- नई दिल्ली: हरियाणा में घने कोहरे के कारण रविवार सुबह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तीन बड़ी दुर्घटनाएं हुईं, जिससे हाईवे पर वाहनों की लाइन लग गई। इन दुर्घटनाओं में बसें, ट्रक और कारें शामिल थीं, जिनमें कई लोग घायल हुए। सबसे बड़ी दुर्घटना रोहतक के महम इलाके में 152 डी हाईवे चौराहे पर हुई, जहां 35 से 40 वाहनों की आपस में भिड़ंत हो गई। इसमें कई लोग घायल हो गए। यह हादसा तब शुरू हुआ जब एक ट्रक और एक कार आपस में टकरा गए, जिसके बाद पीछे आ रहे वाहनों की लंबी श्रृंखला एक-दूसरे से टकराती चली गई।
घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के एक वीडियो में एक ट्रक बुरी तरह से पिचक गया था और लोग उसमें फंसे लोगों को निकालने की जल्दी कर रहे थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी राहत कार्य में जुटे हुए थे।
हिसार और रेवाड़ी में भी हुई दुर्घटनाएं

रोहतक की घटना से पहले भी रविवार सुबह राज्य में दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाएं हुईं। सुबह करीब 8 बजे, नेशनल हाईवे 52 पर धिकताना मोड़ा के पास दो रोडवेज बसें अन्य वाहनों से टकरा गईं। वाहनों का यह ढेर तब लगा जब कैथल रोडवेज की एक बस एक डम्पर ट्रक से टकरा गई। पीछे से आ रही एक और बस इन दोनों से टकरा गई, जिसके बाद एक कार और फिर एक मोटरसाइकिल भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
ऐसे ही रेवाड़ी में नेशनल हाईवे 352 पर भी कम विजिबिलिटी के कारण करीब तीन से चार बसों की जोरदार टक्कर हुई। घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
IMD ने पहले ही जारी की हुई है चेतावनी

हरियाणा पिछले कुछ दिनों से भीषण शीत लहर की चपेट में है। राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही राज्य के लिए शीत लहर का अलर्ट जारी किया था। IMD ने चेतावनी दी थी और यात्रियों को सलाह दी थी कि वे कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों में गाड़ी चलाते समय कम-बीम हेडलाइट्स का उपयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
निष्कर्ष:
घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण हरियाणा के रोहतक, हिसार और रेवाड़ी में एक ही सुबह कई बड़े सड़क हादसे हुए, जिनमें दर्जनों वाहन आपस में टकरा गए और कई लोग घायल हो गए। सबसे गंभीर दुर्घटना रोहतक के महम क्षेत्र में 152डी हाईवे पर हुई, जहां 35–40 वाहनों की भिड़ंत से लंबा जाम लग गया। शीत लहर और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच IMD की चेतावनियों के बावजूद लापरवाही और तेज रफ्तार इन हादसों की बड़ी वजह बनी। यह घटनाएं खराब मौसम में सतर्क ड्राइविंग, सुरक्षित दूरी और प्रशासनिक सतर्कता की गंभीर आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।



