धनबाद की हीरापुर हटिया में 450 दुकानों पर चलेगा बुलडोजर, बनेंगी 1000 नई पक्की दुकानें
By Sanjna Gupta | News Media Kiran
प्रकाशित: · 5 मिनट में पढ़ें
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मुख्य बातें
हीरापुर हटिया में 450 दुकानों पर बुलडोजर क्यों चलेगा?
1000 नई दुकानें कैसे बनेंगी और योजना का खाका क्या है?
नगर निगम बोर्ड बैठक में और क्या फैसले हुए?
दुकानदारों और व्यापारियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
1 घंटे पहले
Dhanbad News
Dhanbad News: धनबाद नगर निगम बोर्ड की बैठक में हीरापुर हटिया क्षेत्र में फैली लगभग 450 अस्थाई दुकानों को तोड़कर उनकी जगह एक हजार स्थाई और आधुनिक दुकानें बनाने का फैसला लिया गया है। मेयर संजीव सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। करीब दो एकड़ जमीन पर बनी इन दुकानों में से कई शेड के अंदर चल रही हैं। नगर निगम का मकसद पुराने और अस्थाई ढांचे को हटाकर एक व्यवस्थित व्यावसायिक मार्केट विकसित करना है।
यह निर्णय शहर के आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। अस्थाई दुकानें लंबे समय से यातायात और जल निकासी जैसी समस्याओं का कारण बन रही थीं। नई योजना के तहत पूरे क्षेत्र को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा।
हीरापुर हटिया में 450 दुकानों पर बुलडोजर क्यों चलेगा?
हीरापुर हटिया नगर निगम की जमीन पर बनी अस्थाई दुकानों का क्षेत्र है। यहां कई दुकानें टीन शेड या अस्थाई ढांचे में चल रही हैं। ये दुकानें वर्षों से वहां हैं, लेकिन इनका स्वरूप आधुनिक नहीं है। सड़क किनारे और शेड के अंदर फैली ये दुकानें यातायात जाम, जलभराव और स्वच्छता संबंधी समस्याएं पैदा करती रही हैं।
नगर निगम बोर्ड ने महसूस किया कि अस्थाई ढांचे को जारी रखने से शहर का व्यावसायिक क्षेत्र अव्यवस्थित बना रहेगा। इसलिए इन्हें तोड़कर पक्की और व्यवस्थित दुकानें बनाने का निर्णय लिया गया। मेयर संजीव सिंह की अध्यक्षता वाली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई विकास के लिए है, न कि केवल अतिक्रमण हटाने के लिए।
1000 नई दुकानें कैसे बनेंगी और योजना का खाका क्या है?
बोर्ड ने फैसला किया है कि 450 अस्थाई दुकानों को हटाने के बाद उसी जगह पर एक हजार आधुनिक और स्थाई दुकानें बनाई जाएंगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का जिम्मा झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (जूडको) को सौंपा गया है। जूडको से DPR आने के बाद काम शुरू होगा।
योजना के अनुसार पूरा हीरापुर हटिया क्षेत्र तीन अलग-अलग चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में कुछ हिस्से को तोड़ा और नया निर्माण किया जाएगा, ताकि व्यापार पूरी तरह बाधित न हो। नई दुकानें पक्की होंगी और इनमें बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। इससे दुकानदारों को स्थायी जगह मिलने की उम्मीद है और क्षेत्र का स्वरूप भी बदल जाएगा।
नगर निगम बोर्ड बैठक में और क्या फैसले हुए?
बुधवार को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में सिर्फ हीरापुर हटिया का मुद्दा नहीं था। बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई अन्य प्रस्ताव भी पारित हुए। इनमें 103 पब्लिक शौचालयों के निर्माण का फैसला शामिल है। इसके अलावा दामोदर रिवरफ्रंट विकास योजना की DPR तैयार कराने, कतरास के लिलोरी स्थान पर अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाने और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
मेयर संजीव सिंह ने कहा कि नगर निगम धनबाद को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में 39 योजनाओं को मंजूरी और 50 योजनाओं को समय विस्तार दिया गया। हीरापुर मार्केट का पुनर्विकास इन्हीं बड़ी योजनाओं का हिस्सा है। बोर्ड ने टेंडर प्रक्रिया में भी कुछ नए नियम लागू करने का फैसला लिया है।
दुकानदारों और व्यापारियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
अस्थाई दुकानें तोड़ने से मौजूदा दुकानदारों को अस्थायी असुविधा हो सकती है। नगर निगम का दावा है कि नई दुकानें बनने के बाद उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी और अधिक संख्या में जगह उपलब्ध होगी। फिलहाल DPR तैयार होने और तीन चरणों में काम शुरू होने तक कुछ समय लग सकता है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि उन्हें नई व्यवस्था में शामिल करने की स्पष्ट योजना बताई जानी चाहिए। पहले भी हीरापुर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें दुकानदारों ने विरोध जताया था। इस बार नगर निगम ने विकास का पहलू सामने रखा है। दुकानदारों को सलाह दी जा रही है कि वे नगर निगम से संपर्क करके नई योजना की जानकारी ले लें।
योजना पूरी होने के बाद क्या बदलाव आएंगे?
जब 1000 नई दुकानें बनकर तैयार हो जाएंगी तो हीरापुर हटिया का पूरा स्वरूप बदल जाएगा। अस्थाई शेड की जगह पक्की और व्यवस्थित दुकानें होंगी। इससे यातायात सुगम होने, जल निकासी बेहतर होने और क्षेत्र की सफाई में सुधार की उम्मीद है। नगर निगम का मानना है कि इससे राजस्व भी बढ़ेगा क्योंकि स्थाई दुकानों से नियमित किराया और अन्य शुल्क मिलेंगे।
शहर के अन्य बाजारों के लिए भी यह मॉडल बन सकता है। जूडको द्वारा तैयार DPR में लागत, समय सीमा और डिजाइन की पूरी जानकारी होगी। नगर निगम ने कहा है कि काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि आम लोगों और व्यापारियों पर कम से कम असर पड़े। धनबाद को बेहतर व्यावसायिक शहर बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि जूडको से DPR आने के बाद विस्तृत कार्यक्रम सार्वजनिक किया जाएगा। दुकानदारों और आम नागरिकों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें। हीरापुर हटिया का यह पुनर्विकास शहर के पुराने व्यावसायिक क्षेत्रों को नया रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.
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