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रोहतक में धरती डोली: 3.3 तीव्रता का भूकंप, शहर से 17 किमी दूर था केंद्र

रोहतक – हरियाणा के रोहतक जिले और आसपास के इलाकों में रविवार दोपहर को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.3 मापी गई। इसका केंद्र रोहतक शहर से करीब 17 किलोमीटर दूर था। अच्छी बात यह है कि इस भूकंप से किसी तरह का नुकसान या जान-माल की हानि की कोई खबर नहीं आई है।

भूकंप कब और कहां आया?

भूकंप रविवार को दोपहर करीब 12:13 बजे आया। एनसीएस ने बताया कि भूकंप का केंद्र रोहतक में था और यह धरती के बहुत कम गहराई पर, सिर्फ 5 किलोमीटर नीचे हुआ। क्योंकि गहराई कम थी, इसलिए झटके आसपास के इलाकों में अच्छे से महसूस हुए। रोहतक के अलावा दिल्ली से सटे कुछ हिस्सों और आसपास के गांवों में भी लोगों ने हल्की कंपन महसूस की।लोगों ने बताया कि घर में रखी चीजें हिलीं, पंखे डोलने लगे और कुछ लोग घबराकर बाहर निकल आए। लेकिन चूंकि तीव्रता कम थी, इसलिए ज्यादा डरने वाली बात नहीं हुई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया शेयर की और कहा कि झटके कुछ सेकंड ही चले।

लोगों की प्रतिक्रिया क्या थी?

रोहतक शहर और आसपास के इलाकों जैसे खरखौदा, सम्पला और कलानौर में लोग अचानक आए झटकों से सहम गए। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “दोपहर का समय था, मैं घर पर बैठा था कि अचानक जमीन हिलने लगी। पहले तो समझ नहीं आया, लेकिन फिर पता चला कि भूकंप है।” कई परिवार बाहर सड़क पर आ गए, लेकिन कुछ मिनट बाद सब सामान्य हो गया। स्कूलों और ऑफिसों में भी लोगों ने झटके महसूस किए, लेकिन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। दिल्ली से करीब 51 किलोमीटर दूर होने के कारण दिल्ली के कुछ पश्चिमी हिस्सों में भी हल्के झटके महसूस होने की खबरें आईं। लोग भूकंप ऐप पर अपनी रिपोर्ट दर्ज करा रहे हैं, जिससे वैज्ञानिकों को ज्यादा जानकारी मिल रही है।

क्यों आते हैं हरियाणा में भूकंप?

हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जोन में आता है। यहां कई फॉल्ट लाइनें हैं, जैसे महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट, दिल्ली-सरगोधा रिज और सोहना फॉल्ट। हिमालय की प्लेटें धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं, जिससे यहां तनाव बनता है और छोटे-मोटे भूकंप आते रहते हैं।वैज्ञानिकों का कहना है कि 3.3 तीव्रता वाला भूकंप हल्का होता है। रिक्टर स्केल पर 3 से कम तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर सिर्फ महसूस होते हैं, लेकिन नुकसान नहीं करते। फिर भी, ऐसे झटके हमें याद दिलाते हैं कि हमें तैयार रहना चाहिए। रोहतक में पहले भी कई बार छोटे भूकंप आ चुके हैं, जैसे सितंबर 2025 में सोनीपत के पास 3.4 तीव्रता का भूकंप।

भूकंप आने पर क्या करें?

भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है, जिसकी पहले से भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। लेकिन हम सुरक्षित रहने के लिए कुछ आसान उपाय कर सकते हैं:

. अगर घर में हैं तो मेज के नीचे छिप जाएं, सिर को हाथों से ढकें।

. बाहर हैं तो खुले मैदान में जाएं, इमारतों या पेड़ों से दूर रहें।

. भूकंप रुकने के बाद गैस और बिजली चेक करें।

. बच्चों को स्कूल में ड्रिल सिखाई जाती है, घर पर भी अभ्यास करें।

सरकार और एनसीएस लोगों को जागरूक कर रही है। ‘भूकंप’ ऐप डाउनलोड करके आप भी रिपोर्ट कर सकते हैं और अलर्ट पा सकते हैं।

निष्कर्ष :

यह भूकंप हालांकि छोटा था, लेकिन यह हमें सतर्क करता है कि हम भूकंप जोन में रहते हैं। रोहतक और हरियाणा के लोग पहले भी ऐसे झटकों का सामना कर चुके हैं और हर बार सुरक्षित रहे हैं। अच्छी बात यह है कि इस बार भी कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए। मजबूत मकान बनवाएं, आपातकालीन किट रखें और परिवार के साथ योजना बनाएं। प्रकृति के सामने हम छोटे हैं, लेकिन सावधानी से बड़ा खतरा भी टाल सकते हैं। उम्मीद है कि आगे ऐसे झटके न आएं और सब सुरक्षित रहें।

PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

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