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रोहित और विराट की चमक से भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दी करारी शिकस्त, सीरीज से मिली कई सीखें

टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत में रोहित शर्मा और विराट कोहली की शानदार पारियों का अहम योगदान रहा। दोनों अनुभवी बल्लेबाजों ने अपने चिर-परिचित अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया। भारत ने 237 रन के लक्ष्य को मात्र 38.3 ओवर में हासिल कर सीरीज का अंत यादगार अंदाज में किया।

रोहित-कोहली की दमदार साझेदारी

रोहित शर्मा ने 125 गेंदों पर नाबाद 121 रन बनाए, जिसमें 13 चौके और तीन छक्के शामिल थे। वहीं, विराट कोहली ने 81 गेंदों पर नाबाद 74 रन की नियंत्रित लेकिन आकर्षक पारी खेली। दोनों के बीच 168 रनों की नाबाद साझेदारी ने टीम इंडिया को जीत तक पहुंचाया। इस पारी के साथ रोहित ने न केवल आलोचकों को जवाब दिया, बल्कि टीम में अपनी अपरिहार्यता भी साबित की।

इस सीरीज में भारतीय टीम को जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति काफी खली। तेज गेंदबाजी आक्रमण में वह नेतृत्व नहीं दिखा, जिसकी टीम को जरूरत थी। मोहम्मद सिराज और अन्य गेंदबाज प्रयासरत रहे, लेकिन बुमराह जैसी धार देखने को नहीं मिली। टीम मैनेजमेंट को अब भविष्य की सीरीजों में इस कमी को दूर करने पर ध्यान देना होगा।

शुभमन गिल का खराब फॉर्म

वनडे कप्तान शुभमन गिल के लिए यह सीरीज उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। तीनों मैचों में वह अर्धशतक तक नहीं पहुंच पाए, जिससे टीम की शुरुआत कमजोर रही। चूंकि गिल ओपनर की भूमिका निभाते हैं, उनसे लम्बी पारियों की उम्मीद रहती है। उन्हें आने वाले टूर्नामेंट में बल्ले से निरंतरता लानी होगी।

भले ही चयन को लेकर इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों पर चर्चाएं होती रहती हैं, लेकिन टीम का संतुलन अब भी उनके इर्द-गिर्द घूमता है। विराट कोहली और रोहित शर्मा न केवल टीम के स्तंभ हैं बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी हैं। उनकी मौजूदगी टीम में आत्मविश्वास और स्थिरता का भाव लाती है।

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टीम इंडिया का लोअर मिडिल ऑर्डर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नितीश रेड्डी और हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों से अपेक्षा थी कि वे बल्ले से टीम को मजबूती देंगे, लेकिन प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। आने वाले टूर्नामेंट से पहले इस हिस्से को मजबूत करना जरूरी है ताकि टीम हर परिस्थिति में मुकाबला कर सके।

Vaibhav tiwari
Author: Vaibhav tiwari

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