आते हैं। राज्य सहयोग उसी सीमा तक जा सकता है जहां नियम अनुमति दें।

फ्लाइंग कार शब्द का व्यावहारिक मतलब

फ्लाइंग कार हवाई और सड़क दोनों चलने वाले वाहन का दावा होता है। भारत में ऐसे प्रोटोटाइप पर कई निजी समूह काम करते बताए जाते हैं। प्रमाणन लंबा होता है। इस रिपोर्ट में रवि टम्टा के वाहन का मॉडल नाम या तस्वीर विनिर्देश नहीं दिए गए। सराहना परियोजना के प्रयास की है, व्यावसायिक लॉन्च की नहीं।

रोजगार और आत्मनिर्भरता का दावा कहां तक जाता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचार रोजगार खोल सकता है। कितने पद बनेंगे यह आंकड़ा नहीं आया। स्टार्टअप को मदद मिली तो डिजाइन, कंपोजिट और सॉफ्टवेयर वाली छोटी टीम बढ़ सकती है। बड़ा कारखाना तभी संभव है जब उड़ान मंजूरी और निवेश दोनों ठोस हों। अभी आश्वासन निर्देश तक सीमित है।

Uttarakhand News: आगे की नजर किस पर रहेगी

उद्योग सचिव कितनी जल्दी फाइल उठाते हैं यही अगला पड़ाव है। उद्यमी प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करें तो तस्वीर साफ होगी। नागरिक उड्डयन नियमों के बिना सड़क पर उड़ने वाली कार का दावा अधूरा रहता है। राज्य सरकार का सहयोग भूमि, इन्क्यूबेशन या मार्गदर्शन तक सिमट सकता है।

देहरादून में रवि टम्टा ने मुख्यमंत्री धामी को फ्लाइंग कार परियोजना दिखाई। सराहना मिली और उद्योग सचिव को नियमानुसार मदद के निर्देश दिए गए। युवा नवाचार, ड्रोन और एयरोस्पेस का जिक्र रहा। उड़ान तारीख, बजट और प्रमाणन का ब्योरा नहीं आया। परियोजना विकास चरण में है। अमल विभाग की फाइल और उद्यमी की अगली रिपोर्ट पर टिका है। राज्य की नजर सहयोग के कागजी रूप पर रहेगी।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

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News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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